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गलत फंसाने के आरोप में कोतवाली में परिजनों का हंगामा, जाम
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फर्रुखाबाद। शहर के बढ़पुर किसानन नगला में हुए अमित कटियार हत्याकांड में भाजपा नेता को नौ दिन हिरासत में रखने के बाद शनिवार को चालान किए जाने की जानकारी पर परिजन कोतवाली पहुंच गए। उन्होंने पैसे न देने पर हत्या में फंसाने का आरोप लगाया। करीब डेढ़ घंटे तक जमकर हंगामा किया। कोतवाल ने लाठी फटकारकर परिजनों को इधर-उधर किया और आरोपी को कार में डालकर ले गए। इसके बाद परिजनों ने मुख्यमार्ग पर एक घंटे जाम लगाया। कोई अफसर नहीं पहुंचा, तो लालगेट पर महिला-पुरुष, बच्चे सड़क पर लेट गए। करीब तीन घंटे बाद एएसपी ने पहुंच कर परिजनों को समझाकर जाम खुलवा दिया। परिजन का कहना है कि युवक बीजेपी का बढ़पुर बूथ अध्यक्ष है। वहीं भाजपा मीडिया प्रभारी शिवांग रस्तोगी ने इस बात से इनकार किया।
बढ़पुर किसानन नगला में बड़ी बहन के साथ किराये पर रह रहे चांदपुर निवासी अमित कटियार उर्फ लालू की चार नवंबर की रात घर से ले जाकर मकान से सौ मीटर की दूरी पर खाली प्लाट में हत्या की गई थी। अगले दिन शव बरामद होने पर बड़ी बहन शिखा ने अज्ञात लोगों पर मुकदमा लिखाया था। पुलिस ने पड़ताल के दौरान नौ दिन पूर्व बढ़पुर के टैक्सी चालक अनूप कुमार जोशी को हिरासत में ले लिया। पुलिस तभी से उससे पूछताछ करती रही। परिजन लगातार पुलिस के संपर्क में रहे। परिजनों का आरोप है कि पुलिस शुक्रवार तक कहती रही कि कोई सबूत नहीं है, छोड़ देंगे। मगर शनिवार को हत्या के मुकदमे में दाखिल कर दिया। इस पर गुस्साए अनूप के परिजन महिला-पुरुष बच्चों सहित कोतवाली में सुबह 10 बजे पहुंच गए। उन्होंने छोड़ने की गुहार लगाई, मगर एक न सुनी। परिजनों को मुकदमे में चालान करने की भनक लगी, तो वह भड़क गए। महिलाओं ने जमकर हंगामा किया। दरोगा और स्टाफ समझाता रहा। दोपहर 12 बजे मऊदरवाजा इंस्पेक्टर जेपी शर्मा ने पहुंचकर समझाने का प्रयास किया। महिलाएं नहीं मानीं, तो साढ़े 12 बजे कोतवाल अंदर से निकले। उन्होंने आते ही हंगामा कर रहे महिला-पुरुषों को बाहर निकालने के निर्देश दिए। इस पर पुलिस ने लाठियां फटकारनी शुरू कर दीं। महिलाओं ने मोर्चा संभाला और विरोध किया। हालांकि महिला दरोगा संजय कुमारी ने भी महिलाओं को हटाने का प्रयास किया, मगर असफल रहीं। इस पर गुस्साए कोतवाल देवेंद्र दुबे ने डंडा उठा लिया। पुलिस ने डंडा फटकारा। इसी दौरान हौचपौच में हत्यारोपी अनूप को सुरक्षा के घेरे में बाहर निकाला और एक बजे कार में बैठाकर ले गए।
एक बजे परिजन बाजार के मुख्य मार्ग पर आ गए और सड़क पर लेटकर जाम लगा दिया। पुलिस ने यातायात को डायवर्ट कर दिया। कई बार समझाने पर भी नहीं माने। उनकी एसपी के आने की मांग पूरी नहीं हुई, तो दो बजे सभी परिजन लालगेट पर आ गए और सड़क पर लेट गए। इससे वाहनों की कतारें लग गईं। पुलिस ने बड़े वाहनों को रोक दिया और छोटे गलियों से निकाल दिेए। ढाई बजे प्रभारी सिटी मजिस्ट्रेट सुनील यादव ने पहुंचकर समझाने का प्रयास किया। उन्होंने उच्चाधिकारियों से गुहार लगाने की सलाह दी। इस पर परिजनों ने जाम खोल दिया। तीन बजे सीओ अमृतपुर राजवीर सिंह गौर पहुंचे, तो घेराव कर लिया। उन्हें महिला पुलिस को बुलाना पड़ा। करीब साढ़े तीन बजे सीओ सिटी मन्नीलाल गौंड पहुंचे, तो उन्होंने भी समझाया। मगर महिलाएं फिर जाम लगाकर बैठ गईं। कहा, पुलिस से भरोसा उठ गया। चार बजे एएसपी त्रिभुवन सिंह ने भी समझाया। नहीं मानी, तो पुलिस लाइन से महिला फोर्स बुलाया गया। जहानगंज थानाध्यक्ष पूनम जादौन के नेतृत्व में महिलाओं को जबरन टेंपो में बैठाने का प्रयास किया गया, तो हंगामा हो गया। महिलाओं ने चीख-पुकार मचा दी। बार-बार बाहर निकल आती और पुलिस अंदर बैठाती। जब कामयाबी नहीं मिली, तो एएसपी महिलाओं को समझाकर एकांत में ले गए। करीब सवा चार बजे सभी परिजनों को घर भेजा गया, तब कहीं मामला शांत हो सका। सीओ सिटी मन्नी लाल गौंड ने बताया कि कॉल डिटेल व अन्य तथ्यों के आधार पर अनूप को आरोपी बनाया है। रुपये का आरोप गलत है।
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बढ़पुर किसानन नगला में बड़ी बहन के साथ किराये पर रह रहे चांदपुर निवासी अमित कटियार उर्फ लालू की चार नवंबर की रात घर से ले जाकर मकान से सौ मीटर की दूरी पर खाली प्लाट में हत्या की गई थी। अगले दिन शव बरामद होने पर बड़ी बहन शिखा ने अज्ञात लोगों पर मुकदमा लिखाया था। पुलिस ने पड़ताल के दौरान नौ दिन पूर्व बढ़पुर के टैक्सी चालक अनूप कुमार जोशी को हिरासत में ले लिया। पुलिस तभी से उससे पूछताछ करती रही। परिजन लगातार पुलिस के संपर्क में रहे। परिजनों का आरोप है कि पुलिस शुक्रवार तक कहती रही कि कोई सबूत नहीं है, छोड़ देंगे। मगर शनिवार को हत्या के मुकदमे में दाखिल कर दिया। इस पर गुस्साए अनूप के परिजन महिला-पुरुष बच्चों सहित कोतवाली में सुबह 10 बजे पहुंच गए। उन्होंने छोड़ने की गुहार लगाई, मगर एक न सुनी। परिजनों को मुकदमे में चालान करने की भनक लगी, तो वह भड़क गए। महिलाओं ने जमकर हंगामा किया। दरोगा और स्टाफ समझाता रहा। दोपहर 12 बजे मऊदरवाजा इंस्पेक्टर जेपी शर्मा ने पहुंचकर समझाने का प्रयास किया। महिलाएं नहीं मानीं, तो साढ़े 12 बजे कोतवाल अंदर से निकले। उन्होंने आते ही हंगामा कर रहे महिला-पुरुषों को बाहर निकालने के निर्देश दिए। इस पर पुलिस ने लाठियां फटकारनी शुरू कर दीं। महिलाओं ने मोर्चा संभाला और विरोध किया। हालांकि महिला दरोगा संजय कुमारी ने भी महिलाओं को हटाने का प्रयास किया, मगर असफल रहीं। इस पर गुस्साए कोतवाल देवेंद्र दुबे ने डंडा उठा लिया। पुलिस ने डंडा फटकारा। इसी दौरान हौचपौच में हत्यारोपी अनूप को सुरक्षा के घेरे में बाहर निकाला और एक बजे कार में बैठाकर ले गए।
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एक बजे परिजन बाजार के मुख्य मार्ग पर आ गए और सड़क पर लेटकर जाम लगा दिया। पुलिस ने यातायात को डायवर्ट कर दिया। कई बार समझाने पर भी नहीं माने। उनकी एसपी के आने की मांग पूरी नहीं हुई, तो दो बजे सभी परिजन लालगेट पर आ गए और सड़क पर लेट गए। इससे वाहनों की कतारें लग गईं। पुलिस ने बड़े वाहनों को रोक दिया और छोटे गलियों से निकाल दिेए। ढाई बजे प्रभारी सिटी मजिस्ट्रेट सुनील यादव ने पहुंचकर समझाने का प्रयास किया। उन्होंने उच्चाधिकारियों से गुहार लगाने की सलाह दी। इस पर परिजनों ने जाम खोल दिया। तीन बजे सीओ अमृतपुर राजवीर सिंह गौर पहुंचे, तो घेराव कर लिया। उन्हें महिला पुलिस को बुलाना पड़ा। करीब साढ़े तीन बजे सीओ सिटी मन्नीलाल गौंड पहुंचे, तो उन्होंने भी समझाया। मगर महिलाएं फिर जाम लगाकर बैठ गईं। कहा, पुलिस से भरोसा उठ गया। चार बजे एएसपी त्रिभुवन सिंह ने भी समझाया। नहीं मानी, तो पुलिस लाइन से महिला फोर्स बुलाया गया। जहानगंज थानाध्यक्ष पूनम जादौन के नेतृत्व में महिलाओं को जबरन टेंपो में बैठाने का प्रयास किया गया, तो हंगामा हो गया। महिलाओं ने चीख-पुकार मचा दी। बार-बार बाहर निकल आती और पुलिस अंदर बैठाती। जब कामयाबी नहीं मिली, तो एएसपी महिलाओं को समझाकर एकांत में ले गए। करीब सवा चार बजे सभी परिजनों को घर भेजा गया, तब कहीं मामला शांत हो सका। सीओ सिटी मन्नी लाल गौंड ने बताया कि कॉल डिटेल व अन्य तथ्यों के आधार पर अनूप को आरोपी बनाया है। रुपये का आरोप गलत है।
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