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आरोग्य मेला : डीएम को डॉक्टर मिले न मरीज
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प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नौलक्खा में डॉक्टर से जानकारी करते डीएम। संवाद
- फोटो : FARRUKHABAD
फर्रुखाबाद। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर रविवार को लगे मुख्यमंत्री आरोग्य मेलों की हकीकत देखने डीएम निकले तो स्थिति देख चौक गए। उन्हें मौके पर न डॉक्टर मिले और न ही मरीज। अव्यवस्थाएं देख डीएम ने कड़ी फटकार लगाई। अनुपस्थित डॉक्टरों और कर्मचारियों का वेतन रोकते हुए स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश सीएमओ को दिए। जिले के 32 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर 689 मरीजों का उपचार किया गया।
जिले में नगरीय क्षेत्र के चार व ग्रामीण क्षेत्र के 28 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर रविवार को मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेला लगा। डीएम संजय कुमार सिंह ने दोपहर में नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण किया। भोलेपुर पीएचसी पर डॉ. संध्या वर्मा, डॉ. स्मिता शाक्य, सीएचओ अंजली गैरहाजिर थीं। कोई मरीज भी नहीं था। पेट में गैस और दर्द से संबंधित मात्र चार मरीजों का उपचार किया गया था। 10 लोगों का कोविड टीकाकरण हुआ। वह मरीज भी फार्मासिस्ट अखिलेश ने देखे थे।
जिलाधिकारी ने डॉ. स्मिता शाक्य को फोन कर पूछा कहां हो तो डॉक्टर बोलीं पीएचसी पर। जब डीएम ने कहा कि वह पीएचसी पर ही मौजूद हैं तो डॉक्टर भागती हुईं अस्पताल पहुंचीं। डॉक्टरों के न बैठने से मरीज न आने पर जिलाधिकारी ने सभी को फटकार लगाई और पूरी ड्यूटी करने के निर्देश दिए। इसके बाद वह शहर के पीएचसी साहबगंज पहुंचे।
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डॉ. अंजुला गोस्वामी, डॉ. रामप्रकाश, फार्मासिस्ट रतनेश कुमार, एलटी आर्दश कुमार, पीएचसी नौलक्खा में डॉ. मधु अग्रवाल, एलटी नरेंद्र सिंह और सीएचओ गौरव सक्सेना अनुपस्थित थे। मरीज भी मौके पर नहीं मिले। इस पर स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खुल गई। डीएम संजय कुमार सिंह ने बताया कि अनुपस्थित डॉक्टर व स्वास्थ्य कर्मियों का वेतन रोककर स्पष्टीकरण तलब किया गया है। उन्होंने सभी पीएचसी पर आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को मौजूद रखने के सीएमओ व जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देशित किया है।
जुकाम, बुखार और खुजली के मरीज आए
मोहम्मदाबाद। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खिमसेपुर में दोपहर 1:00 बजे तक कुल 17 मरीज देखे गए। डॉ. सौरभ कटियार मरीज देख रहे, जबकि डॉ. विधात्री मिश्रा अनुपस्थित थीं। पूछताछ में डॉ. सौरभ कटियार ने बताया कि अधिकतर मरीज खुजली, जुकाम और बुखार के हैं। स्वास्थ्य केंद्र पर दवाएं उपलब्ध हैं। एलटी की तैनाती न होने से कोई भी जांच नहीं हो पा रही है।
दो की तैनाती, पहुंचा एक डॉक्टर
शमसाबाद। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र फैजबाग में दोपहर 12.20 बजे डॉ.कल्पना कटियार मरीज वृद्धा को देख रही थीं, जबकि डॉ. विवेक विलियम अनुपस्थित थे। आए 11 मरीजों में खांसी व जुकाम के अधिक थे। एक मरीज बुखार से पीड़ित था। पूछताछ में डॉ. कल्पना कटियार ने बताया कि सभी दवाएं उपलब्ध हैं। कुत्ता काटने पर लगने वाला एंटीरैबीज इंजेक्शन नहीं है।
राजेपुर। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सबलपुर में दोपहर एक बजे ताला लगा था। पीएचसी के बाहर सन्नाटा पसरा था। एमओआईसी राजेपुर डॉ.प्रमित राजपूत को फोन किया तो उन्होंने बताया कि पीएचसी पर डॉ. अनुराग, फार्मासिस्ट प्रभाकर अग्निहोत्री, लैब टेक्नीशियन अवधेश मिश्रा, एएनएम अंजलि, करिश्मा शाक्य की ड्यूटी थी। उन्होंने 27 मरीजों का उपचार करने की सूचना दी है। हो सकता है मरीज न होने की वजह से अस्पताल में ताला दिया गया हो। उन्हें चार बजे तक ड्यूटी देनी चाहिए थी। वह जांच कराकर कार्रवाई के लिए रिपोर्ट सीएमओ को भेजेंगे।
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जिले में नगरीय क्षेत्र के चार व ग्रामीण क्षेत्र के 28 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर रविवार को मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेला लगा। डीएम संजय कुमार सिंह ने दोपहर में नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण किया। भोलेपुर पीएचसी पर डॉ. संध्या वर्मा, डॉ. स्मिता शाक्य, सीएचओ अंजली गैरहाजिर थीं। कोई मरीज भी नहीं था। पेट में गैस और दर्द से संबंधित मात्र चार मरीजों का उपचार किया गया था। 10 लोगों का कोविड टीकाकरण हुआ। वह मरीज भी फार्मासिस्ट अखिलेश ने देखे थे।
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जिलाधिकारी ने डॉ. स्मिता शाक्य को फोन कर पूछा कहां हो तो डॉक्टर बोलीं पीएचसी पर। जब डीएम ने कहा कि वह पीएचसी पर ही मौजूद हैं तो डॉक्टर भागती हुईं अस्पताल पहुंचीं। डॉक्टरों के न बैठने से मरीज न आने पर जिलाधिकारी ने सभी को फटकार लगाई और पूरी ड्यूटी करने के निर्देश दिए। इसके बाद वह शहर के पीएचसी साहबगंज पहुंचे।
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डॉ. अंजुला गोस्वामी, डॉ. रामप्रकाश, फार्मासिस्ट रतनेश कुमार, एलटी आर्दश कुमार, पीएचसी नौलक्खा में डॉ. मधु अग्रवाल, एलटी नरेंद्र सिंह और सीएचओ गौरव सक्सेना अनुपस्थित थे। मरीज भी मौके पर नहीं मिले। इस पर स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खुल गई। डीएम संजय कुमार सिंह ने बताया कि अनुपस्थित डॉक्टर व स्वास्थ्य कर्मियों का वेतन रोककर स्पष्टीकरण तलब किया गया है। उन्होंने सभी पीएचसी पर आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को मौजूद रखने के सीएमओ व जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देशित किया है।
जुकाम, बुखार और खुजली के मरीज आए
मोहम्मदाबाद। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खिमसेपुर में दोपहर 1:00 बजे तक कुल 17 मरीज देखे गए। डॉ. सौरभ कटियार मरीज देख रहे, जबकि डॉ. विधात्री मिश्रा अनुपस्थित थीं। पूछताछ में डॉ. सौरभ कटियार ने बताया कि अधिकतर मरीज खुजली, जुकाम और बुखार के हैं। स्वास्थ्य केंद्र पर दवाएं उपलब्ध हैं। एलटी की तैनाती न होने से कोई भी जांच नहीं हो पा रही है।
दो की तैनाती, पहुंचा एक डॉक्टर
शमसाबाद। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र फैजबाग में दोपहर 12.20 बजे डॉ.कल्पना कटियार मरीज वृद्धा को देख रही थीं, जबकि डॉ. विवेक विलियम अनुपस्थित थे। आए 11 मरीजों में खांसी व जुकाम के अधिक थे। एक मरीज बुखार से पीड़ित था। पूछताछ में डॉ. कल्पना कटियार ने बताया कि सभी दवाएं उपलब्ध हैं। कुत्ता काटने पर लगने वाला एंटीरैबीज इंजेक्शन नहीं है।
राजेपुर। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सबलपुर में दोपहर एक बजे ताला लगा था। पीएचसी के बाहर सन्नाटा पसरा था। एमओआईसी राजेपुर डॉ.प्रमित राजपूत को फोन किया तो उन्होंने बताया कि पीएचसी पर डॉ. अनुराग, फार्मासिस्ट प्रभाकर अग्निहोत्री, लैब टेक्नीशियन अवधेश मिश्रा, एएनएम अंजलि, करिश्मा शाक्य की ड्यूटी थी। उन्होंने 27 मरीजों का उपचार करने की सूचना दी है। हो सकता है मरीज न होने की वजह से अस्पताल में ताला दिया गया हो। उन्हें चार बजे तक ड्यूटी देनी चाहिए थी। वह जांच कराकर कार्रवाई के लिए रिपोर्ट सीएमओ को भेजेंगे।

लोलेपुर पीएचसी में पसरा सन्नाटा। संवाद- फोटो : FARRUKHABAD