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सुतहट्टी में तीन दुकानों और एक मकान पर चला बुलडोजर
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शहर के मोहल्ला सुतहट्टी में मकान व दुकान ढहाती जेसीबी। संवाद
- फोटो : FARRUKHABAD
फर्रुखाबाद। शहर के मोहल्ला सुतहट्टी स्थित महल के एक हिस्से में बनीं तीन दुकानों और एक मकान को प्रशासन ने बुलडोजर से ढहा दिया। अंदर रह रहे चार भाइयों को भी जमीन के कागजात दिखाने की हिदायत दी गई है। इस दौरान सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त रहे। दुकानों से निकाला गया सामान कब्जेदार के अधिवक्ता के सुपुर्द कर दिया गया।
सुतहट्टी बाजार में नवाबों के समय का एक महल बना है। पूरी इमारत जर्जर हो चुकी है। इसके अधिकांश हिस्से पर लोगों ने कब्जा कर लिया है। सिटी मजिस्ट्रेट दीपाली भार्गव ने पिछले सप्ताह जर्जर इमारत से अवैध कब्जेदारों को निकलने का नोटिस दिया था, मगर वे नहीं निकले।
सोमवार को सुबह साढ़े नौ बजे दो बुलडोजर के साथ ईओ रविंद्र कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट और पुलिस-पीएसी मौके पर पहुंची। कब्जेदार अमरोहा के साजिद इकबाल उर्फ पप्पू को बुलाया, मगर वह नहीं आया। महल के बाहरी गेट के अंदर रह रहे इकरम, असलम, सिराज और अंशर कुरैशी के परिजनों से भी सिटी मजिस्ट्रेट ने बात की। उनसे कागजात दिखाने के लिए कहा।
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दोपहर 12 बजे सिटी मजिस्ट्रेट ने दुकानों के शटर तुड़वा कर उसमें रखे कूलर, पंखे समेत अन्य सामान बाहर निकलवाकर तीन दुकानें और दो मंजिला मकान ढहा दिया। मकान के भीतर अकरम कुरैशी के मकान का टिनशेड और काफी हिस्सा गिरा दिया गया। सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस ने दोपहर 12 बजे से साढ़े तीन बजे तक यातायात बंद रखा।
नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी (ईओ) रविंद्र कुमार ने बताया कि जिस संपत्ति पर कार्रवाई की गई, वह नवाब की थी। उन्होंने किसी चक्रवर्ती को दी थी। बाद में इसके नौ हिस्से हो गए। इसी के एक हिस्से की पावर ऑफ अटार्नी दे दी गई थी।
उसी आधार पर इस जमीन का बैनामा राघवेंद्र सिंह और सुधा रस्तोगी उर्फ भगवान दास के नाम हो गया। इस वक्त यह संपत्ति इन्हीं लोगों के नाम है। दोनों लोगों ने मई में प्रभारी मंत्री से शिकायत की थी। उनके निर्देश पर एक माह में जांच कराई गई। कब्जेदारों को नोटिस दिए, मगर न तो कागजात दिखाए और न ही संपत्ति खाली की। लिहाजा भवन गिराने की कार्रवाई शुरू कर दी गई।
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सुतहट्टी बाजार में नवाबों के समय का एक महल बना है। पूरी इमारत जर्जर हो चुकी है। इसके अधिकांश हिस्से पर लोगों ने कब्जा कर लिया है। सिटी मजिस्ट्रेट दीपाली भार्गव ने पिछले सप्ताह जर्जर इमारत से अवैध कब्जेदारों को निकलने का नोटिस दिया था, मगर वे नहीं निकले।
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सोमवार को सुबह साढ़े नौ बजे दो बुलडोजर के साथ ईओ रविंद्र कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट और पुलिस-पीएसी मौके पर पहुंची। कब्जेदार अमरोहा के साजिद इकबाल उर्फ पप्पू को बुलाया, मगर वह नहीं आया। महल के बाहरी गेट के अंदर रह रहे इकरम, असलम, सिराज और अंशर कुरैशी के परिजनों से भी सिटी मजिस्ट्रेट ने बात की। उनसे कागजात दिखाने के लिए कहा।
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दोपहर 12 बजे सिटी मजिस्ट्रेट ने दुकानों के शटर तुड़वा कर उसमें रखे कूलर, पंखे समेत अन्य सामान बाहर निकलवाकर तीन दुकानें और दो मंजिला मकान ढहा दिया। मकान के भीतर अकरम कुरैशी के मकान का टिनशेड और काफी हिस्सा गिरा दिया गया। सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस ने दोपहर 12 बजे से साढ़े तीन बजे तक यातायात बंद रखा।
नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी (ईओ) रविंद्र कुमार ने बताया कि जिस संपत्ति पर कार्रवाई की गई, वह नवाब की थी। उन्होंने किसी चक्रवर्ती को दी थी। बाद में इसके नौ हिस्से हो गए। इसी के एक हिस्से की पावर ऑफ अटार्नी दे दी गई थी।
उसी आधार पर इस जमीन का बैनामा राघवेंद्र सिंह और सुधा रस्तोगी उर्फ भगवान दास के नाम हो गया। इस वक्त यह संपत्ति इन्हीं लोगों के नाम है। दोनों लोगों ने मई में प्रभारी मंत्री से शिकायत की थी। उनके निर्देश पर एक माह में जांच कराई गई। कब्जेदारों को नोटिस दिए, मगर न तो कागजात दिखाए और न ही संपत्ति खाली की। लिहाजा भवन गिराने की कार्रवाई शुरू कर दी गई।

सुतहट्टी में अतिक्रमण हटवाने के दौरान खड़ी सिटी मजिस्ट्रेट। संवाद- फोटो : FARRUKHABAD