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Farrukhabad News: छ़ुट्टी न देने के आरोप की जांच करने पहुंचे डीआईजी जेल
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फर्रुखाबाद। सीने में दर्द के बाद वार्डन की मौत पर छुट्टी नहीं देने के आरोपों की प्रभारी डीआईजी जेल ने जांच की। वार्डन के परिजनों से पूरे मामले में बातचीत की। वहीं कई अन्य जेल वार्डन के बयान भी दर्ज किए।
जिला जेल में तैनात वार्डन जगदीश प्रसाद के बुधवार की शाम को सीने में दर्द हुआ। परिजन व स्टॉफ के लोग जगदीश प्रसाद को नर्सिंग होम लेकर गए। डॉक्टर ने जांच कराने के लिए कहा। जांच के दौरान जगदीश की हालत बिगड़ गई। परिजन उनको लोहिया अस्पताल लेकर गए, वहां डॉक्टर ने वार्डन को मृत घोषित कर दिया। जानकारी होने पर 25 से अधिक वार्डन लोहिया अस्पताल पहुंचे। जेल अधीक्षक भीमसेन पर छुट्टी नहीं देने व अत्याचार करने का आरोप लगाकर बयानबाजी की। जेल वार्डन हरीश कुमार, पवन, जितेंद्र ने अवकाश नहीं देने का आरोप लगाया।
गुरुवार को पुलिस ने वार्डन के शव का पोस्टमार्टम कराया। डॉ शोभित शाक्य ने शव का पोस्टमार्टम किया। सूत्रों के मुताबिक पोस्टमार्टम में हार्टअटैक से मौत की पुष्टि हुई। प्रभारी डीआईजी वरिष्ठ अधीक्षक सेंट्रल जेल पीएन पांडेय छुट्टी नहीं देने के आरोपों की जांच करने पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले वार्डन जगदीश प्रसाद की पत्नी व बच्चों से बात की। उनको ढांढस बंधाया। विभाग की ओर से प्रत्येक संभव मदद देने का भरोसा दिया। अवकाश के संबंध में भी जानकारी की। इसके बाद जेल के अन्य वार्डन के भी बयान दर्ज किए। जिला जेल के अधीक्षक भीमसेन मुकुंद ने बताया कि दो वर्ष में किसी को भी अवकाश के लिए परेशान नहीं किया। उन पर लगाए गए आरोप निराधार हैं। वार्डन जगदीश के परिजनों ने कोई आरोप नहीं लगाया है।
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जिला जेल में तैनात वार्डन जगदीश प्रसाद के बुधवार की शाम को सीने में दर्द हुआ। परिजन व स्टॉफ के लोग जगदीश प्रसाद को नर्सिंग होम लेकर गए। डॉक्टर ने जांच कराने के लिए कहा। जांच के दौरान जगदीश की हालत बिगड़ गई। परिजन उनको लोहिया अस्पताल लेकर गए, वहां डॉक्टर ने वार्डन को मृत घोषित कर दिया। जानकारी होने पर 25 से अधिक वार्डन लोहिया अस्पताल पहुंचे। जेल अधीक्षक भीमसेन पर छुट्टी नहीं देने व अत्याचार करने का आरोप लगाकर बयानबाजी की। जेल वार्डन हरीश कुमार, पवन, जितेंद्र ने अवकाश नहीं देने का आरोप लगाया।
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गुरुवार को पुलिस ने वार्डन के शव का पोस्टमार्टम कराया। डॉ शोभित शाक्य ने शव का पोस्टमार्टम किया। सूत्रों के मुताबिक पोस्टमार्टम में हार्टअटैक से मौत की पुष्टि हुई। प्रभारी डीआईजी वरिष्ठ अधीक्षक सेंट्रल जेल पीएन पांडेय छुट्टी नहीं देने के आरोपों की जांच करने पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले वार्डन जगदीश प्रसाद की पत्नी व बच्चों से बात की। उनको ढांढस बंधाया। विभाग की ओर से प्रत्येक संभव मदद देने का भरोसा दिया। अवकाश के संबंध में भी जानकारी की। इसके बाद जेल के अन्य वार्डन के भी बयान दर्ज किए। जिला जेल के अधीक्षक भीमसेन मुकुंद ने बताया कि दो वर्ष में किसी को भी अवकाश के लिए परेशान नहीं किया। उन पर लगाए गए आरोप निराधार हैं। वार्डन जगदीश के परिजनों ने कोई आरोप नहीं लगाया है।
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