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डायरिया ने ली बच्चे की जान
अमर उजाला ब्यूरो फर्रुखाबाद
Updated Sat, 14 May 2016 11:59 PM IST
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बालक की मौत के बाद बिलखते परिजन।
- फोटो : अमर उजाला
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तहसील क्षेत्र के ललई गांव में डायरिया की चपेट में आने से एक बालक की मौत हो गई। इससे परिजनों में कोहराम मच गया।
उक्त गांव निवासी वीरेश उर्फ भूरे का दो वर्षीय पुत्र अनुज शुक्रवार को डायरिया की चपेट में आ गया। अनुज की मां प्रीती ने गांव के ही एक डॉक्टर से उसे दवा दिलाई। मगर देर रात उसकी हालत अचानक और बिगड़ गई। आनन-फानन में परिजनों ने शनिवार सुबह अनुज को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया। वहां चिकित्सक शिव प्रकाश ने अनुज को मृत घोषित कर दिया।
बच्चे की मौत की खबर सुनते ही मां प्रीती का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। प्रधान अवनीश कुमार ने बताया कि अनुज के पिता की भी तीन माह पहले अचानक बीमार पड़ने से मौत हो गई थी। उन्हाेंने बताया कि तीन दिन पहले गांव के ही राजेश के दो माह के पुत्र हनी को भी डायरिया हो गया और उसे प्राइवेट चिकित्सक से दवा दिलाई गई है।
गांव में चिकनपॉक्स से लगभग आधा सैकड़ा से भी ज्यादा लोग पीड़ित थे। मगर सूचना देने के बावजूद गांव में आज तक स्वास्थ्य टीम नहीं पहुंची। इस संबंध चिकित्साधीक्षक डा. राजीव शाक्य ने बताया कि रविवार को गांव में स्वास्थ्य टीम भेजी जाएगी।
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उक्त गांव निवासी वीरेश उर्फ भूरे का दो वर्षीय पुत्र अनुज शुक्रवार को डायरिया की चपेट में आ गया। अनुज की मां प्रीती ने गांव के ही एक डॉक्टर से उसे दवा दिलाई। मगर देर रात उसकी हालत अचानक और बिगड़ गई। आनन-फानन में परिजनों ने शनिवार सुबह अनुज को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया। वहां चिकित्सक शिव प्रकाश ने अनुज को मृत घोषित कर दिया।
बच्चे की मौत की खबर सुनते ही मां प्रीती का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। प्रधान अवनीश कुमार ने बताया कि अनुज के पिता की भी तीन माह पहले अचानक बीमार पड़ने से मौत हो गई थी। उन्हाेंने बताया कि तीन दिन पहले गांव के ही राजेश के दो माह के पुत्र हनी को भी डायरिया हो गया और उसे प्राइवेट चिकित्सक से दवा दिलाई गई है।
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गांव में चिकनपॉक्स से लगभग आधा सैकड़ा से भी ज्यादा लोग पीड़ित थे। मगर सूचना देने के बावजूद गांव में आज तक स्वास्थ्य टीम नहीं पहुंची। इस संबंध चिकित्साधीक्षक डा. राजीव शाक्य ने बताया कि रविवार को गांव में स्वास्थ्य टीम भेजी जाएगी।
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