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क्रिसमस पर्व पर छाई नोट बंदी की मंदी
अमर उजाला/फर्रुखाबाद
Updated Fri, 23 Dec 2016 10:53 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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नोट बंदी की मार ने इस पर क्रिसमस के त्योहार को फीका कर दिया है। जनरल स्टोर की दुकानों से लेकर बेकरियों पर भी इस बार भीड़भाड़ काफी कम है। त्योहार पर सिर्फ परंपराओं को मनाने के लिए लोग थोड़ी-बहुत खरीददारी कर रहे हैं। दुकानदारों का कहना है कि नोट बंदी से दुकानदारी पर 50 प्रतिशत का असर पड़ा है।
क्रिसमस डे (बड़ा दिन) का त्योहार ईसाई समाज का सबसे बड़ा त्योहार है। इस त्योहार पर समाज के लोग घरों में रंगाई-पुताई के साथ ही नए-नए पकवान बनाते हैं। इसके साथ ही घरों के बेहतरीन ढंग से सजाते हैं। इस त्योहार की रौनक सप्ताह भर पहले ही शुरू हो जाती है।
जनरल स्टोर और बेकरी दुकानदार इस त्योहार को भुनाने के लिए केक, चॉकलेट, क्रिसमस ट्री व सजावट आदि का स्टॉक कर लेते हैं। पर इस बार नोट बंदी नेत्योहार फीका कर दिया है। बेकरियों व जनरल स्टोर की दुकानों में काफी कम भीड़भाड़ है। केक के आर्डर भी दुकानदारों के पास कम हैं।
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क्रिसमस डे (बड़ा दिन) का त्योहार ईसाई समाज का सबसे बड़ा त्योहार है। इस त्योहार पर समाज के लोग घरों में रंगाई-पुताई के साथ ही नए-नए पकवान बनाते हैं। इसके साथ ही घरों के बेहतरीन ढंग से सजाते हैं। इस त्योहार की रौनक सप्ताह भर पहले ही शुरू हो जाती है।
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जनरल स्टोर और बेकरी दुकानदार इस त्योहार को भुनाने के लिए केक, चॉकलेट, क्रिसमस ट्री व सजावट आदि का स्टॉक कर लेते हैं। पर इस बार नोट बंदी नेत्योहार फीका कर दिया है। बेकरियों व जनरल स्टोर की दुकानों में काफी कम भीड़भाड़ है। केक के आर्डर भी दुकानदारों के पास कम हैं।
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