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दहेज हत्या में पति को सात वर्ष की सजा
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फर्रुखाबाद। अपर जिला जज देवेंद्र प्रताप सिंह ने दहेज हत्या के मुकदमे में पति को दोषी पाकर सात साल कैद की सजा सुनाई है। छह हजार रुपये जुर्माना किया है। जुर्माना अदा न करने पर दो माह की अतिरिक्त सजा भुगतने का प्रावधान किया है। इस मुकदमे में आरोपी ससुर, जेठ और जेठानी को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया है।
जनपद हरदोई थाना पचदेवरा के ललुआपुर निवासी श्यामपाल सिंह ने बहन माला देवी की शादी 11 जून 2010 को राजेपुर थानाक्षेत्र के गांव तीसराम की मड़ैया निवासी संजय कुमार के साथ की थी। शादी के बाद ससुराल वाले सोने की चेन की मांग को लेकर विवाहिता को प्रताड़ित करने लगे। 29 जुलाई 2013 को मांग पूरी न होने पर जान से मार कर दूसरी शादी करने की धमकी दी। विवाहिता ने इसकी जानकारी भाई को दी। 30 जुलाई 2013 को भाई श्यामपाल सिंह को पता चला कि उसकी बहन की हत्या हो गई है।
वह परिवार के साथ बहन की ससुराल पहुंचा। उसको घर में बहन का शव रखा मिला और ससुराल वाले गायब थे। फांसी लगाकर बहन की हत्या की गई थी। श्यामपाल सिंह ने बहन के पति संजय कुमार, जेई अशोक कुमार, जेठानी ममता और ससुर सुरेश चंद्र के खिलाफ राजेपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने जांच कर अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील और सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता हरनाथ सिंह ने दलीलें पेश कीं। सुनवाई पूरी होने पर न्यायाधीश ने आरोपी पति को दहेज हत्या में दोषी पाकर सजा और जुर्माने से दंडित किया। आरोपी जेठ, जेठानी और ससुर को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया है।
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जनपद हरदोई थाना पचदेवरा के ललुआपुर निवासी श्यामपाल सिंह ने बहन माला देवी की शादी 11 जून 2010 को राजेपुर थानाक्षेत्र के गांव तीसराम की मड़ैया निवासी संजय कुमार के साथ की थी। शादी के बाद ससुराल वाले सोने की चेन की मांग को लेकर विवाहिता को प्रताड़ित करने लगे। 29 जुलाई 2013 को मांग पूरी न होने पर जान से मार कर दूसरी शादी करने की धमकी दी। विवाहिता ने इसकी जानकारी भाई को दी। 30 जुलाई 2013 को भाई श्यामपाल सिंह को पता चला कि उसकी बहन की हत्या हो गई है।
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वह परिवार के साथ बहन की ससुराल पहुंचा। उसको घर में बहन का शव रखा मिला और ससुराल वाले गायब थे। फांसी लगाकर बहन की हत्या की गई थी। श्यामपाल सिंह ने बहन के पति संजय कुमार, जेई अशोक कुमार, जेठानी ममता और ससुर सुरेश चंद्र के खिलाफ राजेपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने जांच कर अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील और सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता हरनाथ सिंह ने दलीलें पेश कीं। सुनवाई पूरी होने पर न्यायाधीश ने आरोपी पति को दहेज हत्या में दोषी पाकर सजा और जुर्माने से दंडित किया। आरोपी जेठ, जेठानी और ससुर को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया है।
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