{"_id":"e9617b4599cca4daba5a7b1f4b6169f1","slug":"buddhist-followers-broke-the-chariot-of-asaram-bapu-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बौद्ध अनुयायियों ने आसाराम बापू का रथ तोड़ा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बौद्ध अनुयायियों ने आसाराम बापू का रथ तोड़ा
ब्यूरो/अमर उजाला, फर्रुखाबाद
Updated Sun, 26 Apr 2015 11:52 PM IST
विज्ञापन
भगवान गौतम बुद्ध समेत कई महापुरुषों के नाम पर
विज्ञापन
आपत्तिजनक टिप्पणी लिखी किताबें बांटे जाने से खफा बौद्ध अनुयायियों ने
आसाराम बापू के रथ में तोड़फोड़ की। इसमें लगे बैनर आग के हवाले कर दिए।
जानकारी मिलने पर पहुंची पुलिस आसाराम समर्थकों और रथ को कब्जे में लेकर आईटीआई चौकी लाई। यहां आसाराम समर्थकों और बौद्ध अनुयायियों के बीच जमकर नोकझोंक हुई। मौके की नजाकत देख पुलिस बल मौके पर बुलवा लिया गया। शाक्य सेवा समिति के नेता ने आसाराम के नौ समर्थकों के खिलाफ कोतवाली में तहरीर दी है।
रविवार को आसाराम बापू के समर्थक रथ से उनका प्रचार कर रहे थे। इस दौरान किताब भी बांट रहे थे। किताब में भगवान गौतम बुद्ध, संत कबीर, स्वामी विवेकानंद समेत कई महापुरुषों पर अभद्र टिप्पणी लिखी थी।
प्रचार का उद्देश्य था कि जिस तरह भगवान गौतम बुद्ध आदि पर झूठे आरोप लगे और बाद में उनकी पूजा होने लगी, उसी तरह आसाराम बापू पर भी झूठे आरोप लगाए गए हैं। भगवान बुद्ध पर अशोभनीय टिप्पणी लिखी देख बौद्ध अनुयायी भड़क गए। ये लोग आसाराम बापू का रथ खोजने लगे।
इन्हें पता चला कि आसाराम बापू का रथ सातनपुर मंडी में रवींद्र सिंह के आवास पर रुका है। बौद्ध अनुयायी सातनपुर मंडी पहुंचे और रथ पर लगे बैनर और पोस्टरों को फाड़कर आग के हवाले कर दिया। इस दौरान बौद्ध अनुयायियों और आसाराम के समर्थकों के बीच नोकझोंक होने लगी।
जानकारी मिलने पर आवास-विकास चौकी इंचार्ज मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों को आईटीआई चौकी लाए। यहां पर शाक्य सेवा समिति अध्यक्ष रामरतन शाक्य समर्थकों के साथ पहुंचे। उन्होंने कहा कि भगवान बुद्ध के खिलाफ किया जा रहा दुष्प्रचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस पर दोनों पक्षों में नोकझोंक होने लगी। इस पर पल्ला चौकी और रेलवे रोड चौकी की फोर्स भी बुलवा ली। यहां से दोनों पक्ष कोतवाली पहुंचे।
कोतवाली में रामरतन शाक्य ने रथ चालक गंभीर कुमार और विजय सिंह समेत नौ लोगों के खिलाफ तहरीर दी। समाचार लिखे जाने तक दोनों पक्ष कोतवाली में मौजूद थे। मामले में लिखा पढ़ी नहीं की गई थी।
जानकारी मिलने पर पहुंची पुलिस आसाराम समर्थकों और रथ को कब्जे में लेकर आईटीआई चौकी लाई। यहां आसाराम समर्थकों और बौद्ध अनुयायियों के बीच जमकर नोकझोंक हुई। मौके की नजाकत देख पुलिस बल मौके पर बुलवा लिया गया। शाक्य सेवा समिति के नेता ने आसाराम के नौ समर्थकों के खिलाफ कोतवाली में तहरीर दी है।
रविवार को आसाराम बापू के समर्थक रथ से उनका प्रचार कर रहे थे। इस दौरान किताब भी बांट रहे थे। किताब में भगवान गौतम बुद्ध, संत कबीर, स्वामी विवेकानंद समेत कई महापुरुषों पर अभद्र टिप्पणी लिखी थी।
प्रचार का उद्देश्य था कि जिस तरह भगवान गौतम बुद्ध आदि पर झूठे आरोप लगे और बाद में उनकी पूजा होने लगी, उसी तरह आसाराम बापू पर भी झूठे आरोप लगाए गए हैं। भगवान बुद्ध पर अशोभनीय टिप्पणी लिखी देख बौद्ध अनुयायी भड़क गए। ये लोग आसाराम बापू का रथ खोजने लगे।
इन्हें पता चला कि आसाराम बापू का रथ सातनपुर मंडी में रवींद्र सिंह के आवास पर रुका है। बौद्ध अनुयायी सातनपुर मंडी पहुंचे और रथ पर लगे बैनर और पोस्टरों को फाड़कर आग के हवाले कर दिया। इस दौरान बौद्ध अनुयायियों और आसाराम के समर्थकों के बीच नोकझोंक होने लगी।
जानकारी मिलने पर आवास-विकास चौकी इंचार्ज मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों को आईटीआई चौकी लाए। यहां पर शाक्य सेवा समिति अध्यक्ष रामरतन शाक्य समर्थकों के साथ पहुंचे। उन्होंने कहा कि भगवान बुद्ध के खिलाफ किया जा रहा दुष्प्रचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस पर दोनों पक्षों में नोकझोंक होने लगी। इस पर पल्ला चौकी और रेलवे रोड चौकी की फोर्स भी बुलवा ली। यहां से दोनों पक्ष कोतवाली पहुंचे।
कोतवाली में रामरतन शाक्य ने रथ चालक गंभीर कुमार और विजय सिंह समेत नौ लोगों के खिलाफ तहरीर दी। समाचार लिखे जाने तक दोनों पक्ष कोतवाली में मौजूद थे। मामले में लिखा पढ़ी नहीं की गई थी।