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मिलावटी शराब बनाने की फैक्ट्री पकड़ी
अमर उजाला
Updated Sat, 16 Dec 2017 11:47 PM IST
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accused in police custody
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
मऊदरवाजा थाना क्षेत्र के बरौन गांव में तेजाब फैक्ट्री की आड़ में मिलावटी व नकली शराब बनाने के गोरखधंधे का खुलासा हुआ है। शुक्रवार देर रात पुलिस ने गांव में छापा मारा। पुलिस ने मकान से हिमाचल प्रदेश की 65 पेटी शराब, शराब के क्वार्टर से भरी 71 बोरियां, 400 लीटर रेक्टीफाइड स्प्रिट, 10 हजार ढक्कन, 12 हजार लेबल, दो हजार होलोग्राम, एक सेंट्रो कार और एक बाइक बरामद की है। पुलिस ने शराब तस्कर व उसके साले को गिरफ्तार किया है। आबकारी निरीक्षक ने बरामद शराब की कीमत करीब 20 लाख रुपये बताई है।
मिलावटी शराब बनाने की सूचना पर थाना प्रभारी भुवनेश कुमार ने फोर्स के साथ गांव की सीमा पर बने मकान पर दबिश दी। भनक लगने पर मुख्य आरोपी इंद्रपाल सिंह भाग निकला। पुलिस ने उसके साले अंकित पाल सिंह को दबोच लिया। थाना प्रभारी ने बताया कि बोरियों में 150 से लेकर 200 शराब के क्वार्टर भरे थे। इन क्वार्टर पर उत्तर प्रदेश में बिक्री होने वाली देशी शराब का होलोग्राम लगाया जाना था। थाना प्रभारी ने बताया कि अंकित की निशानदेही पर मुख्य आरोपी इंद्रपाल सिंह निवासी धंसुआ कोतवाली फतेहगढ़ को उसके मकान से गिरफ्तार कर लिया गया। उसके मकान से भी भारी मात्रा में होलोग्राम, शराब के ढक्कन बरामद किए। आबकारी निरीक्षक अमित राज ने बताया कि बरामद शराब हरियाणा में बनाई जाती है और हिमाचल प्रदेश में बेचने के लिए वैध है। इस अंग्रेजी शराब की पैकिंग उत्तर प्रदेश में बिकने वाली देशी शराब के क्वार्टर जैसी होती है। हरियाणा और हिमाचल से शराब की तस्करी कर यहां ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध रूप से बेच रहे थे। आबकारी निरीक्षक ने बताया कि पकड़े गए आरोपी स्प्रिट से नकली शराब भी बनाते थे।
फर्रुखाबाद। इंद्रपाल सिंह शराब का पुराना तस्कर है। वह शराब की तस्करी में पहले भी जेल जा चुका है। जिस मकान में कारखाना पकड़ा गया वह बरौन गांव के अजयपाल का है। इंद्रपाल ने शौचालय साफ करने वाला तेजाब बनाने की बात कहकर एक दिसंबर को ही मकान किराए पर लिया था।
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पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि शराब पैकिंग व मिलावट का काम रात में किया जाता था। रात में काम करते समय रोशन बाहर न जाए, इसके लिए शटर के नीचे मिट्टी लगा दी थी। शराब की सप्लाई भी रात के अंधेरे में ही की जाती थी। इंद्रपाल के खिलाफ शराब तस्करी के कई मामले दर्ज हैं। दो मामलों में फरार था। अंकित ने पुलिस को बताया कि वह शराब की पेटी को कार में रख कर कायमगंज पुलिया के पास लेकर जाते है। वहां पर एक आदमी आता है। पेटी लेकर चला जाता था। इसके बाद वह वापस लौट आता था। वह आदमी कौन था। इसकी उसे जानकारी नहीं है। शराब तस्कर जीजा और साले के खिलाफ धारा 259, 60, अवैध शराब बनाने में आबाकरी अधिनियम की धारा 60, 420,470,471 सहित कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
फर्रुखाबाद। मऊदरवाजा थाना क्षेत्र के गांव बरौन से पुलिस ने हिमाचल प्रदेश की शराब के साथ 400 लीटर रेक्टीफाइड स्प्रीट भी बरामद की है। आबकारी निरीक्षक अमित राज ने बताया कि ये स्प्रिट शुद्ध अल्कोहल होती है। एक लीटर स्प्रिट में पानी और रंग मिलाकर करीब पौने तीन लीटर शराब बनाई जा सकती है। मकान से मिली 400 लीटर स्प्रिट से करीब 1111 लीटर नकली शराब बनाई जा सकती है। उत्तर प्रदेश की देशी खराब के सरकारी भाव में इतनी शराब की कीमत लगभग 3.60 लाख रुपये होती है। शराब के लगातार सेवन से गुर्दे और लीवर शराब हो सकते हैं। अमित राज ने बताया कि बरामद शराब, होलोग्राम आदि जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे जाएंगे।
फर्रुखाबाद (ब्यूरो)। आबकारी विभाग के पास स्टाफ की कमी होने के कारण ऐसे लोगों के बारे में जानकारी नहीं मिल पा रही है। सिटी सर्किल में स्टाफ कम होने से एक सिपाही फतेहगढ़, एक सिपाही फर्रुखाबाद और एक सिपाही मऊदरवाजा इलाके को देखने के लिए लगाया गया। इस समय मऊदरवाजा में जिस सिपाही की ड्यटी है। वह कुछ दिनों से छुट्टी पर चल रहा है। हालांकि आबकारी निरीक्षक अमित राज कहते है कि इसके बाद भी वह लगातार छापेमारी की अवैध शराब को पकड़ रहे है।
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मिलावटी शराब बनाने की सूचना पर थाना प्रभारी भुवनेश कुमार ने फोर्स के साथ गांव की सीमा पर बने मकान पर दबिश दी। भनक लगने पर मुख्य आरोपी इंद्रपाल सिंह भाग निकला। पुलिस ने उसके साले अंकित पाल सिंह को दबोच लिया। थाना प्रभारी ने बताया कि बोरियों में 150 से लेकर 200 शराब के क्वार्टर भरे थे। इन क्वार्टर पर उत्तर प्रदेश में बिक्री होने वाली देशी शराब का होलोग्राम लगाया जाना था। थाना प्रभारी ने बताया कि अंकित की निशानदेही पर मुख्य आरोपी इंद्रपाल सिंह निवासी धंसुआ कोतवाली फतेहगढ़ को उसके मकान से गिरफ्तार कर लिया गया। उसके मकान से भी भारी मात्रा में होलोग्राम, शराब के ढक्कन बरामद किए। आबकारी निरीक्षक अमित राज ने बताया कि बरामद शराब हरियाणा में बनाई जाती है और हिमाचल प्रदेश में बेचने के लिए वैध है। इस अंग्रेजी शराब की पैकिंग उत्तर प्रदेश में बिकने वाली देशी शराब के क्वार्टर जैसी होती है। हरियाणा और हिमाचल से शराब की तस्करी कर यहां ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध रूप से बेच रहे थे। आबकारी निरीक्षक ने बताया कि पकड़े गए आरोपी स्प्रिट से नकली शराब भी बनाते थे।
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फर्रुखाबाद। इंद्रपाल सिंह शराब का पुराना तस्कर है। वह शराब की तस्करी में पहले भी जेल जा चुका है। जिस मकान में कारखाना पकड़ा गया वह बरौन गांव के अजयपाल का है। इंद्रपाल ने शौचालय साफ करने वाला तेजाब बनाने की बात कहकर एक दिसंबर को ही मकान किराए पर लिया था।
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पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि शराब पैकिंग व मिलावट का काम रात में किया जाता था। रात में काम करते समय रोशन बाहर न जाए, इसके लिए शटर के नीचे मिट्टी लगा दी थी। शराब की सप्लाई भी रात के अंधेरे में ही की जाती थी। इंद्रपाल के खिलाफ शराब तस्करी के कई मामले दर्ज हैं। दो मामलों में फरार था। अंकित ने पुलिस को बताया कि वह शराब की पेटी को कार में रख कर कायमगंज पुलिया के पास लेकर जाते है। वहां पर एक आदमी आता है। पेटी लेकर चला जाता था। इसके बाद वह वापस लौट आता था। वह आदमी कौन था। इसकी उसे जानकारी नहीं है। शराब तस्कर जीजा और साले के खिलाफ धारा 259, 60, अवैध शराब बनाने में आबाकरी अधिनियम की धारा 60, 420,470,471 सहित कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
फर्रुखाबाद। मऊदरवाजा थाना क्षेत्र के गांव बरौन से पुलिस ने हिमाचल प्रदेश की शराब के साथ 400 लीटर रेक्टीफाइड स्प्रीट भी बरामद की है। आबकारी निरीक्षक अमित राज ने बताया कि ये स्प्रिट शुद्ध अल्कोहल होती है। एक लीटर स्प्रिट में पानी और रंग मिलाकर करीब पौने तीन लीटर शराब बनाई जा सकती है। मकान से मिली 400 लीटर स्प्रिट से करीब 1111 लीटर नकली शराब बनाई जा सकती है। उत्तर प्रदेश की देशी खराब के सरकारी भाव में इतनी शराब की कीमत लगभग 3.60 लाख रुपये होती है। शराब के लगातार सेवन से गुर्दे और लीवर शराब हो सकते हैं। अमित राज ने बताया कि बरामद शराब, होलोग्राम आदि जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे जाएंगे।
फर्रुखाबाद (ब्यूरो)। आबकारी विभाग के पास स्टाफ की कमी होने के कारण ऐसे लोगों के बारे में जानकारी नहीं मिल पा रही है। सिटी सर्किल में स्टाफ कम होने से एक सिपाही फतेहगढ़, एक सिपाही फर्रुखाबाद और एक सिपाही मऊदरवाजा इलाके को देखने के लिए लगाया गया। इस समय मऊदरवाजा में जिस सिपाही की ड्यटी है। वह कुछ दिनों से छुट्टी पर चल रहा है। हालांकि आबकारी निरीक्षक अमित राज कहते है कि इसके बाद भी वह लगातार छापेमारी की अवैध शराब को पकड़ रहे है।