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शहर में अन्ना गोवंश राहगीरों के लिए बने मुसीबत
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कचहरी रोड फतेहगढ़ में सड़कों पर घूम रहे अन्ना मवेशी।
- फोटो : FARRUKHABAD
राहगीरों के लिए मुसीबत बने अन्ना गोवंश
फर्रुखाबाद। शहर में अन्ना गोवंश राहगीरों के लिए मुसीबत बने हैं। गोशाला निर्माण में करोड़ों खर्च के बावजूद लोगों की दिक्कतें कम नहीं हुईं। मुख्य मार्ग से लेकर तिराहों-चौराहों तक गोवंश के झुंड घूमते रहते हैं। प्रशासन न तो पशु पालकों पर सख्ती बरत पाया और न ही गोवंश की धरपकड़ का अभियान ही चल रहा है। इससे लोग परेशान हैं।
जनपद में करोड़ों रुपये खर्च कर 25 गोशालाओं का निर्माण कराया गया है। नगरपालिका की ओर से पहले धर्मपुर कटरी में गोशाला संचालित की जा रही थी। अब मोहम्मदाबाद के गांव सकवाई में करीब डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से कान्हा गोशाला का निर्माण कराया गया है। इसमें 422 गोवंश रखे जा रहे हैं।
कई माह से शहर में नगरपालिका की ओर से गोवंश के पकड़ने के लिए अभियान नहीं चलाया गया है। इन दिनों हालात ये हैं कि मुख्य मार्ग से लेकर चौराहों, गली-मोहल्लों में अन्ना गोवंश घूम रहे हैं। इनमें अधिकांश गाय व सांड़ हैं। कई बार तो राहगीर गोवंश से टकराकर घायल हो चुके हैं।
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वहीं पशुपालक भी दूध निकालकर गायों को घर से छोड़ देते हैं। वह भी अन्ना गोवंश के झुंड में शामिल हो जाती हैं। फतेहगढ़ चौराहे से कचहरी रोड पर तो रात-दिन गोवंश घूमते रहते हैं। इससे वाहनों चालकों को हर समय दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
सर्दी अधिक पड़ने से गोवंश का धरपकड़ अभियान नहीं चल सका। सकवाई स्थित कान्हा गोशाला में 422 गोवंश रखे जा रहे हैं। गोशाला की क्षमता 500 गोवंश रखने की है। शीघ्र की पशुपालकों को नोटिस देने के साथ धरपकड़ अभियान चलाया जाएगा। - रविंद्र कुमार, ईओ, नगर पालिका
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फर्रुखाबाद। शहर में अन्ना गोवंश राहगीरों के लिए मुसीबत बने हैं। गोशाला निर्माण में करोड़ों खर्च के बावजूद लोगों की दिक्कतें कम नहीं हुईं। मुख्य मार्ग से लेकर तिराहों-चौराहों तक गोवंश के झुंड घूमते रहते हैं। प्रशासन न तो पशु पालकों पर सख्ती बरत पाया और न ही गोवंश की धरपकड़ का अभियान ही चल रहा है। इससे लोग परेशान हैं।
जनपद में करोड़ों रुपये खर्च कर 25 गोशालाओं का निर्माण कराया गया है। नगरपालिका की ओर से पहले धर्मपुर कटरी में गोशाला संचालित की जा रही थी। अब मोहम्मदाबाद के गांव सकवाई में करीब डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से कान्हा गोशाला का निर्माण कराया गया है। इसमें 422 गोवंश रखे जा रहे हैं।
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कई माह से शहर में नगरपालिका की ओर से गोवंश के पकड़ने के लिए अभियान नहीं चलाया गया है। इन दिनों हालात ये हैं कि मुख्य मार्ग से लेकर चौराहों, गली-मोहल्लों में अन्ना गोवंश घूम रहे हैं। इनमें अधिकांश गाय व सांड़ हैं। कई बार तो राहगीर गोवंश से टकराकर घायल हो चुके हैं।
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वहीं पशुपालक भी दूध निकालकर गायों को घर से छोड़ देते हैं। वह भी अन्ना गोवंश के झुंड में शामिल हो जाती हैं। फतेहगढ़ चौराहे से कचहरी रोड पर तो रात-दिन गोवंश घूमते रहते हैं। इससे वाहनों चालकों को हर समय दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
सर्दी अधिक पड़ने से गोवंश का धरपकड़ अभियान नहीं चल सका। सकवाई स्थित कान्हा गोशाला में 422 गोवंश रखे जा रहे हैं। गोशाला की क्षमता 500 गोवंश रखने की है। शीघ्र की पशुपालकों को नोटिस देने के साथ धरपकड़ अभियान चलाया जाएगा। - रविंद्र कुमार, ईओ, नगर पालिका