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गार्ड की मौत पर शीतगृह में तोड़फोड़, पुलिस पर पथराव

Sat, 30 Mar 2019 11:43 PM IST
farrukhabad Published by: मनोज कुमार Updated Sat, 30 Mar 2019 11:43 PM IST
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Demolition in the cold storage on the death of guard, stone pelting on police in farrukhabad
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गांव मानिकपुर दहेलिया में हाईवे पर स्थित शीतगृह में गार्ड का शव फंदे से लटकता मिलने पर बवाल हो गया। परिजनों ने हत्या का आरोप लगाकर शीतगृह में तोड़फोड़ की, जबकि साथ में जुटी भीड़ ने हाईवे पर जाम लगा दिया। पुलिस ने जाम खुलवाने के लिए लाठी फटकारीं तो लोगों ने पथराव कर दिया। इस दौरान गार्ड के बेटे सहित तीन लोग घायल हो गए।
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जहानगंज थाना क्षेत्र के गांव रतनपुर निवासी सुुखेंद्र सिंह यादव (50) मोहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र में इटावा-बरेली हाईवे पर स्थित शीतगृह में गार्ड थे। दो दिन बाद वह शुक्रवार शाम को शीतगृह में ड्यूटी करने गए थे। शनिवार दोपहर करीब एक बजे शीतगृह के कार्यालय में कर्मचारियों ने सुखेंद्र का शव कुंडे से बंधे फंदे पर लटका देखा। मौके पर आई पुलिस को पहली नजर में मामला खुदकुशी का लगा लेकिन इस बीच पहुंचे मृतक के परिजनों ने इसे हत्या बताते हुए शीतगृह में तोड़फोड़ शुरू कर दी। पुलिस उन्हें नियंत्रित कर पाती इससे पहले बाहर निकले कुछ लोगों ने हाईवे जाम कर दिया। पुलिस ने डंडे फटकार कर भीड़ खदेड़ते हुए जाम खुलवाने की कोशिश की। जवाब में भीड़ ने पथराव कर दिया।
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मौके पर पहुंचे मोहम्मदाबाद के सीओ राजवीर सिंह की गाड़ी से पत्थर टकराए तो पुलिस ने लाठियां पटक कर लोगों को दौड़ाना शुरू कर दिया। इस दौरान गार्ड सुखेंद्र सिंह के पुत्र कन्हैया के अलावा गांव के रामू यादव व अनुज घायल हो गए। भीड़ का आरोप है कि पुलिस के सीधे लाठियां बरसाने से तीनों लोग जख्मी हुए हैं, जबकि पुलिस भगदड़ को लोगों के घायल होने की वजह बता रही है। लगभग एक घंटे के जाम के बाद पुलिस यातायात सामान्य करा सकी और फंदे से उतारकर शव कब्जे में लिया।
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गार्ड के बेटे कन्हैया ने पुलिस को बताया कि शीतगृह मालिक से वेतन के साठ हजार रुपये बकाया होने के चलते पिता का विवाद हो गया था। इसी वजह पिता दो दिन शीतगृह की ड्यूटी पर नहीं गए थे। शीतगृह प्रबंधक के फोन कर बुलाने पर शुक्रवार शाम को ड्यूटी करने आए थे। कन्हौया का कहना है कि बकाया भुगतान से बचने के लिए उन्हें फांसी पर लटका दिया गया। शीतगृह प्रबंधक मुन्नू सिंह ने आरोप बेबुनियाद बताए हैं। कहा कि बकाया लेनदेन की उन्हें कोई जानकारी नहीं है।
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