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Farrukhabad News: चाचूपुर में पसरा सन्नाटा, गलियों में पुलिस के बूंटों की आवाज
Sun, 10 May 2026 12:20 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
Updated Sun, 10 May 2026 12:20 AM IST
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अमृतपुर। पथराव होने के कुछ ही देर बाद चाचूपुर छावनी में तब्दील हो गया। हर गली में पुलिस के बूटों की आवाज सुनाई दे रही थी। कोई बच्चा भी गली में घूमता नहीं दिखा। सभी घरों में दुबक गए थे या खेतों की ओर भाग गए थे।
पथराव के कुछ देर बाद ही पांच थानों व पुलिस लाइन से फोर्स चाचूपुर पहुंच गया। इसके बाद पुलिस एक्शन में नजर आई। लाठियां फटकार कर ग्रामीणों को खदेड़ दिया। लोग घरों में घुस गए। सड़क पर सन्नाटा होने के बाद पुलिस ने उपद्रव करने वालाें को चिह्नित कर उन्हें घर से पकड़ लिया। इसके अलावा उधर से गुजरने वाले लोगों को रोकर उनकी तस्दीक करने के बाद ही आगे जाने दिया गया। बाइक से निकलने वाले गांवों के लोगों को रोकर पूछताछ की और हाथों मिट्टी लगे होने या कपड़ों में मिट्टी लगी होने पर उन्हें पकड़ लिया और थाने भेज दिया।
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चाचूपुर गांव में देसी शराब का ठेका करीब बीस वर्ष से है। जबकि पिछले दो वर्ष से अंग्रेजी शराब का भी ठेका खुल गया है। गांव की महिलाओं का कहना है कि शराब का ठेका होने से उनके घरों के पुरुष शराब पीने के आदी हो गए हैं। इसके चलते गांव में आए दिन विवाद होता है। मजदूरी करने के बाद शराब पीने से आर्थिक स्थिति भी नहीं सुधर पा रही है। ब्रजेश भी मजदूरी करता था और शराब पीने का आदी था। ग्रामीणों का आरोप है उसका शुक्रवार को शराब ठेके के सेल्समैन से विवाद हुआ था। इसके बाद वह जाकर पुलिया पर बैठ गया था। देर शाम गांव के लोगों ने उसे देखा था। पर बाद में नजर नहीं आया था। इसके चलते ही उसके परिजन हत्या कर शव फेंके जाने का आरोप लगा रहे थे। तभी उन्होंने शव उठाकर शराब ठेके के बाहर ले जाकर रख दिया था। इस शराब के ठेके को बंद कराने के लिए करीब दो वर्ष पूर्व भी महिलाओं ने जाम लगाया था। तब उन्हें ठेका हटाए जाने का भरोसा देकर शांत कर दिया गया था।
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कड़हर मार्ग पर जाम लगाने का प्रयास, ठेके में की तोड़फोड़
ब्रजेश का शव पड़ा मिलने के बाद पुलिस सुबह ही मौके पर पहुंच गई थी। पुलिस की मौजूदगी में ही शव को पानी से बाहर निकाला गया। कुछ देर वहां रखने के बाद परिजन शव उठाकर जाम लगाने के लिए कड़हर मार्ग पर पहुंचे। पुलिस के रोकने पर ग्रामीणों ने शव उठाकर ठेके के सामने रख दिया। तब ठेका खुला था। ग्रामीणों ने ठेके में तोड़फोड़ कर दी। इस पर सेल्समैन ने अंदर से शटर बंद कर लिया। डर की वजह से वह मामला शांत होने के बाद भी ठेके से बाहर निकल सका।
उपद्रव शुरू होते दुकानें बंद कर भागे दुकानदार
दोपहर को उपद्रव होते ही गांव की दुकानों के शटर नीचे हो गए। सभी दुकानदार दुकानें बंद कर खिसक गए। इस महिलाओं ने बच्चों को अंदर बुलाकर दरवाजे बंद कर लिए। इस दौरान कड़हर की ओर से आने वाहन भी वापस चले गए।
ग्रामीण लिखकर दें, तब होगा ठेका हटाने पर विचार
आबकारी निरीक्षक रीतू वर्मा ने बताया कि ठेका एक दिन में नहीं हट सकता है। ग्रामीणों को लिखित रूप में शिकायत करें। उसके बाद ठेका हटाए जाने पर विचार किया जाएगा।
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पथराव के कुछ देर बाद ही पांच थानों व पुलिस लाइन से फोर्स चाचूपुर पहुंच गया। इसके बाद पुलिस एक्शन में नजर आई। लाठियां फटकार कर ग्रामीणों को खदेड़ दिया। लोग घरों में घुस गए। सड़क पर सन्नाटा होने के बाद पुलिस ने उपद्रव करने वालाें को चिह्नित कर उन्हें घर से पकड़ लिया। इसके अलावा उधर से गुजरने वाले लोगों को रोकर उनकी तस्दीक करने के बाद ही आगे जाने दिया गया। बाइक से निकलने वाले गांवों के लोगों को रोकर पूछताछ की और हाथों मिट्टी लगे होने या कपड़ों में मिट्टी लगी होने पर उन्हें पकड़ लिया और थाने भेज दिया।
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चाचूपुर गांव में देसी शराब का ठेका करीब बीस वर्ष से है। जबकि पिछले दो वर्ष से अंग्रेजी शराब का भी ठेका खुल गया है। गांव की महिलाओं का कहना है कि शराब का ठेका होने से उनके घरों के पुरुष शराब पीने के आदी हो गए हैं। इसके चलते गांव में आए दिन विवाद होता है। मजदूरी करने के बाद शराब पीने से आर्थिक स्थिति भी नहीं सुधर पा रही है। ब्रजेश भी मजदूरी करता था और शराब पीने का आदी था। ग्रामीणों का आरोप है उसका शुक्रवार को शराब ठेके के सेल्समैन से विवाद हुआ था। इसके बाद वह जाकर पुलिया पर बैठ गया था। देर शाम गांव के लोगों ने उसे देखा था। पर बाद में नजर नहीं आया था। इसके चलते ही उसके परिजन हत्या कर शव फेंके जाने का आरोप लगा रहे थे। तभी उन्होंने शव उठाकर शराब ठेके के बाहर ले जाकर रख दिया था। इस शराब के ठेके को बंद कराने के लिए करीब दो वर्ष पूर्व भी महिलाओं ने जाम लगाया था। तब उन्हें ठेका हटाए जाने का भरोसा देकर शांत कर दिया गया था।
कड़हर मार्ग पर जाम लगाने का प्रयास, ठेके में की तोड़फोड़
ब्रजेश का शव पड़ा मिलने के बाद पुलिस सुबह ही मौके पर पहुंच गई थी। पुलिस की मौजूदगी में ही शव को पानी से बाहर निकाला गया। कुछ देर वहां रखने के बाद परिजन शव उठाकर जाम लगाने के लिए कड़हर मार्ग पर पहुंचे। पुलिस के रोकने पर ग्रामीणों ने शव उठाकर ठेके के सामने रख दिया। तब ठेका खुला था। ग्रामीणों ने ठेके में तोड़फोड़ कर दी। इस पर सेल्समैन ने अंदर से शटर बंद कर लिया। डर की वजह से वह मामला शांत होने के बाद भी ठेके से बाहर निकल सका।
उपद्रव शुरू होते दुकानें बंद कर भागे दुकानदार
दोपहर को उपद्रव होते ही गांव की दुकानों के शटर नीचे हो गए। सभी दुकानदार दुकानें बंद कर खिसक गए। इस महिलाओं ने बच्चों को अंदर बुलाकर दरवाजे बंद कर लिए। इस दौरान कड़हर की ओर से आने वाहन भी वापस चले गए।
ग्रामीण लिखकर दें, तब होगा ठेका हटाने पर विचार
आबकारी निरीक्षक रीतू वर्मा ने बताया कि ठेका एक दिन में नहीं हट सकता है। ग्रामीणों को लिखित रूप में शिकायत करें। उसके बाद ठेका हटाए जाने पर विचार किया जाएगा।