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सीएम की सुरक्षा को भेद दिव्यांग ने चुराई ट्राईसाइकिल
Updated Mon, 23 Jul 2018 12:20 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
फर्रुखाबाद। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सुरक्षा में चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात थी। इसके बाद भी सभास्थल से दो ट्राईसाइकिलें चोरी हो गईं। खोजबीन में एक ट्राईसाइकिल तो मैदान में ही एक दिव्यांग के पास मिल गई, लेकिन दूसरी का पता नहीं चला सका।
आवास विकास मैदान में मुख्यमंत्री के सभास्थल पर चारों तरफ बैरीकेडिंग थी। उसके पास फोर्स भी तैनात था। मुख्यद्वार पर चार मेटल डिटेक्टर लगे थे। चारों पर सुरक्षा कर्मी चेकिंग कर रहे थे। नशे में होने वाले व्यक्ति को अंदर नहीं घुसने दिया जा रहा था। लाभार्थियों को भी सूची में नाम देखकर ही प्रवेश दिया गया। इसके बावजूद दो दिव्यांग सुरक्षा व्यवस्था के चक्रव्यूह को भेद कर प्रवेश कर गए। वह दो ट्राईसाइकिलें लेकर चल दिए। इस बीच वहां खड़े बीएसए के चालक की नजर उन पर पड़ी तो समाज कल्याण अधिकारी से सीएम के आने से पहले ही ट्राईसाइकिलें वितरण करने के बारे में पूछा। वहां खड़ी 25 ट्राईसाइकिलों में दो कम देख वह दंग रह गए।
तत्काल उन्होंने खोजबीन शुरू की तो एक दिव्यांग मैदान में ही ट्राईसाइकिल ले जाते मिल गया। जबरन ट्राईसाइकिल लेते ही नशे में धुत दिव्यांग ने हंगामा कर दिया। जिद पर अड़ गया कि वह ट्राईसाइकिल लेकर ही जाएगा। उसने अपना नाम गुरुदेव निवासी पुलिस लाइन बताया। कहा कि उसके पास ट्राईसाइकिल लेने के लिए एक विधायक का पत्र है। अफसरों ने उसे पुलिस के हवाले करने के बजाय हड़काकर भगा दिया। समाज कल्याण अधिकारी राजेश बघेल ने बताया कि बीएसए के चालक के जानकारी देने के बाद खोजबीन शुरू की गई, तो एक ट्राईसाइकिल मिल गई। जबकि दूसरी नहीं मिली है। उसे तलाश किया जा रहा है।
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फर्रुखाबाद। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सुरक्षा में चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात थी। इसके बाद भी सभास्थल से दो ट्राईसाइकिलें चोरी हो गईं। खोजबीन में एक ट्राईसाइकिल तो मैदान में ही एक दिव्यांग के पास मिल गई, लेकिन दूसरी का पता नहीं चला सका।
आवास विकास मैदान में मुख्यमंत्री के सभास्थल पर चारों तरफ बैरीकेडिंग थी। उसके पास फोर्स भी तैनात था। मुख्यद्वार पर चार मेटल डिटेक्टर लगे थे। चारों पर सुरक्षा कर्मी चेकिंग कर रहे थे। नशे में होने वाले व्यक्ति को अंदर नहीं घुसने दिया जा रहा था। लाभार्थियों को भी सूची में नाम देखकर ही प्रवेश दिया गया। इसके बावजूद दो दिव्यांग सुरक्षा व्यवस्था के चक्रव्यूह को भेद कर प्रवेश कर गए। वह दो ट्राईसाइकिलें लेकर चल दिए। इस बीच वहां खड़े बीएसए के चालक की नजर उन पर पड़ी तो समाज कल्याण अधिकारी से सीएम के आने से पहले ही ट्राईसाइकिलें वितरण करने के बारे में पूछा। वहां खड़ी 25 ट्राईसाइकिलों में दो कम देख वह दंग रह गए।
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तत्काल उन्होंने खोजबीन शुरू की तो एक दिव्यांग मैदान में ही ट्राईसाइकिल ले जाते मिल गया। जबरन ट्राईसाइकिल लेते ही नशे में धुत दिव्यांग ने हंगामा कर दिया। जिद पर अड़ गया कि वह ट्राईसाइकिल लेकर ही जाएगा। उसने अपना नाम गुरुदेव निवासी पुलिस लाइन बताया। कहा कि उसके पास ट्राईसाइकिल लेने के लिए एक विधायक का पत्र है। अफसरों ने उसे पुलिस के हवाले करने के बजाय हड़काकर भगा दिया। समाज कल्याण अधिकारी राजेश बघेल ने बताया कि बीएसए के चालक के जानकारी देने के बाद खोजबीन शुरू की गई, तो एक ट्राईसाइकिल मिल गई। जबकि दूसरी नहीं मिली है। उसे तलाश किया जा रहा है।
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