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कोरोना की आशंका में अस्पताल गए मरीज की नहीं की गई खून की जांच
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सरकार कोरोना को लेकर बेहद सजग है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी इसके प्रति गंभीरता नहीं दिखा रहे। 10 मार्च को एंबुलेंस से लोहिया अस्पताल पहुंचे मरीज को दवा तो दी गई, लेकिन खून आदि की जांच नहीं की गई। आखिरकार मरीज ने प्राइवेट पैथालॉजी में जांच कराई।
थाना क्षेत्र के गगनी गांव निवासी विमलेश (30) ने 10 मार्च की रात को कोरोना से पीड़ित होने की शिकायत की थी। एंबुलेंस से मरीज को गांव से पहले सीएचसी और फिर लोहिया अस्पताल ले जाया गया था।
अस्पताल में सामान्य खांसी, बुखार बताते हुए दवाइयां दीं। 11 मार्च को खून की संपूर्ण जांच के लिए पर्चा बनाया गया। विमलेश ने रविवार को बताया कि वह तीन दिन जांच का पर्चा लेकर लोहिया अस्पताल गया, लेकिन उसकी ब्लड जांच नहीं की गई।
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मायूस होकर उसने प्राइवेट पैथालॉजी में जांच कराकर निजी डाक्टर से इलाज कराया। इससे अब वह ठीक है। विमलेश ने खून की जांच का लोहिया अस्पताल का पर्चा दिखाते हुए बताया कि वह तीन बार लोहिया अस्पताल गया, लेकिन उसके खून की जांच नहीं की गई।
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थाना क्षेत्र के गगनी गांव निवासी विमलेश (30) ने 10 मार्च की रात को कोरोना से पीड़ित होने की शिकायत की थी। एंबुलेंस से मरीज को गांव से पहले सीएचसी और फिर लोहिया अस्पताल ले जाया गया था।
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अस्पताल में सामान्य खांसी, बुखार बताते हुए दवाइयां दीं। 11 मार्च को खून की संपूर्ण जांच के लिए पर्चा बनाया गया। विमलेश ने रविवार को बताया कि वह तीन दिन जांच का पर्चा लेकर लोहिया अस्पताल गया, लेकिन उसकी ब्लड जांच नहीं की गई।
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मायूस होकर उसने प्राइवेट पैथालॉजी में जांच कराकर निजी डाक्टर से इलाज कराया। इससे अब वह ठीक है। विमलेश ने खून की जांच का लोहिया अस्पताल का पर्चा दिखाते हुए बताया कि वह तीन बार लोहिया अस्पताल गया, लेकिन उसके खून की जांच नहीं की गई।