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Farrukhabad News: 14 वर्ष से लगा रहे थे चक्कर, सचल अदालत में निस्तारण
Wed, 05 Nov 2025 12:35 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
Updated Wed, 05 Nov 2025 12:35 AM IST
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फोटो-1 अमृतपुर तहसील में ग्राम न्यायालय कक्ष। संवाद
अमृतपुर। गांव खाखटमऊ के दिनेश कुमार सिंह का मुकदमा से 14 वर्ष अदालत में चल रहा था। अब सचल अदालत में गांव में ही मुकदमे का निस्तारण होने वह खुश हैं।
इस तरह पिछले आठ माह में चार अलग-अलग गांवों में लगी सचल अदालतों में 64 मुकदमे निपटाए जा चुके हैं जो अदालतों के चक्कर लगा रहे थे।
गांव के लोगों को जल्द न्याय मिल सके। इसके लिए करीब आठ माह पूर्व शासन के आदेश में ग्राम न्यायालय द्वारा सचल अदालत की शुरुआत की गई थी। इसके बाद से अमृतपुर तहसील क्षेत्र में चार अलग-अलग गांवों सचल अदालत का आयोजन किया गया।
ग्राम अदालत के न्यायाधीश विजय रतन गौतम ने गांव में पहुंचकर मुकदमों की सुनवाई। इस चारों अदालतों में 64 मुकदमे निस्तारित हुए हैं। लोगों ने कहा कि इससे पैसे और समय दोनों की बचत हुई है।
गांव खाखटमऊ के दिनेश कुमार सिंह का कहना है कि झगड़े का मुकदमा एक करीब 14 साल पहले दर्ज हुआ था। तब से हर माह मुकदमे की पैरवरी के लिए फतेहगढ़ स्थिति कचहरी जाते थे। जब से अमृतपुर तहसील में ग्राम न्यायालय खुली है। उस दिन से तहसील के चक्कर काटने पड़ रहे थे। एक साल में करीब 5 हजार से अधिक रुपये खर्च होते रहे थे।
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काम छोड़कर कर रहे थे पैरवी
गांव दहलिया के निवासी सर्वेश कुमार ने बताया कि 14 साल से मुकदमे की तारीख कर रहे थे। दिल्ली में एक प्राइवेट कंपनी में काम करते है। हर माह काम को छोड़ कर तारीख पर आना पड़ता था। ग्राम न्यायालय लगने हमारे मुकदमा का निस्तारण हुआ है।
पक्षकारों की सहमति से सुनवाई
ग्राम न्यायालय के न्यायाधीश विजय रतन का कहना है कि गांव में सचल अदालत लगाई जा रही है। उनमें मुकदमों की सुनवाई लिए वकील या पक्षकारों की सहमति से ही सचल अदालत में पत्रावली लगाई जाती है। सूचना जिला जज व प्रशासन को दी जाती है।
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इस तरह पिछले आठ माह में चार अलग-अलग गांवों में लगी सचल अदालतों में 64 मुकदमे निपटाए जा चुके हैं जो अदालतों के चक्कर लगा रहे थे।
गांव के लोगों को जल्द न्याय मिल सके। इसके लिए करीब आठ माह पूर्व शासन के आदेश में ग्राम न्यायालय द्वारा सचल अदालत की शुरुआत की गई थी। इसके बाद से अमृतपुर तहसील क्षेत्र में चार अलग-अलग गांवों सचल अदालत का आयोजन किया गया।
ग्राम अदालत के न्यायाधीश विजय रतन गौतम ने गांव में पहुंचकर मुकदमों की सुनवाई। इस चारों अदालतों में 64 मुकदमे निस्तारित हुए हैं। लोगों ने कहा कि इससे पैसे और समय दोनों की बचत हुई है।
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गांव खाखटमऊ के दिनेश कुमार सिंह का कहना है कि झगड़े का मुकदमा एक करीब 14 साल पहले दर्ज हुआ था। तब से हर माह मुकदमे की पैरवरी के लिए फतेहगढ़ स्थिति कचहरी जाते थे। जब से अमृतपुर तहसील में ग्राम न्यायालय खुली है। उस दिन से तहसील के चक्कर काटने पड़ रहे थे। एक साल में करीब 5 हजार से अधिक रुपये खर्च होते रहे थे।
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काम छोड़कर कर रहे थे पैरवी
गांव दहलिया के निवासी सर्वेश कुमार ने बताया कि 14 साल से मुकदमे की तारीख कर रहे थे। दिल्ली में एक प्राइवेट कंपनी में काम करते है। हर माह काम को छोड़ कर तारीख पर आना पड़ता था। ग्राम न्यायालय लगने हमारे मुकदमा का निस्तारण हुआ है।
पक्षकारों की सहमति से सुनवाई
ग्राम न्यायालय के न्यायाधीश विजय रतन का कहना है कि गांव में सचल अदालत लगाई जा रही है। उनमें मुकदमों की सुनवाई लिए वकील या पक्षकारों की सहमति से ही सचल अदालत में पत्रावली लगाई जाती है। सूचना जिला जज व प्रशासन को दी जाती है।