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अब बिहार ने भी छोड़ा फर्रुखाबादी आलू का साथ
Sat, 12 Jan 2019 11:30 PM IST
मनोज कुमार
farrukhabad
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Published by: मनोज कुमार
Updated Sat, 12 Jan 2019 11:30 PM IST
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potato
आलू किसानों की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। असम के बाद बिहार ने भी फर्रुखाबादी आलू का साथ छोड़ दिया है। मंडी में असम के बाद बिहार प्रांत से डिमांड न होने से आलू का भाव 80 रुपये प्रति क्विंटल टूटकर 370 रुपये पर आ गया है।
शनिवार को सातनपुर मंडी में करीब 200 ट्रक आलू की आवक रही। दोपहर तक बिहार से कोई डिमांड न आने से आढ़तियों के हाथ पैर फूल गए। जानकारी करने पर पता चला कि बिहार के आलू ने वहां के लोकल बाजारों पर अपना कब्जा जमा लिया है। मांग न होने के चलते भाव 300 से 370 रुपये प्रति क्विंटल खुला।
आलू आढ़ती सुधीर वर्मा ने बताया कि बिहार से डिमांड न निकली तो आलू की कच्ची फसल की और दुर्दशा हो जाएगी। किसान पहले से ही भाव न मिलने से परेशान था। अब और अधिक भाव गिरने के आसार बन गए हैं।
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बताते चले कि यहां के आलू खपत की प्रमुख मंडी असम ने विगत 15 दिन पहले ही यहां के आलू से मुंह मोड़ लिया था। कई व्यापारियों ने हिम्मत कर आलू असम भेजा, लेकिन उन्हें 20 से 25 हजार प्रति ट्रक घाटा उठाना पड़ा। किसानों की माने तो उनकी मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं।
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शनिवार को सातनपुर मंडी में करीब 200 ट्रक आलू की आवक रही। दोपहर तक बिहार से कोई डिमांड न आने से आढ़तियों के हाथ पैर फूल गए। जानकारी करने पर पता चला कि बिहार के आलू ने वहां के लोकल बाजारों पर अपना कब्जा जमा लिया है। मांग न होने के चलते भाव 300 से 370 रुपये प्रति क्विंटल खुला।
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आलू आढ़ती सुधीर वर्मा ने बताया कि बिहार से डिमांड न निकली तो आलू की कच्ची फसल की और दुर्दशा हो जाएगी। किसान पहले से ही भाव न मिलने से परेशान था। अब और अधिक भाव गिरने के आसार बन गए हैं।
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बताते चले कि यहां के आलू खपत की प्रमुख मंडी असम ने विगत 15 दिन पहले ही यहां के आलू से मुंह मोड़ लिया था। कई व्यापारियों ने हिम्मत कर आलू असम भेजा, लेकिन उन्हें 20 से 25 हजार प्रति ट्रक घाटा उठाना पड़ा। किसानों की माने तो उनकी मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं।