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धम्म यात्रा: स्तूप की परिक्रमा कर पूजा अर्चना की
अमर उजाला ब्यूरो/फर्रुखाबाद
Updated Fri, 14 Oct 2016 11:31 PM IST
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संकिसा में बौद्ध स्तूप की परिक्रमा करते भिक्षु।
- फोटो : अमर उजाला
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बौद्ध स्थल संकिसा में शुक्रवार को डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर मिशन भारत की ओर से विशाल बौद्ध दीक्षा समारोह का आयोजन हुआ। इसमें भंतों ने सुबह स्तूप की परिक्रमा कर पूजा अर्चना की। इसके बाद 400 लोगों ने दीक्षा ग्रहण की।
बौद्ध स्थल संकिसा में सुबह भंतों और बौद्ध अनुयायियों ने पवित्र स्तूप की परिक्रमा करने के बाद पूजा अर्चना की। इसके बाद बुद्ध की क्या पहचान, मानव मानव एक समान, जब तक सूरज चांद रहेगा, बौद्ध धर्म का नाम रहेगा, हम घर घर जाएंगे, अंबेडकर दीप जलाएंगे, भगवान बुद्ध की जय हो, बाबा साहब का संदेश, बौद्ध धर्म में करो प्रवेश नारे लगाए।
दोपहर बाद धम्म लोको बुद्ध विहार के मंच पर बौद्ध धर्म की दीक्षा म्यांमार बुद्ध विहार के अध्यक्ष एस नंदा की उपस्थिति में दी गई। आर के नाथ, नोखेलाल, ओंकार नाथ फौजी, जगदेव प्रसाद, संदीप गौतम, रामवकील, आमोद कुमार, एमपी सिंह, नवलेश, शारदा, सुशील कुमार, मंजू, सोनी, रामेश्वर, खागा, शिवराम समेत चार लोगों ने दीक्षा ग्रहण की।
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इस दौरान एस नंदा ने कहा कि अब बौद्ध धर्मी हो गए हो। लोभ लालच, हिंसा मत करना। जो बुद्ध के मार्ग पर चलता है। वह मुधभाषी हो जाता है। बौद्ध धर्म सभी धर्मों का सार है। बाबा साहब अंबेडकर मिशन के तत्वावधान में भंते एस नंदा के नेतृत्व में बौद्ध अनुयायियों ने भिक्षुओं को चीवर दान किया।
इस दौरान रोभित रत्न, अगुलिमाल, भंते अश्वजीत, भंते जगन्नाथ, भंते धम्मपाल, भंते आनंद, भंते ज्ञानेन्द्र, अशोक रत्न, शिवराम बौद्ध, आरडी बौद्ध, नरेन्द्र सिंह मौजूद रहे।
इंसेट
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बौद्ध स्थल संकिसा में सुबह भंतों और बौद्ध अनुयायियों ने पवित्र स्तूप की परिक्रमा करने के बाद पूजा अर्चना की। इसके बाद बुद्ध की क्या पहचान, मानव मानव एक समान, जब तक सूरज चांद रहेगा, बौद्ध धर्म का नाम रहेगा, हम घर घर जाएंगे, अंबेडकर दीप जलाएंगे, भगवान बुद्ध की जय हो, बाबा साहब का संदेश, बौद्ध धर्म में करो प्रवेश नारे लगाए।
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दोपहर बाद धम्म लोको बुद्ध विहार के मंच पर बौद्ध धर्म की दीक्षा म्यांमार बुद्ध विहार के अध्यक्ष एस नंदा की उपस्थिति में दी गई। आर के नाथ, नोखेलाल, ओंकार नाथ फौजी, जगदेव प्रसाद, संदीप गौतम, रामवकील, आमोद कुमार, एमपी सिंह, नवलेश, शारदा, सुशील कुमार, मंजू, सोनी, रामेश्वर, खागा, शिवराम समेत चार लोगों ने दीक्षा ग्रहण की।
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इस दौरान एस नंदा ने कहा कि अब बौद्ध धर्मी हो गए हो। लोभ लालच, हिंसा मत करना। जो बुद्ध के मार्ग पर चलता है। वह मुधभाषी हो जाता है। बौद्ध धर्म सभी धर्मों का सार है। बाबा साहब अंबेडकर मिशन के तत्वावधान में भंते एस नंदा के नेतृत्व में बौद्ध अनुयायियों ने भिक्षुओं को चीवर दान किया।
इस दौरान रोभित रत्न, अगुलिमाल, भंते अश्वजीत, भंते जगन्नाथ, भंते धम्मपाल, भंते आनंद, भंते ज्ञानेन्द्र, अशोक रत्न, शिवराम बौद्ध, आरडी बौद्ध, नरेन्द्र सिंह मौजूद रहे।
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