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संदिग्ध हालात में जलीं सात झोपड़ियां
अमर उजाला ब्यूरो, फर्रुखाबाद
Updated Wed, 01 Mar 2017 11:58 PM IST
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मौके पर जले पड़े सामान को हटाता ग्रामीण।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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थाना क्षेत्र के गांव तौफीक की मढ़ैया में बुधवार दोपहर को संदिग्ध हालात में सात झोपड़ियों में आग लग गई। आग में एक मवेशी की मौत हो गई, जबकि कई जानवर झुलस गए। आरोप है कि सूचना पर पशु चिकित्सक पहुंचे लेकिन खानापूरी कर लौट गए। इसको लेकर ग्रामीणों में रोष है। हालांकि आग लगने का कारण नहीं स्पष्ट हो पाया है। दोपहर करीब 12 बजे संदिग्ध हालात में बलवीर के घर से लगी आग ने पड़ोसी खुशीराम, विश्राम, बैजनाथ, सुखदेव, विवेक और महेश की झोपड़ियों को भी चपेट में ले लिया।
झोपड़ियों को जलता देख ग्रामीणों ने फायरब्रिगेड को सूचना दी और पंपसेट चलाकर आग बुझानी शुरू कर दी। 1:30 बजे फायरब्रिगेड पहुंची लेकिन उससे पहले ही आग बुझ चुकी थी। आग में बलवीर की बकरी की जलकर मौत हो गई और तीन बकरे झुलस गए। इसके अलावा सुखदेव की दो भैंसें और महेश की दो भैंसें व भैंस के दो बच्चे झुलस गए। सूचना पर पशु चिकित्सक जीवन सिंह मौके पर पहुंचे और कुछ देर रुकने के बाद चले गए। जानकारी मिलने पर एसडीएम युगराज सिंह, तहसीलदार शेख आलमगीर, एसओ प्रीतम सिंह और लेखपाल आशुतोष पांडेय पहुंचे।
अग्निपीड़ित ग्रामीणों ने शिकायत की कि पशु चिकित्सक आए थे लेकिन उन्होंने पशुओं का इलाज नहीं किया। तहसीलदार के कहने पर पशु चिकित्सक दोबारा आए और एक भैंस व दो बकरियों को इंजेक्शन लगाने के बाद चले गए। प्रधान मुन्ना सिंह ने बताया कि लापरवाह पशु चिकित्सक की शिकायत डीएम से की जाएगी।
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उधर, अफसरों ने अग्निकांड में हुए नुकसान का आंकलन कर सूची बनवाई। एसडीएम ने बताया कि अग्निपीड़ितों को मदद दिलवाई जाएगी। इस अग्निकांड में सभी का घरेलू सामान जल गया। विश्राम सिंह ने बताया कि उसने अपनी पत्नी की अंगूठी गिरवीं रख सिंचाई के लिए 1000 रुपये लिए थे, जो आग में जल गए। उधर पशु चिकित्सक जीवन सिंह का कहना है कि ग्रामीण झूठे आरोप लगा रहे हैं। वह कुछ देर के लिए इलाज के लिए दवा लेने अस्पताल चले गए थे। इलाज में कोई लापरवाही नहीं की गई है।
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झोपड़ियों को जलता देख ग्रामीणों ने फायरब्रिगेड को सूचना दी और पंपसेट चलाकर आग बुझानी शुरू कर दी। 1:30 बजे फायरब्रिगेड पहुंची लेकिन उससे पहले ही आग बुझ चुकी थी। आग में बलवीर की बकरी की जलकर मौत हो गई और तीन बकरे झुलस गए। इसके अलावा सुखदेव की दो भैंसें और महेश की दो भैंसें व भैंस के दो बच्चे झुलस गए। सूचना पर पशु चिकित्सक जीवन सिंह मौके पर पहुंचे और कुछ देर रुकने के बाद चले गए। जानकारी मिलने पर एसडीएम युगराज सिंह, तहसीलदार शेख आलमगीर, एसओ प्रीतम सिंह और लेखपाल आशुतोष पांडेय पहुंचे।
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अग्निपीड़ित ग्रामीणों ने शिकायत की कि पशु चिकित्सक आए थे लेकिन उन्होंने पशुओं का इलाज नहीं किया। तहसीलदार के कहने पर पशु चिकित्सक दोबारा आए और एक भैंस व दो बकरियों को इंजेक्शन लगाने के बाद चले गए। प्रधान मुन्ना सिंह ने बताया कि लापरवाह पशु चिकित्सक की शिकायत डीएम से की जाएगी।
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उधर, अफसरों ने अग्निकांड में हुए नुकसान का आंकलन कर सूची बनवाई। एसडीएम ने बताया कि अग्निपीड़ितों को मदद दिलवाई जाएगी। इस अग्निकांड में सभी का घरेलू सामान जल गया। विश्राम सिंह ने बताया कि उसने अपनी पत्नी की अंगूठी गिरवीं रख सिंचाई के लिए 1000 रुपये लिए थे, जो आग में जल गए। उधर पशु चिकित्सक जीवन सिंह का कहना है कि ग्रामीण झूठे आरोप लगा रहे हैं। वह कुछ देर के लिए इलाज के लिए दवा लेने अस्पताल चले गए थे। इलाज में कोई लापरवाही नहीं की गई है।