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बजट के बाद भी काम अधूरा, बीएसए से मांगी रिपोर्ट
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फर्रुखाबाद। परिषदीय विद्यालयों की सूरत में सुधार को लगातार तीन सालों से बजट सरकार दे रही है, इसके बाद भी काम समय से पूरा नहीं कराया जा रहा है। इस पर स्कूल शिक्षा महानिदेशक विजय किरन आनंद ने तीन साल में दिए गए बजट के आधार पर कराए गए काम और लंबित कामों का लेखा जोखा बीएसए से तलब किया है।
परिषदीय विद्यालयों में अवस्थापना सुविधाओं के सृजन को राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय लखनऊ विद्यालयों की चहार दीवारी, हैंडपंप, विद्युतीकरण व फर्नीचर के लिए 2017-18 व 2018-19 में बजट दिया गया था। समग्र शिक्षा के तहत रंगाई-पुताई, अनुरक्षण कार्य, विद्यालय की आवश्यकता अनुसार अन्य कार्य कराने को 2018-19 व 2019-20 में कंपोजिट ग्रांट भेजी गई। इससे पूर्व भी अन्य कार्य के लिए शासन से बजट आया। तीन साल से लगातार बजट आने के बाद विद्यालयों में रंगाई-पुताई, चहार दीवारी, हैंडपंप व अन्य काम समय से पूरे नहीं कराए जा रहे हैं। इसको गंभीरता से लेकर स्कूल शिक्षा महानिदेशक विजय किरन आनंद ने बीएसए से नाराजगी जताई है। उन्होंने तीन साल में भेजे गए बजट और उनके अनुसार कराए गए कामों का लेखाजोखा बीएसए से तलब किया है।
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परिषदीय विद्यालयों में अवस्थापना सुविधाओं के सृजन को राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय लखनऊ विद्यालयों की चहार दीवारी, हैंडपंप, विद्युतीकरण व फर्नीचर के लिए 2017-18 व 2018-19 में बजट दिया गया था। समग्र शिक्षा के तहत रंगाई-पुताई, अनुरक्षण कार्य, विद्यालय की आवश्यकता अनुसार अन्य कार्य कराने को 2018-19 व 2019-20 में कंपोजिट ग्रांट भेजी गई। इससे पूर्व भी अन्य कार्य के लिए शासन से बजट आया। तीन साल से लगातार बजट आने के बाद विद्यालयों में रंगाई-पुताई, चहार दीवारी, हैंडपंप व अन्य काम समय से पूरे नहीं कराए जा रहे हैं। इसको गंभीरता से लेकर स्कूल शिक्षा महानिदेशक विजय किरन आनंद ने बीएसए से नाराजगी जताई है। उन्होंने तीन साल में भेजे गए बजट और उनके अनुसार कराए गए कामों का लेखाजोखा बीएसए से तलब किया है।
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