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महिला डाक्टर ने कोषाधिकारी पर फोन पर अभद्रता का लगाया आरोप
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फर्रुखाबाद। कोरोना नियंत्रण आईसोलेशन की नोडल अधिकारी डा. प्रज्ञा मिश्रा ने कोषाधिकारी पर फोन पर अभद्रता करने का आरोप लगाया है। डाक्टर ने इसकी सूचना सीडीओ को दी। शुक्रवार सुबह लोहिया अस्पताल पहुंचकर कोषाधिकारी पर कार्रवाई न होने तक काम न करने की चेतावनी दी।
डा. राममनोहर लोहिया पुरुष अस्पताल की फिजीशियन डा. प्रज्ञा मिश्रा कोरोना नियंत्रण आईसोलेशन की नोडल अधिकारी भी हैं। उन्होंने गुरुवार शाम अभी तक के कोरोना नियंत्रण संबंधी व्यवस्था पर खर्चों के बिल एक फार्मासिस्ट से कोषागार में भेजे थे। वहां पहुंचने कोषाधिकारी ने फार्मासिस्ट से बिल ले लिया और कहा कि डॉ. प्रज्ञा से फोन पर बात कराओ। जब फार्मासिस्ट ने फोन पर कोषाधिकारी से बात कराई तो उन्होंने कहा कि बिल पास नहीं होंगे। सिर्फ मरीज देखिए, ज्यादा उड़िये नहीं। यह जानकारी देते हुए डॉ. प्रज्ञा ने बताया कि कोषाधिकारी ने फोन पर उनके साथ अपशब्दों का प्रयोग किया। वह ऐसी स्थिति में काम नहीं कर सकतीं। उन्होंने सीडीओ डा. राजेंद्र पैंसिया को भी फोन पर सूचना दे दी। शुक्रवार सुबह डा. प्रज्ञा ओपीडी पहुंचीं और अन्य साथी डाक्टरों को जानकारी दी।
डॉ. प्रज्ञा मिश्रा ने कहा कि जब तक कोषाधिकारी पर कार्रवाई नहीं होगी, तक वह काम नहीं करेंगी। सभी डॉक्टरों ने सीएमएस डॉ. अशोक कुमार को मामले से अवगत कराया। उन्होंने उच्चाधिकारियों से बात करने का भरोसा दिया।
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कोषाधिकारी फर्रुखाबाद अतुल तिवारी ने बताया कि डॉ. प्रज्ञा मिश्रा ने केवल बिल भेजे थे, डिमांड लेटर नहीं भेजा था। उन्होंने उसी के लिए फोन किया था। अभद्र भाषा इस्तेमाल करने का सवाल ही नहीं उठता। सभी आरोप निराधार हैं।
वहीं, मुख्य विकास अधिकारी, फर्रुखाबाद डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने बताया कि डॉ. प्रज्ञा मिश्रा ने उन्हें मामले की जानकारी दी थी। दोनों पक्षों से बात की गई तो पता चला कि कोई खास बात नहीं है। डॉक्टर व कोषाधिकारी को समझा दिया गया है।
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डा. राममनोहर लोहिया पुरुष अस्पताल की फिजीशियन डा. प्रज्ञा मिश्रा कोरोना नियंत्रण आईसोलेशन की नोडल अधिकारी भी हैं। उन्होंने गुरुवार शाम अभी तक के कोरोना नियंत्रण संबंधी व्यवस्था पर खर्चों के बिल एक फार्मासिस्ट से कोषागार में भेजे थे। वहां पहुंचने कोषाधिकारी ने फार्मासिस्ट से बिल ले लिया और कहा कि डॉ. प्रज्ञा से फोन पर बात कराओ। जब फार्मासिस्ट ने फोन पर कोषाधिकारी से बात कराई तो उन्होंने कहा कि बिल पास नहीं होंगे। सिर्फ मरीज देखिए, ज्यादा उड़िये नहीं। यह जानकारी देते हुए डॉ. प्रज्ञा ने बताया कि कोषाधिकारी ने फोन पर उनके साथ अपशब्दों का प्रयोग किया। वह ऐसी स्थिति में काम नहीं कर सकतीं। उन्होंने सीडीओ डा. राजेंद्र पैंसिया को भी फोन पर सूचना दे दी। शुक्रवार सुबह डा. प्रज्ञा ओपीडी पहुंचीं और अन्य साथी डाक्टरों को जानकारी दी।
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डॉ. प्रज्ञा मिश्रा ने कहा कि जब तक कोषाधिकारी पर कार्रवाई नहीं होगी, तक वह काम नहीं करेंगी। सभी डॉक्टरों ने सीएमएस डॉ. अशोक कुमार को मामले से अवगत कराया। उन्होंने उच्चाधिकारियों से बात करने का भरोसा दिया।
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कोषाधिकारी फर्रुखाबाद अतुल तिवारी ने बताया कि डॉ. प्रज्ञा मिश्रा ने केवल बिल भेजे थे, डिमांड लेटर नहीं भेजा था। उन्होंने उसी के लिए फोन किया था। अभद्र भाषा इस्तेमाल करने का सवाल ही नहीं उठता। सभी आरोप निराधार हैं।
वहीं, मुख्य विकास अधिकारी, फर्रुखाबाद डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने बताया कि डॉ. प्रज्ञा मिश्रा ने उन्हें मामले की जानकारी दी थी। दोनों पक्षों से बात की गई तो पता चला कि कोई खास बात नहीं है। डॉक्टर व कोषाधिकारी को समझा दिया गया है।