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Farrukhabad News: गंगा की तेज धार में बहे गोवंश, स्टीमर से खोजबीन
Tue, 23 Sep 2025 12:01 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
Updated Tue, 23 Sep 2025 12:01 AM IST
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फोटो-13,गंगा की तेज धार में बहते हुए ग्रामीणों के मवेशी।संवाद
शमसाबाद। बाढ़ प्रभावित इलाकों में गंगा की तेज धार किसानों के लिए नई मुसीबत बन चुकी है। थाना क्षेत्र के गांव पैलानी दक्षिण में सोमवार सुबह कई किसानों के गोवंश (भैंस) गंगा के किनारे पानी पीने गए थे, तभी अचानक सभी भैंसें तेज धारा में बह गईं।
ग्रामीण सैलानी, यूनिस, निहाल, जारिस, नजम और कल्लू की लगभग 14 भैंसें सुबह करीब 9 बजे गंगा किनारे गई थीं। इसी दौरान पानी का तेज बहाव उन्हें बहाकर ले गया। जब तक ग्रामीणों को इसकी जानकारी हुई, भैंसें धारा में दूर निकल चुकी थीं।
ढाई घाट पुल के पास कुछ लोगों ने गंगा की तेज धार में बह रही भैंसों का वीडियो भी बनाया, जिसमें वे पांचाल घाट, फर्रुखाबाद की ओर जाती दिखाई दीं।
ग्राम प्रधान जुबेर खान ने बताया कि ग्रामीणों ने स्टीमर से गंगा में घेराबंदी कर कई भैंसों को बचा लिया। कुछ भैंसों की तलाश देर शाम तक जारी रही। किसानों का कहना है कि यदि भैंसें डूब जातीं तो उनकी रोजी-रोटी पर बड़ा संकट खड़ा हो जाता।
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ग्रामीण सैलानी, यूनिस, निहाल, जारिस, नजम और कल्लू की लगभग 14 भैंसें सुबह करीब 9 बजे गंगा किनारे गई थीं। इसी दौरान पानी का तेज बहाव उन्हें बहाकर ले गया। जब तक ग्रामीणों को इसकी जानकारी हुई, भैंसें धारा में दूर निकल चुकी थीं।
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ढाई घाट पुल के पास कुछ लोगों ने गंगा की तेज धार में बह रही भैंसों का वीडियो भी बनाया, जिसमें वे पांचाल घाट, फर्रुखाबाद की ओर जाती दिखाई दीं।
ग्राम प्रधान जुबेर खान ने बताया कि ग्रामीणों ने स्टीमर से गंगा में घेराबंदी कर कई भैंसों को बचा लिया। कुछ भैंसों की तलाश देर शाम तक जारी रही। किसानों का कहना है कि यदि भैंसें डूब जातीं तो उनकी रोजी-रोटी पर बड़ा संकट खड़ा हो जाता।
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