{"_id":"60aa97db8ebc3e00d2620c9f","slug":"corona-farrukhabad-news-knp6300354169","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोरोना कर्फ्यू में घरों से बेधड़क निकल रहे लोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोरोना कर्फ्यू में घरों से बेधड़क निकल रहे लोग
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फर्रुखाबाद। कोरोना कर्फ्यू के बावजूद लोग घरों से बेधड़क निकल रहे हैं। इस पर अंकुश लगाने के लिए जिम्मेदारी विभाग भी तमाशबीन हैं।
रविवार को लाल सराय, घुमना और चौक पर वाहनों की खासी भीड़ रही। लालसराय पर तो जाम भी लग गया। संक्रमण से बेखौफ लोग टेंपो, ई-रिक्शा पर सवार होकर आते-जाते दिखे। कहीं भी पुलिसकर्मियों ने रोकने की जहमत नहीं उठाई। वहीं बाजारों का आलम ये है कि कई दुकानों में दिन भर शटर खुलते और बंद होते रहते हैं।
लिंजीगंज, मन्नीगंज और ग्राटगंज की बाजारों में इसी तरह दिन भर रुक-रुक कर बिक्री होती रहती है। शहर कोतवाल वेद प्रकाश पांडेय ने बताया कि सख्ती की जा रही है। कुछ लोग जरूरी कामों से निकलते हैं तो कहीं-कहीं भीड़ लग जाती है। आगे और सख्ती बढ़ाई जाएगी।
चौक से घुमना तक प्रत्येक रविवार को संडे बाजार लगता है। कर्फ्यू के बाद से इसे बंद कर दिया गया। इससे सैकड़ों दुकानदारों के सामने रोजी-रोटी की दिक्कत खड़ी हो गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
रविवार को लाल सराय, घुमना और चौक पर वाहनों की खासी भीड़ रही। लालसराय पर तो जाम भी लग गया। संक्रमण से बेखौफ लोग टेंपो, ई-रिक्शा पर सवार होकर आते-जाते दिखे। कहीं भी पुलिसकर्मियों ने रोकने की जहमत नहीं उठाई। वहीं बाजारों का आलम ये है कि कई दुकानों में दिन भर शटर खुलते और बंद होते रहते हैं।
लिंजीगंज, मन्नीगंज और ग्राटगंज की बाजारों में इसी तरह दिन भर रुक-रुक कर बिक्री होती रहती है। शहर कोतवाल वेद प्रकाश पांडेय ने बताया कि सख्ती की जा रही है। कुछ लोग जरूरी कामों से निकलते हैं तो कहीं-कहीं भीड़ लग जाती है। आगे और सख्ती बढ़ाई जाएगी।
विज्ञापन
चौक से घुमना तक प्रत्येक रविवार को संडे बाजार लगता है। कर्फ्यू के बाद से इसे बंद कर दिया गया। इससे सैकड़ों दुकानदारों के सामने रोजी-रोटी की दिक्कत खड़ी हो गई है।
विज्ञापन