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आरोग्य मेला : विशेषज्ञ तो दूर डॉक्टर भी नहीं पहुंचे
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फर्रुखाबाद। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर माह के तीसरे रविवार को आरोग्य मेले में स्वास्थ्य अधिकारी व विशेषज्ञों को निरीक्षण करने के साथ सेवाएं देने के आदेश हैं। हालात यह हैं कि विशेषज्ञ तो दूर, कई पीएचसी पर डॉक्टर ही नहीं पहुंचे। बुखार के मरीजों की जांच के भी इंतजाम नहीं हैं।
जनपद में शहर के छह व ग्रामीण क्षेत्र के 28 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में आरोग्य मेला लगा। शासन से आदेश हैं कि माह के तीसरे रविवार को विशेष आरोग्य मेला लगेगा। इसमें सीएचसी व जिला अस्पताल के डॉक्टर, विशेषज्ञ व अधिकारी निरीक्षण करने जाएंगे। वह स्वास्थ्य सेवाएं भी देंगे। मरीजों की जांच कर उन्हें बेहतर उपचार देने के आदेश हैं। हालात यह हैं कि नगरीय पीएचसी नवदिया में डॉ.सचिन कटियार ने 62 मरीज देखे। इनमें 11 मरीजों को ठंड के साथ बुखार आ रहा था। इससे मलेरिया की भी आशंका थी। यहां एलटी न होने से किसी मरीज की जांच नहीं हो सकी।
यही हाल पीएचसी आईटीआई का रहा। बढ़पुर ब्लॉक की एकमात्र पीएचसी रमन्ना गुलजार बाग में डॉ.ऋषिनाथ गुप्ता कुछ देर रुकने के बाद चले गए। इससे 41 में अधिकतर मरीज फार्मासिस्ट अरविंद यादव ने देखे। यहां भी एलटी न होने मरीजों की जांच नहीं हो सकी। हकीकत यह है कि कोई भी स्वास्थ्य अधिकारी न तो निरीक्षण करने जा रहा है और न ही व्यवस्थाएं सुधारने का प्रयास है।
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एलए व वार्ड बॉय के भरोसे आरोग्य मेला
कंपिल। क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बरखेड़ा में लगे आरोग्य मेले में न तो कोई डॉक्टर पहुंचा और न ही फार्मासिस्ट। लैब सहायक अनूप कुमार ने आरोग्य मेले में आए 25 मरीज देखकर दवा दी। उनके सहयोग में वार्ड बॉय शैलेंद्र सिंह रहे। इससे शासनादेश कागजों तक ही सीमित रहा। शमसाबाद क्षेत्र की पीएचसी चिलसरा में डॉक्टर व एलटी पहुंचे ही नहीं। फार्मासिस्ट नरेंद्र राजपूत ने 65 मरीज देखकर दवाई दी। किसी मरीज की जांच नहीं हो सकी।
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जनपद में शहर के छह व ग्रामीण क्षेत्र के 28 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में आरोग्य मेला लगा। शासन से आदेश हैं कि माह के तीसरे रविवार को विशेष आरोग्य मेला लगेगा। इसमें सीएचसी व जिला अस्पताल के डॉक्टर, विशेषज्ञ व अधिकारी निरीक्षण करने जाएंगे। वह स्वास्थ्य सेवाएं भी देंगे। मरीजों की जांच कर उन्हें बेहतर उपचार देने के आदेश हैं। हालात यह हैं कि नगरीय पीएचसी नवदिया में डॉ.सचिन कटियार ने 62 मरीज देखे। इनमें 11 मरीजों को ठंड के साथ बुखार आ रहा था। इससे मलेरिया की भी आशंका थी। यहां एलटी न होने से किसी मरीज की जांच नहीं हो सकी।
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यही हाल पीएचसी आईटीआई का रहा। बढ़पुर ब्लॉक की एकमात्र पीएचसी रमन्ना गुलजार बाग में डॉ.ऋषिनाथ गुप्ता कुछ देर रुकने के बाद चले गए। इससे 41 में अधिकतर मरीज फार्मासिस्ट अरविंद यादव ने देखे। यहां भी एलटी न होने मरीजों की जांच नहीं हो सकी। हकीकत यह है कि कोई भी स्वास्थ्य अधिकारी न तो निरीक्षण करने जा रहा है और न ही व्यवस्थाएं सुधारने का प्रयास है।
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एलए व वार्ड बॉय के भरोसे आरोग्य मेला
कंपिल। क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बरखेड़ा में लगे आरोग्य मेले में न तो कोई डॉक्टर पहुंचा और न ही फार्मासिस्ट। लैब सहायक अनूप कुमार ने आरोग्य मेले में आए 25 मरीज देखकर दवा दी। उनके सहयोग में वार्ड बॉय शैलेंद्र सिंह रहे। इससे शासनादेश कागजों तक ही सीमित रहा। शमसाबाद क्षेत्र की पीएचसी चिलसरा में डॉक्टर व एलटी पहुंचे ही नहीं। फार्मासिस्ट नरेंद्र राजपूत ने 65 मरीज देखकर दवाई दी। किसी मरीज की जांच नहीं हो सकी।