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52 हत्याओं व 39 दुष्कर्म की घटनाओं ने झकझोरा
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फर्रुखाबाद। वर्ष 2019 में क्राइम का ग्राफ कम नहीं हुआ। लूट, डकैती व हत्या की घटनाओं में इजाफा हुआ। वहीं चोरी की घटनाओं पर भी पुलिस अंकुश नहीं लगा सकी। अब नए वर्ष में पुलिस से लोगों को खासी उम्मीदें हैं।
जिले में वर्ष 2019 में डकैती की दो घटनाएं हुईं। लूट की घटनाओं में कमी नहीं आई। इस वर्ष 46 लूट की घटनाएं पुलिस रिकार्ड में दर्ज हुईं। रोड होल्डअप की कोई घटना नहीं हुई। हत्याओं में इजाफा हुआ। 52 लोगों की हत्या की गई, जबकि पिछले वर्ष महज 48 लोगों की हत्या के मुकदमे दर्ज हुए थे। दहेज हत्या के 45 मामले दर्ज किए गए। यह आंकड़ा भी पिछले वर्ष की घटनाओं से अधिक है। पिछले वर्षों में 35 व 39 महिलाओं की दहेज को लेकर हत्या कर दी गई थी।
इस वर्ष 39 दुष्कर्म की वारदातें पुलिस ने दर्ज कर आरोपियों को जेल भेजा है। इसमें 22 किशोरियों व तीन बालिकाओं के साथ हुई वारदातें भी शामिल हैं। 51 मुकदमे छेड़छाड़ के दर्ज किए गए। पिछले वर्ष दो छेड़छाड़ के मुकदमे ही दर्ज हुए थे। घरों में चोरी की घटनाओं में कोई कमी नहीं आई है। पुलिस रिकार्ड में 265 मुकदमे दर्ज हुए हैं। जबकि 300 से अधिक मामलों में पुलिस ने रिपोर्ट तक दर्ज नहीं की है।
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जिले में वर्ष 2019 में डकैती की दो घटनाएं हुईं। लूट की घटनाओं में कमी नहीं आई। इस वर्ष 46 लूट की घटनाएं पुलिस रिकार्ड में दर्ज हुईं। रोड होल्डअप की कोई घटना नहीं हुई। हत्याओं में इजाफा हुआ। 52 लोगों की हत्या की गई, जबकि पिछले वर्ष महज 48 लोगों की हत्या के मुकदमे दर्ज हुए थे। दहेज हत्या के 45 मामले दर्ज किए गए। यह आंकड़ा भी पिछले वर्ष की घटनाओं से अधिक है। पिछले वर्षों में 35 व 39 महिलाओं की दहेज को लेकर हत्या कर दी गई थी।
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इस वर्ष 39 दुष्कर्म की वारदातें पुलिस ने दर्ज कर आरोपियों को जेल भेजा है। इसमें 22 किशोरियों व तीन बालिकाओं के साथ हुई वारदातें भी शामिल हैं। 51 मुकदमे छेड़छाड़ के दर्ज किए गए। पिछले वर्ष दो छेड़छाड़ के मुकदमे ही दर्ज हुए थे। घरों में चोरी की घटनाओं में कोई कमी नहीं आई है। पुलिस रिकार्ड में 265 मुकदमे दर्ज हुए हैं। जबकि 300 से अधिक मामलों में पुलिस ने रिपोर्ट तक दर्ज नहीं की है।
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