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करंट से लाइनमैन समेत दो झुलसे
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद
Updated Fri, 22 May 2015 11:42 PM IST
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अलग-अलग स्थानों पर हुई घटनाओं में लाइनमैन समते दो लोग करंट की चपेट में
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आकर झुलस गए। लाइनमैन के साथ हादसा उस समय हुआ जब वह पोल पर चढ़कर लाइन ठीक
कर रहा था कि सप्लाई चालू हो गई। उपखंड के भटासा फीडर पर शुक्रवार सुबह
8.30 बजे एक टावर की बिजली सही करने के लिए पोल पर चढ़े सुबोध उर्फ सुमित
पुत्र विजय द्विवेदी निवासी ग्राम पुरौरी थाना कंपिल को करंट लग गया। इससे
वह बुरी तरह झुलस कर नीचे आ गिरा।
घटना की सूचना ग्रामीणों ने जेई गजेंद्र व विनोद गंगवार को दी। जेई ने पहुंचकर उसे सीएचसी में भर्ती कराया। सुबोध ने बताया कि उसने उपखंड पर तैनात एसएसओ मौधू से शट डाउन लिया था। इसके बाद ही वह पोल पर चढ़ा था। वह हाईटेंशन लाइन के तारों का जंपर बांध रहा था। तभी आपूर्ति शुरू हो गई। करंट से वह झुलस कर पोल से गिर पड़ा। बताया कि वह कई साल से संविदा पर काम कर रहा है। साथी को करंट लगने से अन्य कर्मचारियों में गुस्सा भी था।
हालत नाजुक होने पर डाक्टर ने सुबोध को सैफई रेफर कर दिया। ठेकेदार का कहना था कि वह संविदा पर तैनात नहीं है। सीएचसी में मौजूद कर्मचारियों में चर्चा थी कि सुबोध को एसडीओ ने रखा है। उधर, उपखंड की लाग बुक में घटना से पहले 8.15 बजे भटासा फीडर का शटडाउन अजयपाल नाम के कर्मचारी द्वारा लेना दर्ज था। इसके बाद जब 8.25 पर शट डाउन वापस किया और सप्लाई चालू करने का प्रयास किया गय तो ट्रिपिंग हो गई। माना जा रहा है कि ट्रिपिंग के
पीछे सुबोध का लाइन में काम करना रहा होगा। लागबुक में सुबोध का शट डाउन नहीं चढ़ा था। उपकेंद्र पर तैनात एसएसओ मौधू भी अपनी ड्यूटी पूरी कर घर चला गया। उससे संपर्क करने का प्रयास किया तो उसने फोन ही नहीं उठाया। इस संबंध में एसडीओ जेराम ने मामले की जांच कराने को कहा। बताया कि दोनोें कर्मचारियों के मोबाइल की काल डिटेल के आधार पर ही पता चल सकेगा कि उसने शट डाउन लिया था कि नहीं। बताया कि सुबोध संविदा पर
नहीं है। वह अपनी मर्जी से निजी तौर पर काम करता है। लाइनमैनों की कमी के कारण ग्रामीण क्षेत्रों मेें बिजली के जानकार काम करते रहते हैं। बताया कि उनकी पहली प्राथमिकता सुबोध का इलाज कराना है। उसके बाद जांच करेंगे।
उधर, गुरुवार देर शाम मेरापुर थानाक्षेत्र के गांव नगला मान में टूटे एचटी लाइन के तार की चपेट में आकर सुधीर पुत्र नाहर सिंह गंभीर रूप से झुलस गया था। उसे सीएचसी में भर्ती कराया गया। यहां से डाक्टरों ने उसे लोहिया अस्पताल रेफर कर दिया था।
कई गंवा चुके अंग और जान
पहले भी शटडाउन के बावजूद बिजली चालू हो जाने से चार बिजली कर्मी अपनी जान गंवा चुके हैं। इसके बावजूद कर्मचारियों की लापरवाही जारी है। पूर्व में शट डाउन लेकर पोल पर चढ़कर बिजली ठीक करते समय मुशीर, भगवान सिंह, रवि और बिहारी की मौत हो चुकी है। कमलेश, तेजराम करंट से अंग भंग हो चुके हैं। इसके बावजूद ऐसी घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। आलम यह है कि ग्रामीण क्षेत्रों में काम करने वाले संविदा कर्मी अपने साथ 2-3 अन्य
लड़कों को जोड़कर काम करना शुरू कर देते हैं। लापरवाही के चलते अक्सर हादसे होते हैं। एसडीओ जेराम ने बताया कि वैसे तो शटडाउन उपकेंद्र पर आकर ही लेने का प्रावधान है। लेकिन दूरी और आने जाने में समय लगने के कारण अब लोग फोन पर ही शटडाउन लेकर काम करने लगे हैं। उन्होंने बताया कि जल्द ही वे शटडाउन प्रक्रिया में बदलाव करेंगे।
घटना की सूचना ग्रामीणों ने जेई गजेंद्र व विनोद गंगवार को दी। जेई ने पहुंचकर उसे सीएचसी में भर्ती कराया। सुबोध ने बताया कि उसने उपखंड पर तैनात एसएसओ मौधू से शट डाउन लिया था। इसके बाद ही वह पोल पर चढ़ा था। वह हाईटेंशन लाइन के तारों का जंपर बांध रहा था। तभी आपूर्ति शुरू हो गई। करंट से वह झुलस कर पोल से गिर पड़ा। बताया कि वह कई साल से संविदा पर काम कर रहा है। साथी को करंट लगने से अन्य कर्मचारियों में गुस्सा भी था।
हालत नाजुक होने पर डाक्टर ने सुबोध को सैफई रेफर कर दिया। ठेकेदार का कहना था कि वह संविदा पर तैनात नहीं है। सीएचसी में मौजूद कर्मचारियों में चर्चा थी कि सुबोध को एसडीओ ने रखा है। उधर, उपखंड की लाग बुक में घटना से पहले 8.15 बजे भटासा फीडर का शटडाउन अजयपाल नाम के कर्मचारी द्वारा लेना दर्ज था। इसके बाद जब 8.25 पर शट डाउन वापस किया और सप्लाई चालू करने का प्रयास किया गय तो ट्रिपिंग हो गई। माना जा रहा है कि ट्रिपिंग के
पीछे सुबोध का लाइन में काम करना रहा होगा। लागबुक में सुबोध का शट डाउन नहीं चढ़ा था। उपकेंद्र पर तैनात एसएसओ मौधू भी अपनी ड्यूटी पूरी कर घर चला गया। उससे संपर्क करने का प्रयास किया तो उसने फोन ही नहीं उठाया। इस संबंध में एसडीओ जेराम ने मामले की जांच कराने को कहा। बताया कि दोनोें कर्मचारियों के मोबाइल की काल डिटेल के आधार पर ही पता चल सकेगा कि उसने शट डाउन लिया था कि नहीं। बताया कि सुबोध संविदा पर
नहीं है। वह अपनी मर्जी से निजी तौर पर काम करता है। लाइनमैनों की कमी के कारण ग्रामीण क्षेत्रों मेें बिजली के जानकार काम करते रहते हैं। बताया कि उनकी पहली प्राथमिकता सुबोध का इलाज कराना है। उसके बाद जांच करेंगे।
उधर, गुरुवार देर शाम मेरापुर थानाक्षेत्र के गांव नगला मान में टूटे एचटी लाइन के तार की चपेट में आकर सुधीर पुत्र नाहर सिंह गंभीर रूप से झुलस गया था। उसे सीएचसी में भर्ती कराया गया। यहां से डाक्टरों ने उसे लोहिया अस्पताल रेफर कर दिया था।
कई गंवा चुके अंग और जान
पहले भी शटडाउन के बावजूद बिजली चालू हो जाने से चार बिजली कर्मी अपनी जान गंवा चुके हैं। इसके बावजूद कर्मचारियों की लापरवाही जारी है। पूर्व में शट डाउन लेकर पोल पर चढ़कर बिजली ठीक करते समय मुशीर, भगवान सिंह, रवि और बिहारी की मौत हो चुकी है। कमलेश, तेजराम करंट से अंग भंग हो चुके हैं। इसके बावजूद ऐसी घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। आलम यह है कि ग्रामीण क्षेत्रों में काम करने वाले संविदा कर्मी अपने साथ 2-3 अन्य
लड़कों को जोड़कर काम करना शुरू कर देते हैं। लापरवाही के चलते अक्सर हादसे होते हैं। एसडीओ जेराम ने बताया कि वैसे तो शटडाउन उपकेंद्र पर आकर ही लेने का प्रावधान है। लेकिन दूरी और आने जाने में समय लगने के कारण अब लोग फोन पर ही शटडाउन लेकर काम करने लगे हैं। उन्होंने बताया कि जल्द ही वे शटडाउन प्रक्रिया में बदलाव करेंगे।