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सड़क निर्माण में मिली धांधली, प्रधान व सचिव पर कार्रवाई तय
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फर्रुखाबाद। बढ़पुर विकास खंड की ग्राम पंचायत याकूतगंज में बनवाई गई सीसी रोड व इंटरलाकिंग में धांधली का मामला सामने आने पर डीएम ने प्रधान व सचिव पर रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए थे। एक मार्च को आदेश देने के बावजूद डीपीआरओ ने अभी तक रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई है।
ग्राम पंचायत याकूतगंज निवासी रामसेवक उर्फ महेंद्र, मो. आरिफ, मो. बरातउल्लाह आदि ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान मीरा देवी पत्नी जितेंद्र यादव के खिलाफ सरकारी धन के दुरुपयोग करने की शिकायत की थी। निर्माण कार्य में घटिया सामग्री लगाने, खड़ंजा की ईंटें बेचने, स्ट्रीट लाइटें अपने करीबियों को देने आदि का आरोप लगाया था। इस पर मामले की जांच जिला विकास अधिकारी व सहायक अभियंता आरईसी से कराई गई। इसमें मेन रोड से पकरा तक इंटरलॉकिंग पेवरब्रिक से सड़क निर्माण अमानक पाया गया। इसके अलावा सरकारी हैंडपंप से प्रेमचंद्र के घर तक सीसी रोड, धर्मपाल के घर से विष्णु वाल्मीकि के घर तक सीसी रोड व मेन रोड के दोनों ओर इंटरलॉकिंग पेवरब्रिक लगाए जाने के कार्य अमानक पाए गए। अन्य विकास कार्यों में भी अनियमितता मिली।
जिलाधिकारी को सौंपी गई जांच रिपोर्ट में सरकारी धन एक लाख 89 हजार 859 रुपये के दुरुपयोग में ग्राम प्रधान व सचिव को दोषी पाया गया है। इस पर जिलाधिकारी ने प्रधान को नोटिस जारी करने के साथ ही मुख्य विकास अधिकारी को एफआईआर व वसूली कराने के आदेश दिए हैं। जिला पंचायत राज अधिकारी अमित कुमार त्यागी ने बताया कि सरकारी धन के दुरुपयोग के मामले में ग्राम प्रधान व सचिव के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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ग्राम पंचायत याकूतगंज निवासी रामसेवक उर्फ महेंद्र, मो. आरिफ, मो. बरातउल्लाह आदि ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान मीरा देवी पत्नी जितेंद्र यादव के खिलाफ सरकारी धन के दुरुपयोग करने की शिकायत की थी। निर्माण कार्य में घटिया सामग्री लगाने, खड़ंजा की ईंटें बेचने, स्ट्रीट लाइटें अपने करीबियों को देने आदि का आरोप लगाया था। इस पर मामले की जांच जिला विकास अधिकारी व सहायक अभियंता आरईसी से कराई गई। इसमें मेन रोड से पकरा तक इंटरलॉकिंग पेवरब्रिक से सड़क निर्माण अमानक पाया गया। इसके अलावा सरकारी हैंडपंप से प्रेमचंद्र के घर तक सीसी रोड, धर्मपाल के घर से विष्णु वाल्मीकि के घर तक सीसी रोड व मेन रोड के दोनों ओर इंटरलॉकिंग पेवरब्रिक लगाए जाने के कार्य अमानक पाए गए। अन्य विकास कार्यों में भी अनियमितता मिली।
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जिलाधिकारी को सौंपी गई जांच रिपोर्ट में सरकारी धन एक लाख 89 हजार 859 रुपये के दुरुपयोग में ग्राम प्रधान व सचिव को दोषी पाया गया है। इस पर जिलाधिकारी ने प्रधान को नोटिस जारी करने के साथ ही मुख्य विकास अधिकारी को एफआईआर व वसूली कराने के आदेश दिए हैं। जिला पंचायत राज अधिकारी अमित कुमार त्यागी ने बताया कि सरकारी धन के दुरुपयोग के मामले में ग्राम प्रधान व सचिव के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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