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आपराधिक इतिहास छिपाने में तीन आरोपी फंसे
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फर्रुखाबाद। मारपीट व एससी-एसटी एक्ट के तीन आरोपी आपराधिक इतिहास छिपाने में फंस गए हैं। विशेष अदालत एससी-एसटी के न्यायाधीश विजय कुमार गुप्ता प्रथम ने तीनों की जमानत अर्जी खारिज कर जेल भेज दिया है। झूठा शपथपत्र देने में तीनों के खिलाफ प्रकीर्ण वाद दर्ज कर नोटिस जारी की है।
कंपिल थानाक्षेत्र के गांव रुदायन निवासी राशिद व शानू ने वकील के माध्यम से मारपीट व एससी-एसटी एक्ट के मुकदमे में जमानत के लिए अर्जी दायर की। इसमें आपराधिक इतिहास न होने का शपथपत्र दिया। थाने से आई आख्या में आरोपियों पर एक अन्य मुकदमा और एनसीआर दर्ज होने का उल्लेख किया गया।
वहीं, नवाबगंज थानाक्षेत्र से संबंधित मारपीट व एससी-एसटी एक्ट मुकदमे के आरोपी गांव बीसलपुर बांगर निवासी शैलेश कुमार यादव ने भी अधिवक्ता के माध्यम जमानत अर्जी कोर्ट में पेश की। इसमें भी आरोपी ने आपराधिक इतिहास न होने का शपथ पत्र दिया। नवाबगंज थाने से आई आख्या में दो अन्य मुकदमे होने का उल्लेख किया गया।
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तीनों आरोपियों की जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील और अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक अशोक कटियार, अनुज प्रताप सिंह ने दलीलें पेश कीं। सुनवाई पूरी होने के बाद न्यायाधीश ने आपराधिक इतिहास छिपाने में तीनों आरोपियों की जमानत खारिज कर जेल भेज दिया।
तीनों आरोपियों के खिलाफ आपराधिक इतिहास न होने का झूठा शपथ पत्र देने में प्रकीर्ण वाद दर्ज किया गया है। आरोपी राशिद व शानू को नोटिस जारी कर 30 जून और आरोपी शैलेश कुमार यादव को दो जुलाई को स्पष्टीकरण देने का आदेश दिया गया है।
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कंपिल थानाक्षेत्र के गांव रुदायन निवासी राशिद व शानू ने वकील के माध्यम से मारपीट व एससी-एसटी एक्ट के मुकदमे में जमानत के लिए अर्जी दायर की। इसमें आपराधिक इतिहास न होने का शपथपत्र दिया। थाने से आई आख्या में आरोपियों पर एक अन्य मुकदमा और एनसीआर दर्ज होने का उल्लेख किया गया।
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वहीं, नवाबगंज थानाक्षेत्र से संबंधित मारपीट व एससी-एसटी एक्ट मुकदमे के आरोपी गांव बीसलपुर बांगर निवासी शैलेश कुमार यादव ने भी अधिवक्ता के माध्यम जमानत अर्जी कोर्ट में पेश की। इसमें भी आरोपी ने आपराधिक इतिहास न होने का शपथ पत्र दिया। नवाबगंज थाने से आई आख्या में दो अन्य मुकदमे होने का उल्लेख किया गया।
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तीनों आरोपियों की जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील और अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक अशोक कटियार, अनुज प्रताप सिंह ने दलीलें पेश कीं। सुनवाई पूरी होने के बाद न्यायाधीश ने आपराधिक इतिहास छिपाने में तीनों आरोपियों की जमानत खारिज कर जेल भेज दिया।
तीनों आरोपियों के खिलाफ आपराधिक इतिहास न होने का झूठा शपथ पत्र देने में प्रकीर्ण वाद दर्ज किया गया है। आरोपी राशिद व शानू को नोटिस जारी कर 30 जून और आरोपी शैलेश कुमार यादव को दो जुलाई को स्पष्टीकरण देने का आदेश दिया गया है।