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जमीन नाम न करने पर बेटे ने की थी पिता की हत्या
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फर्रुखाबाद। सोते समय किसान की हत्या के मामले में पुलिस ने उसके पुत्र को गिरफ्तार कर लिया। कोर्ट ने उसे जेल भेजा है। पुलिस का दावा है कि जमीन उसके नाम न करने पर पुत्र ने ही पिता की लोहे की रॉड से प्रहार कर हत्या कर दी थी। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त रॉड बरामद कर ली है।
मेरापुर थानाक्षेत्र के गांव नौगांव निवासी छविनाथ शाक्य (70) गमा देवी मंदिर के पास खेत में खड़ी मक्का की फसल की अन्ना मवेशियों से रखवाली करने के लिए 14 अप्रैल की रात घर से गए थे।रात में छविनाथ की हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने पुत्र पवन की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस ने जांच की तो पता चला कि छविनाथ की पहली पत्नी की वर्षों पहले मौत हो गई थी।
उसके पहली पत्नी से कैलाश व जय सिंह दो पुत्र हैं। उसने दूसरी शादी कृष्णा देवी से की। कृष्णा देवी से शादी के बाद उसके तीन पुत्र लालमन, नीलेश व पवन हैं। पुलिस ने परिजनों से गांव में किसी से रंजिश होने की बात पूछी। परिजनों ने इससे साफ इनकार कर दिया। पुलिस ने पहली पत्नी के पुत्र कैलाश व जय सिंह ने अलग-अलग पूछताछ की। जय सिंह मानसिक रूप से कमजोर था। पुलिस ने उसको छोड़ दिया।
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कैलाश से जब कड़ाई से पूछताछ की तो उसने बताया कि वह पिता छविनाथ से अपने व भाई के हिस्से की जमीन का बैनामा करने का दबाव बना रहा था। पिता कहना था कि उसके मरने के बाद जमीन मां कृष्णा देवी के नाम पर आएगी और बाद में सभी को बराबर का हिस्सा मिलेगा। पिता के बैनामा करने से बार-बार इनकार करने पर उसने सोते समय उनके सिर पर लोहे की रॉड से कई प्रहार कर हत्या कर दी थी।
पुलिस ने कैलाश की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त रॉड बरामद कर आरोपी कैलाश को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया। सीओ सोहराब आलम ने बताया कि जमीन का बैनामा नहीं करने पर पहली पत्नी के पुत्र ने ही किसान की हत्या कर दी थी। आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।
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मेरापुर थानाक्षेत्र के गांव नौगांव निवासी छविनाथ शाक्य (70) गमा देवी मंदिर के पास खेत में खड़ी मक्का की फसल की अन्ना मवेशियों से रखवाली करने के लिए 14 अप्रैल की रात घर से गए थे।रात में छविनाथ की हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने पुत्र पवन की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस ने जांच की तो पता चला कि छविनाथ की पहली पत्नी की वर्षों पहले मौत हो गई थी।
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उसके पहली पत्नी से कैलाश व जय सिंह दो पुत्र हैं। उसने दूसरी शादी कृष्णा देवी से की। कृष्णा देवी से शादी के बाद उसके तीन पुत्र लालमन, नीलेश व पवन हैं। पुलिस ने परिजनों से गांव में किसी से रंजिश होने की बात पूछी। परिजनों ने इससे साफ इनकार कर दिया। पुलिस ने पहली पत्नी के पुत्र कैलाश व जय सिंह ने अलग-अलग पूछताछ की। जय सिंह मानसिक रूप से कमजोर था। पुलिस ने उसको छोड़ दिया।
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कैलाश से जब कड़ाई से पूछताछ की तो उसने बताया कि वह पिता छविनाथ से अपने व भाई के हिस्से की जमीन का बैनामा करने का दबाव बना रहा था। पिता कहना था कि उसके मरने के बाद जमीन मां कृष्णा देवी के नाम पर आएगी और बाद में सभी को बराबर का हिस्सा मिलेगा। पिता के बैनामा करने से बार-बार इनकार करने पर उसने सोते समय उनके सिर पर लोहे की रॉड से कई प्रहार कर हत्या कर दी थी।
पुलिस ने कैलाश की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त रॉड बरामद कर आरोपी कैलाश को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया। सीओ सोहराब आलम ने बताया कि जमीन का बैनामा नहीं करने पर पहली पत्नी के पुत्र ने ही किसान की हत्या कर दी थी। आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।