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मछली के साथ हो रहा पक्षियों का शिकार
ब्यूरो/अमर उजाला,फर्रुखाबाद
Updated Tue, 12 Jan 2016 11:47 PM IST
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अमृतपुर। कुठिला झील में मछलियों की आड़ में प्रवासी पक्षियाें का शिकार हो रहा है। शिकारी गांव के लोगों की नजरों से बचने के लिए सड़क के बजाय खेतों की ओर से झील क्षेत्र में दाखिल होते हैं।
कुठिला झील में नेपाल, मंगोलिया और हिमालयन क्षेत्र से सर्दियों में प्रवास करने आते हैं। यह महफूज नहीं है। शिकारी इनके दुश्मन बने हैं। शिकारियों में मछलीमार भी शामिल हैं। यह जाल से मछलियों का शिकार करते हैं। इनके जाल में पक्षी भी फंस जाते हैं।
कुठिला झील अमृतपुर इलाके के नगला हूसा गांव में 16 हेक्टेयर में फैली है। इसमें झील का रकबा 2 किलोमीटर है। लोगों को गच्चा देने के लिए शिकारी सीधे रास्ते से नहीं आते हैं। शिकारी झील के पीछे ताजपुर, भुवनपुर आसमपुर तौफीक की ओर से दाखिल होते हैं। गांव के ब्रजेश कुमार, बाबा राजेश्वरदास का कहना है कि मछली का शिकार बंद करवा दिया जाए तो बहुत हद तक पक्षियाें को सुरक्षा मिल जाएगी।
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मनरेगा से लगेंगे कटीले तार
झील क्षेत्र में मनरेगा से कटीले तार लगवाए जाएंगे। इसके लिए डीएम से अनुमति ली जाएगी। झील के सुंदरीकरण का भी प्रस्ताव है। शिकार को रोकने के लिए भी प्रयास किए जाएंगे। - प्रबल प्रताप सिंह, प्रधान नगला हूसा
झील में शिकार की जानकारी नहीं है। बुधवार को झील का मुआयना करने जाएंगे। शिकार नहीं होने दिया जाएगा। इस मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी। - हवलदार सिंह, एसडीएम
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कुठिला झील में नेपाल, मंगोलिया और हिमालयन क्षेत्र से सर्दियों में प्रवास करने आते हैं। यह महफूज नहीं है। शिकारी इनके दुश्मन बने हैं। शिकारियों में मछलीमार भी शामिल हैं। यह जाल से मछलियों का शिकार करते हैं। इनके जाल में पक्षी भी फंस जाते हैं।
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कुठिला झील अमृतपुर इलाके के नगला हूसा गांव में 16 हेक्टेयर में फैली है। इसमें झील का रकबा 2 किलोमीटर है। लोगों को गच्चा देने के लिए शिकारी सीधे रास्ते से नहीं आते हैं। शिकारी झील के पीछे ताजपुर, भुवनपुर आसमपुर तौफीक की ओर से दाखिल होते हैं। गांव के ब्रजेश कुमार, बाबा राजेश्वरदास का कहना है कि मछली का शिकार बंद करवा दिया जाए तो बहुत हद तक पक्षियाें को सुरक्षा मिल जाएगी।
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मनरेगा से लगेंगे कटीले तार
झील क्षेत्र में मनरेगा से कटीले तार लगवाए जाएंगे। इसके लिए डीएम से अनुमति ली जाएगी। झील के सुंदरीकरण का भी प्रस्ताव है। शिकार को रोकने के लिए भी प्रयास किए जाएंगे। - प्रबल प्रताप सिंह, प्रधान नगला हूसा
झील में शिकार की जानकारी नहीं है। बुधवार को झील का मुआयना करने जाएंगे। शिकार नहीं होने दिया जाएगा। इस मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी। - हवलदार सिंह, एसडीएम