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दो को हत्या में आजीवन कारावास
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फर्रुखाबाद। विशेष अदालत एससीएसटी के न्यायाधीश महेंद्र सिंह ने हत्या के मुकदमे में दोषी पाए जाने पर दो लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। एक पर 20 और दूसरे पर 25 हजार रुपये जुर्माना किया है। जुर्माना अदा न करने पर अतिरिक्त सजा का प्रावधान किया है।
नवाबगंज थाना क्षेत्र के गांव बबना निवासी रवेंद्र कुमार के नलकूप के पास स्थित मकान में नगला मन्न निवासी रामवीर शराब की दुकान किए था। रवेंद्र ने शिकायत कर दुकान खाली करा ली। इससे रवेंद्र से रामवीर रंजिश मानने लगा।
22 दिसंबर 2006 को पत्नी सुमन व पुत्र उपेंद्र के साथ रवेंद्र बाइक से घर जा रहा था। तभी शाम करीब पांच बजे गांव के देशी शराब ठेके के पास रामवीर और बवना निवासी मनोज ने रवेंद्र को रोक लिया और गाली गलौज की। विरोध करने पर रवेंद्र को गोली मारी और फरार हो गए। पुत्र के सहयोग से पति रवेंद्र का लेकर सुमन लोहिया अस्पताल आ रही थी।
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रास्ते में रवेंद्र की मौत हो गई। सुमन ने दोनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। विवेचक ने जांच कर आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया।
मुकदमे की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील व विशेष लोक अभियोजक अशोक कटियार, एडीजीसी अनुज प्रताप सिंह ने दलीलें पेश कीं।
सुनवाई के बाद न्यायाधीश ने दोनों युवकों को हत्या के जुर्म में दोषी पाया। मनोज को आर्म्स एक्ट में भी तीन वर्ष कैद की सजा सुनाई है।
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नवाबगंज थाना क्षेत्र के गांव बबना निवासी रवेंद्र कुमार के नलकूप के पास स्थित मकान में नगला मन्न निवासी रामवीर शराब की दुकान किए था। रवेंद्र ने शिकायत कर दुकान खाली करा ली। इससे रवेंद्र से रामवीर रंजिश मानने लगा।
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22 दिसंबर 2006 को पत्नी सुमन व पुत्र उपेंद्र के साथ रवेंद्र बाइक से घर जा रहा था। तभी शाम करीब पांच बजे गांव के देशी शराब ठेके के पास रामवीर और बवना निवासी मनोज ने रवेंद्र को रोक लिया और गाली गलौज की। विरोध करने पर रवेंद्र को गोली मारी और फरार हो गए। पुत्र के सहयोग से पति रवेंद्र का लेकर सुमन लोहिया अस्पताल आ रही थी।
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रास्ते में रवेंद्र की मौत हो गई। सुमन ने दोनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। विवेचक ने जांच कर आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया।
मुकदमे की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील व विशेष लोक अभियोजक अशोक कटियार, एडीजीसी अनुज प्रताप सिंह ने दलीलें पेश कीं।
सुनवाई के बाद न्यायाधीश ने दोनों युवकों को हत्या के जुर्म में दोषी पाया। मनोज को आर्म्स एक्ट में भी तीन वर्ष कैद की सजा सुनाई है।