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मां को इलाज न मिलने पर बेटे ने किया हंगामा
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मां को सही इलाज न मिलने व एक वार्ड से दूसरे वार्ड में भेजे जाने का आरोप लगाकर बेटे ने लोहिया अस्पताल की इमरजेंसी में जमकर हंगामा कर दिया। इस पर डाक्टर ने उसे समझाकर और रेफर कर मामले को शांत कराया।
कायमगंज कोतवाली क्षेत्र के पितौरा गांव निवासी राजीव की मां इंद्रवती का ब्लड प्रेशर शुक्रवार को लो हो गया था। इस पर वह शुक्रवार दोपहर मां को लेकर लोहिया अस्पताल पहुंचा। वहां डाक्टर ने उन्हें इमरजेंसी में भर्ती कर लिया। इसके बाद कर्मचारी ने उन्हें दस नंबर वार्ड में शिफ्ट करने को कह दिया, लेकिन कोई भी कर्मचारी उसके साथ वार्ड नंबर दस में नहीं गया। वह अपनी मां को खुद स्ट्रेचर पर लेकर वार्ड नंबर दस पहुंचा।
वहां कर्मचारियों ने फिर उसे नीचे जाने को कह दिया। इस पर वह अपनी मां को स्ट्रेचर पर लिटा कर नीचे ले आया लेकिन वहां भी उन्हें कोई देखने वाला नहीं था। मां की हालत बिगड़ती देख वह शोर मचाने लगा और डाक्टरों पर आरोप लगाने लगा।
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शोर सुनकर कर्मचारी अपने कक्षों से निकल आए और उसे समझाने लगे। इस पर वह शांत नहीं हुआ और अपनी मां को गोद में उठाकर चल दिया। तभी इमरजेंसी कक्ष से डाक्टर अभिषेक चतुर्वेदी निकल कर आए। उन्होंने राजीव को समझाकर शांत किया और उसकी मां को रेफर कर दिया। तब मामला शांत हुआ।
मां को इलाज न मिलने से बेटे ने किया हंगामा
डाक्टर के समझाने व रेफर करने पर शांत हुआ
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कायमगंज कोतवाली क्षेत्र के पितौरा गांव निवासी राजीव की मां इंद्रवती का ब्लड प्रेशर शुक्रवार को लो हो गया था। इस पर वह शुक्रवार दोपहर मां को लेकर लोहिया अस्पताल पहुंचा। वहां डाक्टर ने उन्हें इमरजेंसी में भर्ती कर लिया। इसके बाद कर्मचारी ने उन्हें दस नंबर वार्ड में शिफ्ट करने को कह दिया, लेकिन कोई भी कर्मचारी उसके साथ वार्ड नंबर दस में नहीं गया। वह अपनी मां को खुद स्ट्रेचर पर लेकर वार्ड नंबर दस पहुंचा।
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वहां कर्मचारियों ने फिर उसे नीचे जाने को कह दिया। इस पर वह अपनी मां को स्ट्रेचर पर लिटा कर नीचे ले आया लेकिन वहां भी उन्हें कोई देखने वाला नहीं था। मां की हालत बिगड़ती देख वह शोर मचाने लगा और डाक्टरों पर आरोप लगाने लगा।
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शोर सुनकर कर्मचारी अपने कक्षों से निकल आए और उसे समझाने लगे। इस पर वह शांत नहीं हुआ और अपनी मां को गोद में उठाकर चल दिया। तभी इमरजेंसी कक्ष से डाक्टर अभिषेक चतुर्वेदी निकल कर आए। उन्होंने राजीव को समझाकर शांत किया और उसकी मां को रेफर कर दिया। तब मामला शांत हुआ।
मां को इलाज न मिलने से बेटे ने किया हंगामा
डाक्टर के समझाने व रेफर करने पर शांत हुआ