{"_id":"660da5f3cfb8208bc4066da4","slug":"child-molester-sentenced-to-seven-years-for-raping-girl-farrukhabad-news-c-222-1-sknp1019-109990-2024-04-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Farrukhabad News: बालिका से दुष्कर्म में बाल अपचारी को सात वर्ष की सजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Farrukhabad News: बालिका से दुष्कर्म में बाल अपचारी को सात वर्ष की सजा
विज्ञापन
फर्रुखाबाद। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट ने बालिका से दुष्कर्म में बाल अपचारी को दोषी करार देकर सात वर्ष की सजा सुनाई है। बाल अपचारी के माता-पिता को 50 हजार रुपये अर्थदंड के रूप में जमा करने के आदेश दिए है। अर्थदंड नहीं देने पर दोषी को एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
मोहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र के एक ग्रामीण ने बाल अपचारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें बताया कि 8 नवंबर 2021 को शाम चार बजे आठ वर्ष की पुत्री घूरा डालने के लिए गई थी। इसी दौरान बाल अपचारी ने पुत्री का दबोच लिया। उसके साथ दुष्कर्म किया। पुत्री को बेहोशी की हालत में छोड़कर भाग गया।
विवेचक ने जांच के बाद बाल अपचारी के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। मुकदमे की सुनवाई कर रहे न्यायाधीश सुमित प्रेमी ने गवाह व साक्ष्य के आधार पर बाल अपचारी को दोषी करार देकर सात वर्ष की सजा सुनाई है।
विज्ञापन
दोषी बाल अपचारी पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। बाल अपचारी के माता-पिता को अर्थदंड जमा करने के आदेश दिए। अर्थदंड नहीं देने पर बाल अपचारी को एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। जेल में बिताई गई अवधि को सजा में समायोजित करने के आदेश दिए। अभियोजन पक्ष की ओर से विकास कटियार, प्रदीप सिंह, अनुज कटियार ने दलीलें दीं।
विज्ञापन
मोहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र के एक ग्रामीण ने बाल अपचारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें बताया कि 8 नवंबर 2021 को शाम चार बजे आठ वर्ष की पुत्री घूरा डालने के लिए गई थी। इसी दौरान बाल अपचारी ने पुत्री का दबोच लिया। उसके साथ दुष्कर्म किया। पुत्री को बेहोशी की हालत में छोड़कर भाग गया।
विज्ञापन
विवेचक ने जांच के बाद बाल अपचारी के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। मुकदमे की सुनवाई कर रहे न्यायाधीश सुमित प्रेमी ने गवाह व साक्ष्य के आधार पर बाल अपचारी को दोषी करार देकर सात वर्ष की सजा सुनाई है।
विज्ञापन
दोषी बाल अपचारी पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। बाल अपचारी के माता-पिता को अर्थदंड जमा करने के आदेश दिए। अर्थदंड नहीं देने पर बाल अपचारी को एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। जेल में बिताई गई अवधि को सजा में समायोजित करने के आदेश दिए। अभियोजन पक्ष की ओर से विकास कटियार, प्रदीप सिंह, अनुज कटियार ने दलीलें दीं।