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Farrukhabad News: अनुपम दुबे की कोई साली नहीं तो साढ़ू कहां से आया
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फर्रुखाबाद। फतेहगढ़ के मोहल्ला नगलादीना स्थित लाला पातीराम अग्रवाल धर्मशाला पर कब्जे के मामले में पांच लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। इसमें एक कब्जेदार आरोपी को माफिया अनुपम दुबे का साढ़ू बताया गया। माफिया अनुपम दुबे की कोई साली न होने से साढ़ू का रिश्ता कहां से आया, इसको लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। हालांकि कब्जे का मामला हाई प्रोफाइल बनाने के लिए माफिया अनुपम दुबे का नाम जोड़ने की चर्चा है।
जनपद कानपुर के विष्णुपुरी निवासी सुशील कुमार अग्रवाल ने माफिया अनुपम दुबे के साढ़ू अशोक दुबे, शिवम उर्फ सुलभ दुबे, आकाश, रामअवतार पाठक व अज्ञात के खिलाफ फतेहगढ़ कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई। इसमें आधी रात को जबरन दीवार गिराकर कब्जा करने, धर्मशाला में रखे लोहे के गाटर लूटने, फर्जी दस्तावेजों से धर्मशाला में बिजली का कनेक्शन लेने का आरोप लगाया गया है। हालांकि धर्मशाला की दुकानों पर कब्जा होने और किराया वसूलने की भी बात सामने आ रही है।
लोगों में चर्चा है कि मुख्य मार्ग के किनारे स्थित इस धर्मशाला पर कई ओहदेदारों लोगों की नजरें लगी हैं। इससे कब्जे के मामले को हाई प्रोफाइल बनाने के लिए आरोपियों में से एक को माफिया अनुपम दुबे का साढ़ू बताया गया। माफिया के भाई अनुराग दुबे उर्फ डब्बन ने बताया कि उनकी भाभी मीनाक्षी दुबे की कोई बहन नहीं है तो साढ़ू कहां से आए। इस मामले में पुलिस को गहनता से जांच करनी चाहिए। सीओ सिटी अभय वर्मा ने बताया कि तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की जाती है। इसके बाद विवेचक सभी बिंदुओं पर जांच कर आख्या देता है। यदि किसी आरोपी को अनुपम दुबे का साढ़ू बताया गया है और अनुपम दुबे की कोई साली नहीं है तो पूरे प्रकरण की गहनता से जांच कराई जाएगी।
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जनपद कानपुर के विष्णुपुरी निवासी सुशील कुमार अग्रवाल ने माफिया अनुपम दुबे के साढ़ू अशोक दुबे, शिवम उर्फ सुलभ दुबे, आकाश, रामअवतार पाठक व अज्ञात के खिलाफ फतेहगढ़ कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई। इसमें आधी रात को जबरन दीवार गिराकर कब्जा करने, धर्मशाला में रखे लोहे के गाटर लूटने, फर्जी दस्तावेजों से धर्मशाला में बिजली का कनेक्शन लेने का आरोप लगाया गया है। हालांकि धर्मशाला की दुकानों पर कब्जा होने और किराया वसूलने की भी बात सामने आ रही है।
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लोगों में चर्चा है कि मुख्य मार्ग के किनारे स्थित इस धर्मशाला पर कई ओहदेदारों लोगों की नजरें लगी हैं। इससे कब्जे के मामले को हाई प्रोफाइल बनाने के लिए आरोपियों में से एक को माफिया अनुपम दुबे का साढ़ू बताया गया। माफिया के भाई अनुराग दुबे उर्फ डब्बन ने बताया कि उनकी भाभी मीनाक्षी दुबे की कोई बहन नहीं है तो साढ़ू कहां से आए। इस मामले में पुलिस को गहनता से जांच करनी चाहिए। सीओ सिटी अभय वर्मा ने बताया कि तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की जाती है। इसके बाद विवेचक सभी बिंदुओं पर जांच कर आख्या देता है। यदि किसी आरोपी को अनुपम दुबे का साढ़ू बताया गया है और अनुपम दुबे की कोई साली नहीं है तो पूरे प्रकरण की गहनता से जांच कराई जाएगी।
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