{"_id":"5956a2e04f1c1b423b8b4963","slug":"throwing-contractor-to-sand-tractor-drivers-strike","type":"story","status":"publish","title_hn":"बालू ठेकेदार को दौड़ाया, ट्रैक्टर चालकों से मारपीट","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
बालू ठेकेदार को दौड़ाया, ट्रैक्टर चालकों से मारपीट
farrukhabad
Updated Sat, 01 Jul 2017 12:43 AM IST
विज्ञापन
ट्रैक्टरों पर खडे़ लाठी-डंडों से लैस ग्रामीण।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कायमगंज। अवैध खनन के खिलाफ शुक्रवार को सिनौली, पचरोली महादेवपुर, हज्जू नगला, गंगइया आदि गांवों के सैकड़ों ग्रामीण लाठी डंडों से लैस होकर सिनौली बालू घाट पर पहुंच गए। खनन करने आईं दो जेसीबी मशीनों व मौजूद ट्रैक्टर चालकों से वहां से चले जाने को कहा। इस पर कहासुनी व मारपीट हो गई। ठेकेदार, उसके साथियों को दौड़ाने के साथ ही कई टैक्टर चालकों की ग्रामीणों ने पिटाई कर दी। ट्रैक्टरों में तोड़फोड़ की। मामले में किसी भी पक्ष से कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की गई है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने बालू खनन करने की स्वीकृत सीमा पर चिह्नांकन नहीं कराया है। ठेकेदार मनमाने जगह से बालू का खनन कर रहे हैं। इससे खेतों में खड़ी फसलें बर्बाद हो रही हैं। बारिश का मौसम शुरू हो गया है। यदि यहां पर खनन होगा तो बाढ़ आने पर आसपास के गंाव डूब जाएंगे। ग्रामीणों ने बताया कि उन लोगों ने पहले ठेकेदार व चालकों को वहां से चले जाने को कहा। जब वे लोग जाने को राजी नहीं हुए तो विवाद बढ़ा।
इसके बाद सैकड़ों महिलाओं व पुरुषों ने ठेकेदार, जेसीबी व ट्रैक्टर चालकों पर हमला बोल दिया। इस दौरान दोनों पक्षों में मारपीट हो गई। ग्रामीण ज्यादा होने पर कोई जेसीबी तो कोई टैक्टर लेकर जान बचाकर भागा। कई चालक मौके पर ही ट्रैक्टर छोड़कर चले गए। उन्हें भीड़ ने अपने कब्जे में ले लिया। बवाल की सूचना पर एसडीएम अजीत कुमार, सीओ नरेश कुमार, तहसीलदार गजेंद्र सिंह व कोतवाल भुवनेश कुमार मौके पर पहुंचे।
विज्ञापन
उन्होंने ग्रामीणों के कब्जे से ट्रैक्टरों को छुड़वाया। स्वीकृत सीमा में खनन न होने की शिकायत पर एसडीएम ने जगह की पैमाइश कराई। एसडीएम ने ग्रामीणों से कहा कि 1 जुलाई से बारिश के मौसम तक खनन बंद रहेगी। इसलिए अब इस पर कोई विवाद न करें अन्यथा तो कानून हाथ में लेने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बोले जिम्मेदार
एसडीएम ने बताया कि खनन स्वीकृत क्षेत्र में ही हो रहा था। शुक्रवार को खनन का आखिरी दिन था। इसलिए ठेकेदार एमएम 11 पर्ची नहीं काट रहा था। वह भंडारण के लिए काम करा रहे थे। इसी बात को लेकर ग्रामीणों व ठेकेदार में विवाद हो गया था। अमानक खनन होने की जांच कराई जा रही है। मौके पर जेसीबी नहीं मिली है। जांच रिपोर्ट में अमानक खनन पाए जाने पर रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी जाएगी।
विज्ञापन
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने बालू खनन करने की स्वीकृत सीमा पर चिह्नांकन नहीं कराया है। ठेकेदार मनमाने जगह से बालू का खनन कर रहे हैं। इससे खेतों में खड़ी फसलें बर्बाद हो रही हैं। बारिश का मौसम शुरू हो गया है। यदि यहां पर खनन होगा तो बाढ़ आने पर आसपास के गंाव डूब जाएंगे। ग्रामीणों ने बताया कि उन लोगों ने पहले ठेकेदार व चालकों को वहां से चले जाने को कहा। जब वे लोग जाने को राजी नहीं हुए तो विवाद बढ़ा।
विज्ञापन
इसके बाद सैकड़ों महिलाओं व पुरुषों ने ठेकेदार, जेसीबी व ट्रैक्टर चालकों पर हमला बोल दिया। इस दौरान दोनों पक्षों में मारपीट हो गई। ग्रामीण ज्यादा होने पर कोई जेसीबी तो कोई टैक्टर लेकर जान बचाकर भागा। कई चालक मौके पर ही ट्रैक्टर छोड़कर चले गए। उन्हें भीड़ ने अपने कब्जे में ले लिया। बवाल की सूचना पर एसडीएम अजीत कुमार, सीओ नरेश कुमार, तहसीलदार गजेंद्र सिंह व कोतवाल भुवनेश कुमार मौके पर पहुंचे।
विज्ञापन
उन्होंने ग्रामीणों के कब्जे से ट्रैक्टरों को छुड़वाया। स्वीकृत सीमा में खनन न होने की शिकायत पर एसडीएम ने जगह की पैमाइश कराई। एसडीएम ने ग्रामीणों से कहा कि 1 जुलाई से बारिश के मौसम तक खनन बंद रहेगी। इसलिए अब इस पर कोई विवाद न करें अन्यथा तो कानून हाथ में लेने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बोले जिम्मेदार
एसडीएम ने बताया कि खनन स्वीकृत क्षेत्र में ही हो रहा था। शुक्रवार को खनन का आखिरी दिन था। इसलिए ठेकेदार एमएम 11 पर्ची नहीं काट रहा था। वह भंडारण के लिए काम करा रहे थे। इसी बात को लेकर ग्रामीणों व ठेकेदार में विवाद हो गया था। अमानक खनन होने की जांच कराई जा रही है। मौके पर जेसीबी नहीं मिली है। जांच रिपोर्ट में अमानक खनन पाए जाने पर रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी जाएगी।