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Farrukhabad News: बारिश होते ही बढ़ने लगा नदी का जलस्तर, ग्रामीण चिंतित
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फर्रुखाबाद/अमृतपुर। बारिश के चलते नरौरा बांध से पानी छोड़े जाने से गंगा का जलस्तर बढ़ने लगा है। इससे पांचालघाट पर पंडों के घाटों पर पानी भर गया। इससे उन्होंने ऊंचे स्थानों घाट लगाए। जलस्तर बढ़ने से गंगा के तटवर्ती ग्रामीणों बाढ़ का भय सताने लगा है। गंगा में 42 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने से जलस्तर बढ़ना तय है।
पहाड़ी क्षेत्र में कई दिनों से भारी बारिश होने से हरिद्वार, बिजनौर बांध से पानी नरौरा बांध में छोड़ा गया। इससे गंगा का जलस्तर बढ़ने लगा है। पांचालघाट गंगा तट के किनारे बने पंडों के घाटों में पानी भर गया। इससे पंडा अपने घाट से छप्पर, तख्त आदि पूजा की सामग्री हटाकर ऊंचे स्थान पर ले गए। दूसरी ओर गंगा का जलस्तर बढ़ते ही तटवर्ती गांव हरसिंहपुर कायस्थ, ऊगरपुर, तीसराम की मड़ैया, सुंदरपुर, नगला दुर्गू आदि गांव के पास किसानों की उपजाऊ जमीन कटने लगी है।
सोमवार को नरौरा बांध से गंगा में 42160 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। गंगा का जलस्तर 135.25 मीटर से 35 सेमी बढ़कर 135.60 मीटर पर पहुंच गया है। गंगा का जलस्तर बढ़ने से गंगा के किनारे बसे गांव के ग्रामीणों को बाढ़ का भय सताने लगा है। रामगंगा में भी खो, हरेली, रामनगर, 21045 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
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बाढ़ से बचाव के लिए प्रशासन तैयार
गंगा व रामगंगा में बाढ़ आने से पहले प्रशासन ने कमर कस ली है। अमृतपुर तहसील क्षेत्र में 13 बाढ़ शरणालय, 33 बाढ़ चौकियां बनाई गई हैं। बाढ़ के समय प्रभावित गांव में फंसे लोगों को बचाने के लिए 17 तैराक लगाए गए। 22 नाव नाविक को भी अलर्ट किया गया है। तहसील क्षेत्र में गंगा व रामगंगा से प्रभावित होने वाले 70 गांव लो फ्लड में हैं। मीडियम फ्लड में 48 गांव और हाई फ्लड में 54 गांव रखे गए हैं। कुल 172 गांव है। तहसीलदार शशांक सिंह ने बताया कि बाढ़ से बचाव के लिए तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। सभी कानूनगो व लेखपालों को क्षेत्र में सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। गंगा का जलस्तर बढ़ने लगा है। अभी बाढ़ के हालात कहीं नहीं हैं।
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पहाड़ी क्षेत्र में कई दिनों से भारी बारिश होने से हरिद्वार, बिजनौर बांध से पानी नरौरा बांध में छोड़ा गया। इससे गंगा का जलस्तर बढ़ने लगा है। पांचालघाट गंगा तट के किनारे बने पंडों के घाटों में पानी भर गया। इससे पंडा अपने घाट से छप्पर, तख्त आदि पूजा की सामग्री हटाकर ऊंचे स्थान पर ले गए। दूसरी ओर गंगा का जलस्तर बढ़ते ही तटवर्ती गांव हरसिंहपुर कायस्थ, ऊगरपुर, तीसराम की मड़ैया, सुंदरपुर, नगला दुर्गू आदि गांव के पास किसानों की उपजाऊ जमीन कटने लगी है।
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सोमवार को नरौरा बांध से गंगा में 42160 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। गंगा का जलस्तर 135.25 मीटर से 35 सेमी बढ़कर 135.60 मीटर पर पहुंच गया है। गंगा का जलस्तर बढ़ने से गंगा के किनारे बसे गांव के ग्रामीणों को बाढ़ का भय सताने लगा है। रामगंगा में भी खो, हरेली, रामनगर, 21045 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
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बाढ़ से बचाव के लिए प्रशासन तैयार
गंगा व रामगंगा में बाढ़ आने से पहले प्रशासन ने कमर कस ली है। अमृतपुर तहसील क्षेत्र में 13 बाढ़ शरणालय, 33 बाढ़ चौकियां बनाई गई हैं। बाढ़ के समय प्रभावित गांव में फंसे लोगों को बचाने के लिए 17 तैराक लगाए गए। 22 नाव नाविक को भी अलर्ट किया गया है। तहसील क्षेत्र में गंगा व रामगंगा से प्रभावित होने वाले 70 गांव लो फ्लड में हैं। मीडियम फ्लड में 48 गांव और हाई फ्लड में 54 गांव रखे गए हैं। कुल 172 गांव है। तहसीलदार शशांक सिंह ने बताया कि बाढ़ से बचाव के लिए तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। सभी कानूनगो व लेखपालों को क्षेत्र में सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। गंगा का जलस्तर बढ़ने लगा है। अभी बाढ़ के हालात कहीं नहीं हैं।