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ट्रैक्टर की टक्कर सिपाही की मौत, होमगार्ड घायल

Wed, 27 Feb 2019 10:58 PM IST
farrukhabad Published by: मनोज कुमार Updated Wed, 27 Feb 2019 10:58 PM IST
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constable death in a road accident, home guard injured in farrukhabad
accident
शहर के ठंडी सड़क स्थित पीएनबी के निकट ट्रैक्टर की टक्कर से स्कूटी सवार सिपाही की मौत हो गई, जबकि साथी होमगार्ड घायल हो गया। उसे लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया। हेलमेट न लगाने से सिर पर चोट लगी और मौत हो गई। जानकारी पर अस्पताल पहुंचे परिजनों में कोहराम मच गया। 
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नवाबगंज थाना क्षेत्र के गांव नगला जब्ब निवासी रामप्रकाश का 40 वर्षीय बेटा रजनेश यादव पुलिस में सिपाही थे। वह कानपुर नगर के बादशाही नाका थाने में तैनात थे। मंगलवार को कानपुर से थाना मऊदरवाजा व राजेपुर में समन तामील कराने आए थे। बुधवार दोपहर वह नवाबगंज थाने से नगला लोधी निवासी होमगार्ड लालाराम के साथ स्कूटी से शहर आ रहे थे। ठंडी सड़क पीएनबी के पास पीछे से आए टेंपो ने स्कूटी में टक्कर मार दी। इससे वह दोनों लोग सड़क पर गिर पड़े। पीछे से आए आलू भरे ट्रैक्टर-ट्राली की चपेट में रजनेश आ गए। घटना के बाद चालक ट्रैक्टर-ट्राली लेकर चला गया। घायल सिपाही व होमगार्ड को पुलिस ने लोहिया अस्पताल पहुंचाया। वहां डॉक्टर ने सिपाही रजनेश को मृत घोषित कर दिया, जबकि घायल होमगार्ड लालाराम को भर्ती कर लिया गया। 
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अस्पताल में भर्ती होमगार्ड ने बताया कि मंगलवार को सिपाही रजनेश के चाचा पूर्व सैनिक राजवीर को गांव में विवाद के चलते मारपीट में घायल कर दिया गया था। इसकी सूचना थाने में दर्ज कराई गई थी। वह रजनेश के साथ थाने से कागज लेकर घायल राजवीर का लोहिया अस्पताल में एक्सरे कराने आ रहे थे। रेलवे रोड पर दुर्घटना हो गई। हेलमेट न लगाने से सिपाही की मौत हो गई। जानकारी पर अपर पुलिस अधीक्षक त्रिभुवन सिंह व होमगार्ड कमांडेंट मौके पर पहुंच गए। 
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सिपाही के भाई कारगिल युद्ध में हुए थे शहीद
सिपाही रजनेश तीन भाइयों में सबसे छोटे थे। उनके बड़े भाई राकेश कुमार वर्ष 1999 में कारगिल युद्ध में शहीद हो गए थे। उनका परिवार फतेहगढ़ में रहता है। जबकि दूसरे नंबर के भाई शिवकेश यादव सेना से रिटायर होने के बाद अपनी ससुराल अमृतपुर थाना क्षेत्र के गांव हूसा नगला में परिवार सहित रहते हैं। गांव में उनकी मां रहती है। 


पिता का शव देखते ही बेटी हुई बेहोश 
सिपाही रजनेश की पत्नी सुदामा अपने चार बच्चों के साथ नेकपुर स्थित मकान में रहती हैं। बड़ा बेटा गौरव (17), सौरभ (12), बेटी प्रिया (15) व अर्चना (6) हैं। पिता की मौत की सूचना पर अस्पताल पहुंची बेटी प्रिया शव देखते ही बेहोश होकर गिर पड़ी। अन्य परिजनों ने चेहरे पर पानी के छींटे मारे, तब वह होश में आई। पत्नी व बच्चों को करुणक्रंदन देख हर आंख नम हो गई। वहीं, बहन सियालली विलाप करती रही।
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