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आज से प्राइमरी की लगेगी कक्षाएं, 58 स्कूलों में बैठने को नहीं इंतजाम
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प्राथमिक विद्यालय नया गांव का जर्जर विद्यालय भवन। संवाद
- फोटो : FARRUKHABAD
फर्रुखाबाद। कोरोना महामारी के कारण करीब एक वर्ष बाद सोमवार से बेसिक शिक्षा विभाग के प्राथमिक स्कूल में कक्षाएं लगेंगी। जिले में 58 स्कूल कंडम घोषित हो चुके हैं। इन स्कूल के बच्चों को कहां बैठाया जाएगा, इसकी कोई व्यवस्था नहीं की गई है। व्यवस्था न होने से शिक्षक भी परेशान हैं। कोविड नियमों का पालन करने के लिए प्रतिदिन दो-दो कक्षा के बच्चों को ही स्कूल बुलाया जाएगा।
एक मार्च से बेसिक शिक्षा विभाग के प्राथमिक स्कूलों में कक्षाएं लगेंगी। 1290 प्राथमिक विद्यालयों में करीब एक लाख 56 हजार बच्चे पंजीकृत हैं। 58 विद्यालय भवन बच्चों के बैठाने लायक नहीं है। इनमें 42 को निष्प्रयोज्य घोषित किया जा चुका है। 16 की मरम्मत कराई जानी है। राजेपुर क्षेत्र में प्राथमिक विद्यालय नया गांव और लायकपुर समेत कई विद्यालय जर्जर तो हैं लेकिन उन्हें सूची में शामिल नहीं किया गया है। इन स्कूलों के अतिरिक्त कक्ष भी खस्ताहाल हैं। दोनों स्कूलों में कायाकल्प योजना से कोई काम नहीं कराया गया है।
बेसिक शिक्षा परिषद सचिव व राज्य परियोजना निदेशक ने जर्जर भवनों में बच्चों को बैठाने पर रोक लगाई है। ऐसे में जर्जर भवनों वाले स्कूलों में बच्चों को कहां बैठाया जाएगा, इसको लेकर शिक्षक परेशान हैं।
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1100 स्कूलों में कायाकल्प से काम
वर्ष 2020 में कायाकल्प योजना से 1100 से अधिक स्कूलों में सुंदरीकरण का काम शुरू कराया गया था। 469 स्कूलों में काम पूरा हो चुका है।
इस प्रकार बुलाए जाएंगे बच्चे
सोमवार व गुरुवार को कक्षा एक व पांच, मंगलवार व शुक्रवार को कक्षा दो व चार और बुधवार व शनिवार को कक्षा तीन के बच्चों को स्कूल बुलाया जाएगा।
चौपाल में फिर लगेगा विद्यालय
अमृतपुर। राजेपुर ब्लाक क्षेत्र के गांव तीसराम की मडैया में वर्ष 2016-17 व 2017-18 में गंगा की तेज बहाव से प्राथमिक विद्यालय का भवन टूट गया था। पास के गांव बंगला की मडैया में एक ग्रामीण की चौपाल में स्कूल लगाया जा रहा था। अभी तक विद्यालय भवन नहीं बन पाया है।
वर्जन
जर्जर घोषित विद्यालय के बच्चों को पास के विद्यालय में बैठाकर पढ़ाया जाएगा। इसके निर्देश खंड शिक्षा अधिकारियों को दिए जा चुके हैं। अगर कोई विद्यालय दूर है तो उसकी रिपोर्ट मांगी गई है। वहां वैकल्पिक व्यवस्था कराई जाएगी। -लालजी यादव, बीएसए
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एक मार्च से बेसिक शिक्षा विभाग के प्राथमिक स्कूलों में कक्षाएं लगेंगी। 1290 प्राथमिक विद्यालयों में करीब एक लाख 56 हजार बच्चे पंजीकृत हैं। 58 विद्यालय भवन बच्चों के बैठाने लायक नहीं है। इनमें 42 को निष्प्रयोज्य घोषित किया जा चुका है। 16 की मरम्मत कराई जानी है। राजेपुर क्षेत्र में प्राथमिक विद्यालय नया गांव और लायकपुर समेत कई विद्यालय जर्जर तो हैं लेकिन उन्हें सूची में शामिल नहीं किया गया है। इन स्कूलों के अतिरिक्त कक्ष भी खस्ताहाल हैं। दोनों स्कूलों में कायाकल्प योजना से कोई काम नहीं कराया गया है।
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बेसिक शिक्षा परिषद सचिव व राज्य परियोजना निदेशक ने जर्जर भवनों में बच्चों को बैठाने पर रोक लगाई है। ऐसे में जर्जर भवनों वाले स्कूलों में बच्चों को कहां बैठाया जाएगा, इसको लेकर शिक्षक परेशान हैं।
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1100 स्कूलों में कायाकल्प से काम
वर्ष 2020 में कायाकल्प योजना से 1100 से अधिक स्कूलों में सुंदरीकरण का काम शुरू कराया गया था। 469 स्कूलों में काम पूरा हो चुका है।
इस प्रकार बुलाए जाएंगे बच्चे
सोमवार व गुरुवार को कक्षा एक व पांच, मंगलवार व शुक्रवार को कक्षा दो व चार और बुधवार व शनिवार को कक्षा तीन के बच्चों को स्कूल बुलाया जाएगा।
चौपाल में फिर लगेगा विद्यालय
अमृतपुर। राजेपुर ब्लाक क्षेत्र के गांव तीसराम की मडैया में वर्ष 2016-17 व 2017-18 में गंगा की तेज बहाव से प्राथमिक विद्यालय का भवन टूट गया था। पास के गांव बंगला की मडैया में एक ग्रामीण की चौपाल में स्कूल लगाया जा रहा था। अभी तक विद्यालय भवन नहीं बन पाया है।
वर्जन
जर्जर घोषित विद्यालय के बच्चों को पास के विद्यालय में बैठाकर पढ़ाया जाएगा। इसके निर्देश खंड शिक्षा अधिकारियों को दिए जा चुके हैं। अगर कोई विद्यालय दूर है तो उसकी रिपोर्ट मांगी गई है। वहां वैकल्पिक व्यवस्था कराई जाएगी। -लालजी यादव, बीएसए