{"_id":"6929f77192f1175060007ac5","slug":"chcs-testing-lab-is-ready-but-machines-have-been-locked-in-boxes-for-five-months-farrukhabad-news-c-12-1-jhs1001-1343291-2025-11-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Farrukhabad News: सीएचसी की जांच लैब तैयार पर पांच माह से डिब्बों में बंद मशीनें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Farrukhabad News: सीएचसी की जांच लैब तैयार पर पांच माह से डिब्बों में बंद मशीनें
Sat, 29 Nov 2025 12:56 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
Updated Sat, 29 Nov 2025 12:56 AM IST
विज्ञापन
नवाबगंज। कस्बे के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पर मरीजों को जांच की सुविधा नहीं मिल पा रही है। निर्माणाधीन लैब तैयार है। लाखों रुपये की मशीनें पांच माह पहले आ चुकी हैं। बस कुछ कंप्यूटर और एयर कंडीशनर (एसी) न लगने से मशीनें गत्तों से बाहर नहीं निकल सकी हैं।
कस्बे की करीब पांच हजार की आबादी को निजी लैब से जांच करानी पड़ रही है। नवाबगंज सीएचसी में रोजाना 150 मरीज आते हैं। इनमें से 30-35 मरीजों को सीबीसी समेत तमाम तरह की जांचें लिखी जाती हैं। मरीजों को निजी लैबों पर मोटी रकम खर्च करनी पड़ रही है। इससे मरीज परेशान हो रहे। ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को ब्लॉक स्तर पर बनी सीएचसी में बेहतर उपचार मिल सके इस उद्देश्य से नवाबगंज सीएचसी में ब्लाॅक पब्लिक हेल्थ यूनिट का निर्माण 40 लाख रुपये से कराया गया है।
इसे चालू करने के लिए जुलाई में मशीनें भी आ गई थीं। बायोकेमिस्ट्री समेत 22 तरह की मशीनें गत्तों (डिब्बों) में बंद रखी हैं। इनको फार्मासिस्ट राजीव कुमार ने रिसीव किया। इसके बाद इन्हें चीफ फार्मासिस्ट सर्वेश कटियार ने स्टोर में रखवा दिया। अब तक इन मशीनों को लैब में लगाया नहीं जा सका।
विज्ञापन
हर रोज 150 से अधिक आने वाले मरीजों में 30-35 को महंगी जांचें लिखी जाती हैं। कार्यदायी संस्था ने लैब टेक्नीशियन लखन यादव की तैनाती भी कर दी है। वह भी बिना काम के ही पगार ले रहे हैं। वहीं, मरीजों को परेशान होना पड़ रहा है।
विज्ञापन
कस्बे की करीब पांच हजार की आबादी को निजी लैब से जांच करानी पड़ रही है। नवाबगंज सीएचसी में रोजाना 150 मरीज आते हैं। इनमें से 30-35 मरीजों को सीबीसी समेत तमाम तरह की जांचें लिखी जाती हैं। मरीजों को निजी लैबों पर मोटी रकम खर्च करनी पड़ रही है। इससे मरीज परेशान हो रहे। ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को ब्लॉक स्तर पर बनी सीएचसी में बेहतर उपचार मिल सके इस उद्देश्य से नवाबगंज सीएचसी में ब्लाॅक पब्लिक हेल्थ यूनिट का निर्माण 40 लाख रुपये से कराया गया है।
विज्ञापन
इसे चालू करने के लिए जुलाई में मशीनें भी आ गई थीं। बायोकेमिस्ट्री समेत 22 तरह की मशीनें गत्तों (डिब्बों) में बंद रखी हैं। इनको फार्मासिस्ट राजीव कुमार ने रिसीव किया। इसके बाद इन्हें चीफ फार्मासिस्ट सर्वेश कटियार ने स्टोर में रखवा दिया। अब तक इन मशीनों को लैब में लगाया नहीं जा सका।
विज्ञापन
हर रोज 150 से अधिक आने वाले मरीजों में 30-35 को महंगी जांचें लिखी जाती हैं। कार्यदायी संस्था ने लैब टेक्नीशियन लखन यादव की तैनाती भी कर दी है। वह भी बिना काम के ही पगार ले रहे हैं। वहीं, मरीजों को परेशान होना पड़ रहा है।