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धान खरीद में मनमानी, तौल में भी हो रहा पक्षपात
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गनीपुर जोगपुर में बंद सरकारी धान क्रय केंद्र। संवाद
- फोटो : FARRUKHABAD
फर्रुखाबाद। शासन व प्रशासन की सख्ती के बावजूद धान की खरीद में मनमानी हो रही है। वहीं धान की तौल में भी पक्षपात से किसानों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। कई केंद्रों पर तो तौल न होने से किसान मंडी में धान 1500 रुपये प्रति क्विंटल बेचने को मजबूर हैं।
धान खरीद के लिए जनपद में 18 क्रय केंद्र संचालित हैं। शासन से धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 1868 व 1888 रुपये प्रति क्विंटल तय है। क्रय केंद्रों पर धान खरीद में मनमानी हावी है।
जल्द तौल कराने के लिए कहीं केंद्र पर किसानों से 150 रुपये प्रति क्विंटल तक मांग की जा रही है, तो कहीं 20 की जगह 40 रुपये प्रति क्विंटल पल्लेदारी वसूली जा रही।
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राजेपुर में संचालित पांच धान क्रय केंद्रों में से आलू संघ का क्रय केंद्र सातनपुर मंडी में शिफ्ट हो चुका है। गांव अलीगढ़ में स्थित यूपी स्टेट एग्रो का क्रय केंद्र एक माह से बंद है।
यहां 700 मीट्रिक टन लक्ष्य के सापेक्ष अब तक मात्र 40 मीट्रिक टन धान ही खरीदा गया। बताया जा रहा है कि केंद्र प्रभारी रामप्रकाश यादव बीमार हैं। राजेपुर में संचालित विपणन शाखा के क्रय केंद्र पर किसानों ने तौल करने में पक्षपात का आरोप लगाया है। इसके अलावा नवाबगंज स्थित गनीपुर जोगपुर क्रय केंद्र बंद है।
राजेपुर क्षेत्र के गांव आसमपुर निवासी धीरेंद्र सिंह ने बताया कि राजेपुर हाट शाखा के क्रय केंद्र से किसानों को कॉल की जाती है, लेकिन तौल में भेदभाव किया जा रहा है। उनका दूसरा नंबर था। उनकी जगह अन्य तीन ट्रालियां तौली जा चुकी हैं।
राजेपुर निवासी मदन चंद का कहना है कि उनका धान 27 नवंबर को तौला जाना था। केंद्र प्रभारी की मनमानी के चलते दूसरे दिन दोपहर बाद तक तौला नहीं जा सका। इससे इंतजार में परेशान होना पड़ रहा है।
नवाबगंज के गांव बलोखर निवासी राजीव पाल का कहना है कि साधन सहकारी समिति गनीपुर जोगपुर पर कई दिनों से खरीद बंद है। वे चक्कर काट रहे हैं। कोई सुनने वाला नहीं है। मजबूरन उन्हें आढ़त पर औने-पौने दामों में धान बेचना पड़ेगा।
गांव नगला धोबियान निवासी पिंटू राजपूत का कहना है कि वह केंद्र के चक्कर काट रहे हैं। घर में शादी है। इससे धान बेचना मजबूरी है। एक-दो दिन में तौल शुरू नहीं होती तो आढ़ती के हाथों धान 1500 रुपये प्रति क्विंटल में बेचना पड़ेगा।
नवाबगंज निवासी मनीष यादव का कहना है कि वह पंजीकरण करा चुके हैं। क्रय केंद्र न खुलने से अपना धान नहीं बेच पा रहे हैं। प्रशासन को इस पर ध्यान देना चाहिए। जिससे किसानों को समर्थन मूल्य का लाभ मिल सके।
‘गनीपुर जोगपुर क्रय केंद्र पर मंगलवार से धान खरीद शुरू हो जाएगी। राजेपुर केंद्र पर तौल में पक्षपात के आरोप व अलीगढ़ में केंद्र बंद रहने के संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराने के साथ जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।’ -विजय कुमार अग्रवाल, एआर कोआपरेटिव
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धान खरीद के लिए जनपद में 18 क्रय केंद्र संचालित हैं। शासन से धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 1868 व 1888 रुपये प्रति क्विंटल तय है। क्रय केंद्रों पर धान खरीद में मनमानी हावी है।
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जल्द तौल कराने के लिए कहीं केंद्र पर किसानों से 150 रुपये प्रति क्विंटल तक मांग की जा रही है, तो कहीं 20 की जगह 40 रुपये प्रति क्विंटल पल्लेदारी वसूली जा रही।
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राजेपुर में संचालित पांच धान क्रय केंद्रों में से आलू संघ का क्रय केंद्र सातनपुर मंडी में शिफ्ट हो चुका है। गांव अलीगढ़ में स्थित यूपी स्टेट एग्रो का क्रय केंद्र एक माह से बंद है।
यहां 700 मीट्रिक टन लक्ष्य के सापेक्ष अब तक मात्र 40 मीट्रिक टन धान ही खरीदा गया। बताया जा रहा है कि केंद्र प्रभारी रामप्रकाश यादव बीमार हैं। राजेपुर में संचालित विपणन शाखा के क्रय केंद्र पर किसानों ने तौल करने में पक्षपात का आरोप लगाया है। इसके अलावा नवाबगंज स्थित गनीपुर जोगपुर क्रय केंद्र बंद है।
राजेपुर क्षेत्र के गांव आसमपुर निवासी धीरेंद्र सिंह ने बताया कि राजेपुर हाट शाखा के क्रय केंद्र से किसानों को कॉल की जाती है, लेकिन तौल में भेदभाव किया जा रहा है। उनका दूसरा नंबर था। उनकी जगह अन्य तीन ट्रालियां तौली जा चुकी हैं।
राजेपुर निवासी मदन चंद का कहना है कि उनका धान 27 नवंबर को तौला जाना था। केंद्र प्रभारी की मनमानी के चलते दूसरे दिन दोपहर बाद तक तौला नहीं जा सका। इससे इंतजार में परेशान होना पड़ रहा है।
नवाबगंज के गांव बलोखर निवासी राजीव पाल का कहना है कि साधन सहकारी समिति गनीपुर जोगपुर पर कई दिनों से खरीद बंद है। वे चक्कर काट रहे हैं। कोई सुनने वाला नहीं है। मजबूरन उन्हें आढ़त पर औने-पौने दामों में धान बेचना पड़ेगा।
गांव नगला धोबियान निवासी पिंटू राजपूत का कहना है कि वह केंद्र के चक्कर काट रहे हैं। घर में शादी है। इससे धान बेचना मजबूरी है। एक-दो दिन में तौल शुरू नहीं होती तो आढ़ती के हाथों धान 1500 रुपये प्रति क्विंटल में बेचना पड़ेगा।
नवाबगंज निवासी मनीष यादव का कहना है कि वह पंजीकरण करा चुके हैं। क्रय केंद्र न खुलने से अपना धान नहीं बेच पा रहे हैं। प्रशासन को इस पर ध्यान देना चाहिए। जिससे किसानों को समर्थन मूल्य का लाभ मिल सके।
‘गनीपुर जोगपुर क्रय केंद्र पर मंगलवार से धान खरीद शुरू हो जाएगी। राजेपुर केंद्र पर तौल में पक्षपात के आरोप व अलीगढ़ में केंद्र बंद रहने के संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराने के साथ जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।’ -विजय कुमार अग्रवाल, एआर कोआपरेटिव

गांव अलीगढ़ में बंद पड़ा सरकारी धान क्रय केंद्र। संवाद- फोटो : FARRUKHABAD