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काली पट्टी बांध कर किया प्रदर्शन
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद
Updated Wed, 16 Sep 2015 11:22 PM IST
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शिक्षक पदों पर हुए समायोजन के रद्द होने के विरोध में शिक्षामित्रों का
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आंदोलन तीसरे दिन भी जारी रहा। स्कूल में काली पट्टी बांध कर शिक्षण कार्य
का बहिष्कार कर विरोध जताया। पढ़ने आए बच्चे बैठे रहे और फिर घर चले गए।
दोपहर में बीआरसी पर पहुंच कर शिक्षामित्रों ने प्रदर्शन किया।
शिक्षामित्र संगठनों के जिलाध्यक्ष अनुराग पांडेय और ऋषी पाल सिंह यादव के नेतृत्व में बुधवार को शिक्षामित्रों ने स्कूल तो खोले लेकिन शिक्षण कार्य का बहिष्कार रखा। इन्होंने स्कूलों में सिर पर काली पट्टी बांध कर विरोध जताया। विद्यालय बंद होने के बाद जिलाध्यक्ष अनुराग पांडेय दीपक भाष्कर, संतोष चंद्रा, रवीश बाबू, राजेश यादव, जगपाल, धर्मेश यादव, विकास
कुमार, पिंटू शर्मा समेत अन्य शिक्षामित्रों के साथ बीआरसी बढ़पुर पहुंचे। यहां प्रदर्शन कर एनसीटीई के खिलाफ नारेबाजी की। अनुराग पांडेय ने बताया कि सभी बीआरसी पर शिक्षामित्रों ने काली पट्टी बांध कर प्रदर्शन किया। यह आंदोलन न्याय न मिलने तक जारी रहेगा। प्रदेश संगठन से आदेश आने के बाद दिल्ली में धरना प्रदर्शन की तैयारी होगी। शिक्षामित्र धरना
प्रदर्शन करने को दिल्ली रवाना होंगे। शिक्षामित्रों को प्रदेश संगठन के आदेश का इंतजार है। बुधवार को हरितालिका तीज के चलते महिला शिक्षकों का अवकाश रहा।
आज बीआरसी पर देंगे धरना
समायोजन रद्द होने के विरोध में शिक्षामित्र गुरुवार को सभी बीआरसी पर काली पट्टी बांध कर प्रदर्शन करेंगे। जिलाध्यक्ष ऋषी पाल सिंह यादव व अनुराग पांडेय ने बताया कि आंदोलन को और धार दी जाएगी। इसके लिए गुरुवार को सभी बीआरसी पर सुबह से ही धरना प्रदर्शन किया जाएगा।
पढ़ाई चौपट, मिडडे मील भी बंद
शिक्षामित्रों के हवाले चल रहे एक सैकड़ा से अधिक स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की पढ़ाई-लिखाई चौपट हो गई है। इनको मिलने वाला मिडडे मील भी बंद हो गया है। इस कारण बच्चे स्कूल आते हैं तो न तो पढ़ाई होती है और न ही खाना मिलता है। जिले में एक सैकड़ा से अधिक विद्यालयों में शिक्षकों की तैनाती नहीं है। यह स्कूल शिक्षामित्रों के भरोसे हैं। इनका
शिक्षक पदों पर समायोजन हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया है। एनसीटीई द्वारा दिए गए प्रशिक्षण को भी अवैध घोषित कर दिया गया है। इसको लेकर शिक्षामित्रों का विरोध प्रदर्शन तीन दिन से चल रहा है। कुछ शिक्षामित्र विद्यालय खोल रहे हैं तो कुछ ने
स्कूल जाना ही बंद कर दिया है। इस कारण इन स्कूलों में शिक्षण कार्य ठप होने के साथ ही एमडीएम बनना भी बंद हो गया है। स्कूल में बच्चे आते हैं और भूखे ही लौट जाते हैं। जिलाध्यक्ष अनुराग पांडेय ने बताया कि शिक्षा मित्रों से कहा है कि वह विद्यालय जाकर शिक्षण कार्य न करें लेकिन एमडीएम जरूर बनवा कर बच्चों को खिलवाएं।
शिक्षामित्र संगठनों के जिलाध्यक्ष अनुराग पांडेय और ऋषी पाल सिंह यादव के नेतृत्व में बुधवार को शिक्षामित्रों ने स्कूल तो खोले लेकिन शिक्षण कार्य का बहिष्कार रखा। इन्होंने स्कूलों में सिर पर काली पट्टी बांध कर विरोध जताया। विद्यालय बंद होने के बाद जिलाध्यक्ष अनुराग पांडेय दीपक भाष्कर, संतोष चंद्रा, रवीश बाबू, राजेश यादव, जगपाल, धर्मेश यादव, विकास
कुमार, पिंटू शर्मा समेत अन्य शिक्षामित्रों के साथ बीआरसी बढ़पुर पहुंचे। यहां प्रदर्शन कर एनसीटीई के खिलाफ नारेबाजी की। अनुराग पांडेय ने बताया कि सभी बीआरसी पर शिक्षामित्रों ने काली पट्टी बांध कर प्रदर्शन किया। यह आंदोलन न्याय न मिलने तक जारी रहेगा। प्रदेश संगठन से आदेश आने के बाद दिल्ली में धरना प्रदर्शन की तैयारी होगी। शिक्षामित्र धरना
प्रदर्शन करने को दिल्ली रवाना होंगे। शिक्षामित्रों को प्रदेश संगठन के आदेश का इंतजार है। बुधवार को हरितालिका तीज के चलते महिला शिक्षकों का अवकाश रहा।
आज बीआरसी पर देंगे धरना
समायोजन रद्द होने के विरोध में शिक्षामित्र गुरुवार को सभी बीआरसी पर काली पट्टी बांध कर प्रदर्शन करेंगे। जिलाध्यक्ष ऋषी पाल सिंह यादव व अनुराग पांडेय ने बताया कि आंदोलन को और धार दी जाएगी। इसके लिए गुरुवार को सभी बीआरसी पर सुबह से ही धरना प्रदर्शन किया जाएगा।
पढ़ाई चौपट, मिडडे मील भी बंद
शिक्षामित्रों के हवाले चल रहे एक सैकड़ा से अधिक स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की पढ़ाई-लिखाई चौपट हो गई है। इनको मिलने वाला मिडडे मील भी बंद हो गया है। इस कारण बच्चे स्कूल आते हैं तो न तो पढ़ाई होती है और न ही खाना मिलता है। जिले में एक सैकड़ा से अधिक विद्यालयों में शिक्षकों की तैनाती नहीं है। यह स्कूल शिक्षामित्रों के भरोसे हैं। इनका
शिक्षक पदों पर समायोजन हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया है। एनसीटीई द्वारा दिए गए प्रशिक्षण को भी अवैध घोषित कर दिया गया है। इसको लेकर शिक्षामित्रों का विरोध प्रदर्शन तीन दिन से चल रहा है। कुछ शिक्षामित्र विद्यालय खोल रहे हैं तो कुछ ने
स्कूल जाना ही बंद कर दिया है। इस कारण इन स्कूलों में शिक्षण कार्य ठप होने के साथ ही एमडीएम बनना भी बंद हो गया है। स्कूल में बच्चे आते हैं और भूखे ही लौट जाते हैं। जिलाध्यक्ष अनुराग पांडेय ने बताया कि शिक्षा मित्रों से कहा है कि वह विद्यालय जाकर शिक्षण कार्य न करें लेकिन एमडीएम जरूर बनवा कर बच्चों को खिलवाएं।