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एनएससी खरीद में खेल: अधिकारियों व कर्मचारियों की सूची सीडीओ को भेजी
Updated Thu, 15 Nov 2018 10:07 PM IST
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फर्रुखाबाद। वर्ष 2011 में एक करोड़ रुपये से ज्यादा के एनएससी खरीद में तैनात रहे अधिकारियों और कर्मचारियों की सूची सीडीओ को सौंप दी गई है। इसमें विभाग में तैनात तीन लिपिक व दो डीडीपीआरओ के नाम सामने आए हैं।
पंचायती राज विभाग में मार्च 2011 में 993 सफाई कर्मचारियों के एरियर से एनएससी खरीदने के लिए एक करोड़ 24 लाख रुपये के छह चेक काटे गए थे। इसमें से एक करोड़ 16 लाख रुपये पोस्ट ऑफिस में एनएससी के लिए जमा करा दिए गए थे। आठ लाख रुपये आर्यावर्त ग्रामीण बैंक में जमा कराए गए थे। लगभग आठ साल गुजरने के बाद भी सफाई कर्मियों को कोई भुगतान नहीं किया गया। न ही किसी तरह के कागजात उनके पास हैं। कई बार इस मामले को लेकर प्रदर्शन भी किए गए, लेकिन हल नहीं निकला। बाद में सफाई कर्मचारी यूनियन ने मामले की शिकायत शासन स्तर पर की।
करीब 20 दिन पहले मामले की जांच डीडीओ ओमप्रकाश पांडेय और डीडीएजी की समिति को शासन ने सौंपी थी। डीडीओ ने शुरुआती जांच में जिलापंचायती राज विभाग से 2011 से 2017 तक कार्यरत अधिकारियों व कर्मचारियों का डाटा मांगा था। जिला पंचायती राज विभाग ने डाटा उपलब्ध कराया है। इसमें विभाग के तीन लिपिक व उस समयावधि में तैनात रहे दो डीपीआरओ के नाम आए हैं। डीडीओ ओमप्रकाश पांडेय ने बताया कि मामले की सूचना उच्चाधिकारी को दी गई है। उनके निर्देश के बाद कार्रवाई की जाएगी।
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पंचायती राज विभाग में मार्च 2011 में 993 सफाई कर्मचारियों के एरियर से एनएससी खरीदने के लिए एक करोड़ 24 लाख रुपये के छह चेक काटे गए थे। इसमें से एक करोड़ 16 लाख रुपये पोस्ट ऑफिस में एनएससी के लिए जमा करा दिए गए थे। आठ लाख रुपये आर्यावर्त ग्रामीण बैंक में जमा कराए गए थे। लगभग आठ साल गुजरने के बाद भी सफाई कर्मियों को कोई भुगतान नहीं किया गया। न ही किसी तरह के कागजात उनके पास हैं। कई बार इस मामले को लेकर प्रदर्शन भी किए गए, लेकिन हल नहीं निकला। बाद में सफाई कर्मचारी यूनियन ने मामले की शिकायत शासन स्तर पर की।
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करीब 20 दिन पहले मामले की जांच डीडीओ ओमप्रकाश पांडेय और डीडीएजी की समिति को शासन ने सौंपी थी। डीडीओ ने शुरुआती जांच में जिलापंचायती राज विभाग से 2011 से 2017 तक कार्यरत अधिकारियों व कर्मचारियों का डाटा मांगा था। जिला पंचायती राज विभाग ने डाटा उपलब्ध कराया है। इसमें विभाग के तीन लिपिक व उस समयावधि में तैनात रहे दो डीपीआरओ के नाम आए हैं। डीडीओ ओमप्रकाश पांडेय ने बताया कि मामले की सूचना उच्चाधिकारी को दी गई है। उनके निर्देश के बाद कार्रवाई की जाएगी।
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