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मेला में वसंत पंचमी को निकली गई शोभायात्राएं, हुआ शाही स्नान
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शोभायात्रा में सिर पर कलश लेकर जाती महिलाएं। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : FARRUKHABAD
फर्रुखाबाद। वसंत पंचमी पर मेला रामनगरिया में साधु-संतों ने शोभा यात्राएं निकाली। इसमें नागा साधुओं ने हर-हर गंगे और हर-हर महादेव के जयकारे लगाए। जिस घाट से गंगा यात्रा को होकर जाना था, उस घाट साधुओं की शोभायात्रा के निकलते समय पुलिस कर्मियों ने रोक दिया। इसको लेकर पुलिस कर्मी और साधुओं में विवाद शुरू हो गया। साधुओं का गुस्सा देखकर एसडीएम मौके पर पहुंचे और उनको समझाकर शांत किया। इसके बाद उसी घाट के किनारे से शोभायात्रा एसडीएम ने निकलवाई।
पांचाल घाट गंगा तट पर लगे मेला रामनगरिया में बसंत पंचमी के दिन शोभा यात्राओं की मेले में धूम रही। शोभायात्राओं का जगह स्वागत किया गया। बरगदिया घाट क्षेत्र के स्वामी अवध बिहारी दास के आश्रम से बाबा बालक दास महाराज की अध्यक्षता में शोभायात्रा निकाली गई। यह यात्रा मेला कार्यालय के सामने से होकर गंगा तट पर जा रही थी। गंगा यात्रा के पूजा के स्थान के पास पहुंचने पर पुलिस कर्मियों ने शोभायात्रा को रोक दिया और कहा कि इस स्थान पर गंगा यात्रा व वीआईपी अतिथि बैठे हुए हैं।
इसलिए शोभा यात्रा वहां से नहीं निकलेगी। यह सुनकर साधु नाराज हो गए और उन्होंने कहा कि शोभा यात्रा इसी घाट पर जा कर पूजा अर्चना करेगी। पुलिस व साधुओं के बीच विवाद होने लगा। विवाद को बढ़ता देख कर उप जिलाधिकारी अनिल कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने साधुओं का गुस्सा देखकर उनको शोभायात्रा घाट तक ले जाने की इजाजत देकर शांत किया। एसडीएम ने साधुओं को एक किनारे से शोभा यात्रा को गंगा तट तक पहुंचाया और गंगा यात्रा वहां से उसी स्थान से वापस चली गई।
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साधुओं ने गंगा के तट पर पहुंचकर पूजा अर्चना की और छह नंबर सीढ़ी से होते हुए यात्रा अपने आश्रम लौट गई। वहां प्रसाद वितरण किया गया। इस दौरान महंत विष्णु दास, महंत जगदीश दास, नारायण गुफा, फुलदास, नागा बाबा, लक्ष्मी दास ,कनहारी दास आदि लोग मौजूद रहे। दूसरी शोभायात्रा श्री पंच दशनाम जूना अखाड़ा के अध्यक्ष सत्य गिरी महाराज के नेतृत्व में नागा संतों ने पेशवाई शोभा यात्रा अमैयापुर क्षेत्र से निकाली गई। इस शोभायात्रा में बसंत पंचमी का त्योहार भी हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।
शोभायात्रा में चल रहे साधु संतों व भक्त लोगों को गुलाल लगाकर वसंत ऋतु आने का संदेश दे दिया। साधु संत तलवार व चिमटा लेकर करतब करते हुए ढोल नगाड़ों की धुन पर झूमते रहे। मेला क्षेत्र में होते हुए सांस्कृतिक पंडाल से गुजर कर छठी सीढ़ी पर पहुंचकर गंगा पुत्र मुकेश के घाट पर जाकर पूजा अर्चना की और नागा संतों ने जटाएं खोलकर गंगा में शाही स्नान किया। स्नान के बाद शोभायात्रा के साधु-संत आश्रम लौट गए। इस दौरान नागा बाबा सागर पुरी उर्फ पागल बाबा, झंझट गिरी, शमशान गिरी, योगीराज कौशल गिरी, महंत भानु गिरी आदि सैकड़ों संत मौजूद रहे।
उधर आदर्श क्षेत्र में रुद्र महायज्ञ के लिए कलश यात्रा सत्य स्वरूप महाराज की अध्यक्षता में निकाली गई। इसमें साधु संत पालकी के साथ चल रहे थे। महिलाएं सिर पर कलश रखकर ढोल नगाड़े की धुन पर झूम कर हर हर गंगे, हर हर महादेव के जयकारे लगाती रहीं। चौथी सीड़ी गंगा तट पर पहुंचकर पूजा अर्चना के बाद कलशों में जल भरकर यात्रा अपने क्षेत्र में पहुंची अवधेशानंद ब्रह्मचारी, सुशील मित्र ब्रह्िमचारी, आसाराम शास्त्री, दिनकर शास्त्री, स्वामी सोमवार पुरी आदि साधु संत मौजूद रहे।
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पांचाल घाट गंगा तट पर लगे मेला रामनगरिया में बसंत पंचमी के दिन शोभा यात्राओं की मेले में धूम रही। शोभायात्राओं का जगह स्वागत किया गया। बरगदिया घाट क्षेत्र के स्वामी अवध बिहारी दास के आश्रम से बाबा बालक दास महाराज की अध्यक्षता में शोभायात्रा निकाली गई। यह यात्रा मेला कार्यालय के सामने से होकर गंगा तट पर जा रही थी। गंगा यात्रा के पूजा के स्थान के पास पहुंचने पर पुलिस कर्मियों ने शोभायात्रा को रोक दिया और कहा कि इस स्थान पर गंगा यात्रा व वीआईपी अतिथि बैठे हुए हैं।
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इसलिए शोभा यात्रा वहां से नहीं निकलेगी। यह सुनकर साधु नाराज हो गए और उन्होंने कहा कि शोभा यात्रा इसी घाट पर जा कर पूजा अर्चना करेगी। पुलिस व साधुओं के बीच विवाद होने लगा। विवाद को बढ़ता देख कर उप जिलाधिकारी अनिल कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने साधुओं का गुस्सा देखकर उनको शोभायात्रा घाट तक ले जाने की इजाजत देकर शांत किया। एसडीएम ने साधुओं को एक किनारे से शोभा यात्रा को गंगा तट तक पहुंचाया और गंगा यात्रा वहां से उसी स्थान से वापस चली गई।
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साधुओं ने गंगा के तट पर पहुंचकर पूजा अर्चना की और छह नंबर सीढ़ी से होते हुए यात्रा अपने आश्रम लौट गई। वहां प्रसाद वितरण किया गया। इस दौरान महंत विष्णु दास, महंत जगदीश दास, नारायण गुफा, फुलदास, नागा बाबा, लक्ष्मी दास ,कनहारी दास आदि लोग मौजूद रहे। दूसरी शोभायात्रा श्री पंच दशनाम जूना अखाड़ा के अध्यक्ष सत्य गिरी महाराज के नेतृत्व में नागा संतों ने पेशवाई शोभा यात्रा अमैयापुर क्षेत्र से निकाली गई। इस शोभायात्रा में बसंत पंचमी का त्योहार भी हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।
शोभायात्रा में चल रहे साधु संतों व भक्त लोगों को गुलाल लगाकर वसंत ऋतु आने का संदेश दे दिया। साधु संत तलवार व चिमटा लेकर करतब करते हुए ढोल नगाड़ों की धुन पर झूमते रहे। मेला क्षेत्र में होते हुए सांस्कृतिक पंडाल से गुजर कर छठी सीढ़ी पर पहुंचकर गंगा पुत्र मुकेश के घाट पर जाकर पूजा अर्चना की और नागा संतों ने जटाएं खोलकर गंगा में शाही स्नान किया। स्नान के बाद शोभायात्रा के साधु-संत आश्रम लौट गए। इस दौरान नागा बाबा सागर पुरी उर्फ पागल बाबा, झंझट गिरी, शमशान गिरी, योगीराज कौशल गिरी, महंत भानु गिरी आदि सैकड़ों संत मौजूद रहे।
उधर आदर्श क्षेत्र में रुद्र महायज्ञ के लिए कलश यात्रा सत्य स्वरूप महाराज की अध्यक्षता में निकाली गई। इसमें साधु संत पालकी के साथ चल रहे थे। महिलाएं सिर पर कलश रखकर ढोल नगाड़े की धुन पर झूम कर हर हर गंगे, हर हर महादेव के जयकारे लगाती रहीं। चौथी सीड़ी गंगा तट पर पहुंचकर पूजा अर्चना के बाद कलशों में जल भरकर यात्रा अपने क्षेत्र में पहुंची अवधेशानंद ब्रह्मचारी, सुशील मित्र ब्रह्िमचारी, आसाराम शास्त्री, दिनकर शास्त्री, स्वामी सोमवार पुरी आदि साधु संत मौजूद रहे।