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Farrukhabad News: सीएमओ को फार्मासिस्ट देखता मिला मरीज
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फर्रुखाबाद। सीएचसी व पीएचसी पर रविवार को लगने वाला आयुष्मान मेले में डॉक्टरों की मनमानी से व्यवस्था बदहाल है। कई पीएचसी पर डॉक्टर गायब रहने के साथ जांच के भी इंतजाम नहीं हैं। सीएमओ को फार्मासिस्ट मरीज को देखता मिला। वहीं खांसी के सीरप का भी टोटा है।
सरकार का ड्रीम प्रोजेक्ट आयुष्मान भव: मेला बदहाली का शिकार है। शहर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र आईटीआई में जिम्मेदारों की अनदेखी के चलते अक्सर डॉक्टर आती ही नहीं हैं। आयुष्मान मेले में भी डॉक्टर न होने से मरीज लौटते रहे। पीएचसी नवदिया में एलटी न होने से किसी मरीज की जांच नहीं हो सकी। पीएचसी रकाबगंज में 60 मरीज पहुंचे। यहां खांसी के मरीजों को सीरप नहीं मिल सकी।
एक घंटे पहले ही 3 बजे डॉक्टर अस्पताल से चली गईं। पीएचसी रमन्ना गुलजार बाग में 73 मरीज पहुंचे। इसमें 38 मरीज खांसी, जुकाम व बुखार के थे। एलटी न होने से किसी मरीज की जांच नहीं हो सकी। दो बजे डॉ.ऋषिनाथ गुप्ता के जाने के बाद फार्मासिस्ट अरविंद यादव ने मरीज देखकर दवाई दी। वहीं सीएचसी नवाबगंज में डीएम के निरीक्षण की भनक लगने से डॉक्टर व कर्मचारी ड्रेस कोड में अपनी ड्यूटी पर मुस्तैद रहे।
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सीएमओ डॉ.अवनींद्र कुमार ने मोहम्मदाबाद क्षेत्र के पीएचसी धीरपुर का निरीक्षण किया। व्यवस्था बेहतर मिलने पर उन्होंने डॉक्टर की तारीफ की। वह पीएचसी खिमसेपुर पहुंचे। वहां डॉ.सौरभ कटियार बैठै मिले, जबकि संविदा पर तैनात फार्मासिस्ट मरीज देखता मिला। सीएमओ ने स्टाक रजिस्टर व अन्य अभिलेख मांगे तो सीएचसी पर होना बताया गया। एक्सपायरी दवाओं का भी रजिस्टर नहीं दिखा गया। छह बेड का वार्ड खाली था, जबकि बेड स्टोर में डंप मिले। इस दौरान आशाओं ने शिकायत की कि बिना रिश्वत दिए कोई भुगतान नहीं किया जाता है। सीएमओ ने बताया कि बदहाल व्यवस्थाएं मिलने पर डॉक्टर का वेतन रोककर स्पष्टीकरण तलब किया गया है।
शमसाबाद क्षेत्र के पीएचसी चिलसरा में फार्मासिस्ट नरेंद्र कुमार ने 55 मरीज देखकर दवाई दी। एलटी न होने से किसी मरीज की जांच नहीं हो सकी। सीएचसी में प्रभारी डॉ.सरबर इकबाल, डॉ. कुलभूषण व डॉ.उर्मिला ने 60 मरीज देखे। 25 मरीजों की एलटी राजन राव ने जांच की।
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सरकार का ड्रीम प्रोजेक्ट आयुष्मान भव: मेला बदहाली का शिकार है। शहर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र आईटीआई में जिम्मेदारों की अनदेखी के चलते अक्सर डॉक्टर आती ही नहीं हैं। आयुष्मान मेले में भी डॉक्टर न होने से मरीज लौटते रहे। पीएचसी नवदिया में एलटी न होने से किसी मरीज की जांच नहीं हो सकी। पीएचसी रकाबगंज में 60 मरीज पहुंचे। यहां खांसी के मरीजों को सीरप नहीं मिल सकी।
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एक घंटे पहले ही 3 बजे डॉक्टर अस्पताल से चली गईं। पीएचसी रमन्ना गुलजार बाग में 73 मरीज पहुंचे। इसमें 38 मरीज खांसी, जुकाम व बुखार के थे। एलटी न होने से किसी मरीज की जांच नहीं हो सकी। दो बजे डॉ.ऋषिनाथ गुप्ता के जाने के बाद फार्मासिस्ट अरविंद यादव ने मरीज देखकर दवाई दी। वहीं सीएचसी नवाबगंज में डीएम के निरीक्षण की भनक लगने से डॉक्टर व कर्मचारी ड्रेस कोड में अपनी ड्यूटी पर मुस्तैद रहे।
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सीएमओ डॉ.अवनींद्र कुमार ने मोहम्मदाबाद क्षेत्र के पीएचसी धीरपुर का निरीक्षण किया। व्यवस्था बेहतर मिलने पर उन्होंने डॉक्टर की तारीफ की। वह पीएचसी खिमसेपुर पहुंचे। वहां डॉ.सौरभ कटियार बैठै मिले, जबकि संविदा पर तैनात फार्मासिस्ट मरीज देखता मिला। सीएमओ ने स्टाक रजिस्टर व अन्य अभिलेख मांगे तो सीएचसी पर होना बताया गया। एक्सपायरी दवाओं का भी रजिस्टर नहीं दिखा गया। छह बेड का वार्ड खाली था, जबकि बेड स्टोर में डंप मिले। इस दौरान आशाओं ने शिकायत की कि बिना रिश्वत दिए कोई भुगतान नहीं किया जाता है। सीएमओ ने बताया कि बदहाल व्यवस्थाएं मिलने पर डॉक्टर का वेतन रोककर स्पष्टीकरण तलब किया गया है।
शमसाबाद क्षेत्र के पीएचसी चिलसरा में फार्मासिस्ट नरेंद्र कुमार ने 55 मरीज देखकर दवाई दी। एलटी न होने से किसी मरीज की जांच नहीं हो सकी। सीएचसी में प्रभारी डॉ.सरबर इकबाल, डॉ. कुलभूषण व डॉ.उर्मिला ने 60 मरीज देखे। 25 मरीजों की एलटी राजन राव ने जांच की।