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वैश्य एकता परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष की भाई ने ही की थी हत्या, गिरफ्तार
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जानकारी देते एसपी डॉ. अनिल मिश्रा व पीछे खड़ा आरोपी।
- फोटो : FARRUKHABAD
भाई ही निकला वैश्य नेता का कातिल
फर्रुखाबाद। वैश्य एकता परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष की हत्या और किसी ने नहीं बल्कि उनके ही छोटे भाई ने की थी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। घटना में प्रयुक्त ईंट व रजाई भी बरामद कर ली। उसने अपना अपराध मान लिया है। उसके अनुसार वह भाई सतीश की रसोई में चाय बनाने गया था। इस पर उन्होंने उसे बाहर निकालकर रसोई में ताला डाल दिया। गुस्से में उसने सतीश के सिर पर ईंट मार दी। उनके बेहोश होने पर रजाई से नाक व मुंह दबाकर जान ले ली।
शहर कोतवाली के मोहल्ला नारायण दास वाली गली निवासी वैश्य एकता परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष सतीश गुप्ता का शव उनके घर से दस मीटर दूरी पर 29 सितबंर की रात को मिला था। भतीजे अंकित ने मोहल्ला सेनापति निवासी संदीप अग्रवाल, विवेक अग्रवाल, मोहल्ला नारायण दास गली निवासी विक्की चावला व लक्की चावला के खिलाफ प्रापर्टी की रंजिश में हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था।
पुलिस ने छानबीन की तो पता चला कि घटना के दिन सतीश का भाई सत्येंद्र उर्फ मुन्ना गुप्ता दिन में कई बार घर के अंदर व बाहर जाते हुए दिखाई दिया था। पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। पहले वह मारपीट की बात स्वीकार कर हत्या से इनकार करता रहा। जब कड़ाई की तो उसने बताया कि घटना के दिन वह रसोई में चाय बनाने घुसा था। तभी बड़े भाई सतीश ने उसे बाहर निकाल दिया और रसोई में ताला डाल दिया था। इस पर उसने उनके सिर पर ईंट मार दी।
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इससे वे बेहोश होकर तख्त पर गिर पड़े। इसके बाद उसने रजाई से उनकी नाक व मुंह दबाकर जान ले ली। फिर अपनी शर्ट उतारकर सतीश के मुंह पर लगा खून साफ किया और अंधेरा होने का इंतजार किया। जब गली में अंधेरा हो गया तो उनका शव घसीटकर गली तक ले आया। इसके बाद दूसरी शर्ट पहनकर पंडा बाग मंदिर में आरती में शामिल होने चला गया और देर रात तक वहीं बना रहा।
एसपी डॉ. अनिल मिश्र ने शनिवार को पुलिस लाइन के सभागार में हत्याकांड का खुलासा करते हुए आरोपी भाई सत्येंद्र उर्फ मुन्ना गुप्ता की गिरफ्तारी की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आरोपी सतीश की हत्या करने की योजना काफी दिन से बना रहा था। मां की मौत के बाद से सतीश उसे खाना भी घर में खाने नहीं देते थे।
वह लोगों से मांगकर खाना खाता था। इसके अलावा मोहल्ले में परिजनों ने ही उसके पागल होने का प्रचार कर दिया था जबकि उसको दौरे पड़ते थे। एसपी के अनुसार मोहल्ले के एक युवक ने आरोपी को शव को घसीटकर लाते हुए देखा था। इससे भी पुष्टि हुई कि उसने अकेले ही वारदात को अंजाम दिया।
अर्थी को कंधा देने गया था आरोपी
भाई की हत्या करने के बाद सत्येंद्र रात भर बाहर घूमता रहा। पोस्टमार्टम के बाद शव अंतिम संस्कार के लिए जाने लगा तो आरोपी आ गया। उसने भाई की अर्थी को कंधा भी दिया। इस दौरान भतीजे ने उसे फटकारा भी था, लेकिन वह नहीं माना और पूरे समय तक घाट पर मौजूद रहा। आरोपी भी अविवाहित है।
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फर्रुखाबाद। वैश्य एकता परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष की हत्या और किसी ने नहीं बल्कि उनके ही छोटे भाई ने की थी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। घटना में प्रयुक्त ईंट व रजाई भी बरामद कर ली। उसने अपना अपराध मान लिया है। उसके अनुसार वह भाई सतीश की रसोई में चाय बनाने गया था। इस पर उन्होंने उसे बाहर निकालकर रसोई में ताला डाल दिया। गुस्से में उसने सतीश के सिर पर ईंट मार दी। उनके बेहोश होने पर रजाई से नाक व मुंह दबाकर जान ले ली।
शहर कोतवाली के मोहल्ला नारायण दास वाली गली निवासी वैश्य एकता परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष सतीश गुप्ता का शव उनके घर से दस मीटर दूरी पर 29 सितबंर की रात को मिला था। भतीजे अंकित ने मोहल्ला सेनापति निवासी संदीप अग्रवाल, विवेक अग्रवाल, मोहल्ला नारायण दास गली निवासी विक्की चावला व लक्की चावला के खिलाफ प्रापर्टी की रंजिश में हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था।
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पुलिस ने छानबीन की तो पता चला कि घटना के दिन सतीश का भाई सत्येंद्र उर्फ मुन्ना गुप्ता दिन में कई बार घर के अंदर व बाहर जाते हुए दिखाई दिया था। पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। पहले वह मारपीट की बात स्वीकार कर हत्या से इनकार करता रहा। जब कड़ाई की तो उसने बताया कि घटना के दिन वह रसोई में चाय बनाने घुसा था। तभी बड़े भाई सतीश ने उसे बाहर निकाल दिया और रसोई में ताला डाल दिया था। इस पर उसने उनके सिर पर ईंट मार दी।
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इससे वे बेहोश होकर तख्त पर गिर पड़े। इसके बाद उसने रजाई से उनकी नाक व मुंह दबाकर जान ले ली। फिर अपनी शर्ट उतारकर सतीश के मुंह पर लगा खून साफ किया और अंधेरा होने का इंतजार किया। जब गली में अंधेरा हो गया तो उनका शव घसीटकर गली तक ले आया। इसके बाद दूसरी शर्ट पहनकर पंडा बाग मंदिर में आरती में शामिल होने चला गया और देर रात तक वहीं बना रहा।
एसपी डॉ. अनिल मिश्र ने शनिवार को पुलिस लाइन के सभागार में हत्याकांड का खुलासा करते हुए आरोपी भाई सत्येंद्र उर्फ मुन्ना गुप्ता की गिरफ्तारी की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आरोपी सतीश की हत्या करने की योजना काफी दिन से बना रहा था। मां की मौत के बाद से सतीश उसे खाना भी घर में खाने नहीं देते थे।
वह लोगों से मांगकर खाना खाता था। इसके अलावा मोहल्ले में परिजनों ने ही उसके पागल होने का प्रचार कर दिया था जबकि उसको दौरे पड़ते थे। एसपी के अनुसार मोहल्ले के एक युवक ने आरोपी को शव को घसीटकर लाते हुए देखा था। इससे भी पुष्टि हुई कि उसने अकेले ही वारदात को अंजाम दिया।
अर्थी को कंधा देने गया था आरोपी
भाई की हत्या करने के बाद सत्येंद्र रात भर बाहर घूमता रहा। पोस्टमार्टम के बाद शव अंतिम संस्कार के लिए जाने लगा तो आरोपी आ गया। उसने भाई की अर्थी को कंधा भी दिया। इस दौरान भतीजे ने उसे फटकारा भी था, लेकिन वह नहीं माना और पूरे समय तक घाट पर मौजूद रहा। आरोपी भी अविवाहित है।