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छप्पर में संदिग्ध परिस्थितियों में लगी आग, 40 हजार का नुकसान
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गांव गूजरपुर गहलवार में झोपड़ी में लगी आग।
- फोटो : FARRUKHABAD
छप्पर में लगी आग, 40 हजार का नुकसान
अमृतपुर। छत पर रखे छप्पर में मंगलवार की दोपहर संदिग्ध परिस्थितियों में आग लग गई। इससे अनाज व गृहस्थी का सामान जलकर राख हो गया। गांव के लोगों के सहयोग से ग्रामीण ने आग पर काबू पाया। आग से करीब 40 हजार रुपये का नुकसान हुआ है। इसकी जानकारी तहसील में दी गई है।
गांव गूजरपुर गहलवार निवासी रमेश चंद्र कश्यप के घर की छत पर छप्पर रखा था। इसमें गृहस्थी का सामान, अनाज और खाली गैस सिलिंडर रखा था। मंगलवार दोपहर करीब डेढ़ बजे संदिग्ध परिस्थितियों में छप्पर में आग लग गई। आसपास के लोगों ने शोर मचाया तो रमेश चंद्र भी घर से बाहर निकले।
छप्पर में सिलिंडर रखा होने के डर से पहले कोई भी आग पर काबू पाने की हिम्मत नहीं कर सका। कुछ देर बाद रमेश ने गांव के लोगों के सहयोग से सबमर्सिबल पंप और हैंडपंप से पानी भरकर डालने के साथ मिट्टी डाली। इससे करीब आधा घंटे बाद आग पर काबू पाया जा सका।
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तब तक छप्पर के नीचे रखा पूरा सामान राख हो गया था। रमेश चंद्र ने बताया कि आग से करीब 40 हजार रुपये का नुकसान हुआ है। इसकी जानकारी तहसील में दी है। देर शाम तक कोई भी तहसील से नुकसान का आंकलन करने नहीं पहुंचा।
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अमृतपुर। छत पर रखे छप्पर में मंगलवार की दोपहर संदिग्ध परिस्थितियों में आग लग गई। इससे अनाज व गृहस्थी का सामान जलकर राख हो गया। गांव के लोगों के सहयोग से ग्रामीण ने आग पर काबू पाया। आग से करीब 40 हजार रुपये का नुकसान हुआ है। इसकी जानकारी तहसील में दी गई है।
गांव गूजरपुर गहलवार निवासी रमेश चंद्र कश्यप के घर की छत पर छप्पर रखा था। इसमें गृहस्थी का सामान, अनाज और खाली गैस सिलिंडर रखा था। मंगलवार दोपहर करीब डेढ़ बजे संदिग्ध परिस्थितियों में छप्पर में आग लग गई। आसपास के लोगों ने शोर मचाया तो रमेश चंद्र भी घर से बाहर निकले।
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छप्पर में सिलिंडर रखा होने के डर से पहले कोई भी आग पर काबू पाने की हिम्मत नहीं कर सका। कुछ देर बाद रमेश ने गांव के लोगों के सहयोग से सबमर्सिबल पंप और हैंडपंप से पानी भरकर डालने के साथ मिट्टी डाली। इससे करीब आधा घंटे बाद आग पर काबू पाया जा सका।
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तब तक छप्पर के नीचे रखा पूरा सामान राख हो गया था। रमेश चंद्र ने बताया कि आग से करीब 40 हजार रुपये का नुकसान हुआ है। इसकी जानकारी तहसील में दी है। देर शाम तक कोई भी तहसील से नुकसान का आंकलन करने नहीं पहुंचा।