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जिंदगी-मौत के बीच झूल रही मीरा
अमर उजाला ब्यूरो, फर्रुखाबाद
Updated Tue, 03 May 2016 12:20 AM IST
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अस्पताल में भर्ती मीरा।
- फोटो : अमर उजाला
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फर्रुखाबाद। फर्रुखाबाद- कन्नौज की सीमा पर बसे गांव की रहने वाली मीरा जाटव कानपुर के अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रही है। उसकी हालत बिगड़ने के बाद हैलट से रीजेंसी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मीरा के पिता ने बताया कि उसके नाक और मुह से खून बहना बंद नहीं हो रहा है। वह अब हिल-डुल भी नहीं पा रही है। उन्होंने कहा कि अगर बेटी को कुछ हुआ तो नामजद मुकदमा दर्ज कराएंगे।
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थानाध्यक्ष को जान से मारने की धमकी देने के आरोप में जेल जाते समय सरकारी जीप से कूदकर घायल हुई मीरा जाटव की हालत तीसरे दिन और खराब हो गई। घायल होने के बाद मीरा को डॉक्टर राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यहां से 30 अप्रैल की रात में कानपुर हैलट अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया।
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हैलट में कोई सुधार न होने पर रीजेंसी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां मीरा की हालत गंभीर बताई जा रही है। पिता रामदास का कहना है कि उसकी बेटी को यदि कुछ हो गया तो वह बसपा नेता के बेटे को किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ेंगे। वह उसके खिलाफ नाम मुकदमा दर्ज कराएगा। पिता ने बताया की बेटी ने बसपा नेता के बेटे के विरुद्घ कन्नौज न्यायालय में वाद दायर कर रखा है। जिसकी सुनवाई 27 अप्रैल को थी। उसी दिन बेटी न्यायालय नहीं पहुंच सकी। बताया कि घर लौटने पर उस मुकदमे की पैरवी शुरू की जाएगी।
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