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प्रदूषण विभाग की टीम ने छपाई कारखानों में की चेकिंग
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शहर में औद्योगिक क्षेत्र की नाली में बहता रंगीन पानी।
- फोटो : FARRUKHABAD
कारखाने बंद पर नालियों में रंगीन पानी
फर्रुखाबाद। मेला रामनगरिया में मौनी अमावस्या पर होने वाले मुख्य स्नान के लिए शुद्ध जल उपलब्ध कराने की मंशा से वस्त्र छपाई कारखानों को बंद कराने के लिए प्रदूषण विभाग की टीम ने शनिवार को चेकिंग की। टीम को कोई भी कारखाना चलता नहीं मिला लेकिन नालियों में रंगीन पानी बह रहा था। इससे साफ है कि कारखानों में कपड़ों की धुलाई का काम चलता रहा।
मौनी अमावस्या पर 11 फरवरी को मुख्य स्नान है। इस दिन पांचाल घाट पर मेला रामनगरिया और प्रयागराज में माघ मेला को देखते हुए शासन ने शनिवार से वस्त्र छपाई उद्योगों को बंद कराने के निर्देश दिए थे।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के जेई फरेश कुमार, अनुश्रवण सहायक बीएस द्विवेदी समेत तीन अफसरों की टीम ने चांदपुर, खानपुर, गंगा दरवाजा, अंगूरी बाग और औद्योगिक क्षेत्र में वस्त्र छपाई कारखानों की जांच की। जेई ने दो कारखानों में लगे ईटीपी प्लांट भी देखे। टीम को किसी भी कारखाने में छपाई का काम होता नहीं मिला।
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जिस वक्त टीम कारखानों की जांच कर रही थी, उसी वक्त नालियों में हरा पानी बह रहा था। इससे साफ है कि कारखानों में कपड़े रंगने के बाद रंगीन पानी नालों में बहाया गया है। हालांकि यह पानी किसी भी अधिकारी को नहीं दिखाई दिया। जेई फरेश कुमार ने बताया कि किसी को भी छपाई नहीं करने दी जाएगी। यदि चोरी छिपे कोई करेगा, तो जानकारी मिलने पर उस पर कार्रवाई करेंगे।
कारखाने का नहीं खोला गेट
ठंडी सड़क स्थित औद्योगिक क्षेत्र में एक वस्त्र छपाई कारखाने की जांच करने टीम पहुंची। उसी वक्त कई लोगों ने टीम से अंदर काम होने की जानकारी दी। टीम करीब आधा घंटे तक बाहर खड़ी रही। कारखाने के मालिक को फोन किया, तो उसने बाहर होने की बात कही। चौकीदार के फतेहगढ़ चले जाने की बात कह दी गई। इससे टीम बिना जांच किए ही लौट गई।
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फर्रुखाबाद। मेला रामनगरिया में मौनी अमावस्या पर होने वाले मुख्य स्नान के लिए शुद्ध जल उपलब्ध कराने की मंशा से वस्त्र छपाई कारखानों को बंद कराने के लिए प्रदूषण विभाग की टीम ने शनिवार को चेकिंग की। टीम को कोई भी कारखाना चलता नहीं मिला लेकिन नालियों में रंगीन पानी बह रहा था। इससे साफ है कि कारखानों में कपड़ों की धुलाई का काम चलता रहा।
मौनी अमावस्या पर 11 फरवरी को मुख्य स्नान है। इस दिन पांचाल घाट पर मेला रामनगरिया और प्रयागराज में माघ मेला को देखते हुए शासन ने शनिवार से वस्त्र छपाई उद्योगों को बंद कराने के निर्देश दिए थे।
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प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के जेई फरेश कुमार, अनुश्रवण सहायक बीएस द्विवेदी समेत तीन अफसरों की टीम ने चांदपुर, खानपुर, गंगा दरवाजा, अंगूरी बाग और औद्योगिक क्षेत्र में वस्त्र छपाई कारखानों की जांच की। जेई ने दो कारखानों में लगे ईटीपी प्लांट भी देखे। टीम को किसी भी कारखाने में छपाई का काम होता नहीं मिला।
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जिस वक्त टीम कारखानों की जांच कर रही थी, उसी वक्त नालियों में हरा पानी बह रहा था। इससे साफ है कि कारखानों में कपड़े रंगने के बाद रंगीन पानी नालों में बहाया गया है। हालांकि यह पानी किसी भी अधिकारी को नहीं दिखाई दिया। जेई फरेश कुमार ने बताया कि किसी को भी छपाई नहीं करने दी जाएगी। यदि चोरी छिपे कोई करेगा, तो जानकारी मिलने पर उस पर कार्रवाई करेंगे।
कारखाने का नहीं खोला गेट
ठंडी सड़क स्थित औद्योगिक क्षेत्र में एक वस्त्र छपाई कारखाने की जांच करने टीम पहुंची। उसी वक्त कई लोगों ने टीम से अंदर काम होने की जानकारी दी। टीम करीब आधा घंटे तक बाहर खड़ी रही। कारखाने के मालिक को फोन किया, तो उसने बाहर होने की बात कही। चौकीदार के फतेहगढ़ चले जाने की बात कह दी गई। इससे टीम बिना जांच किए ही लौट गई।