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फर्रुखाबादः डीआईओएस पर भ्रष्टाचार के आरोप, जांच की मांग
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फर्रुखाबाद। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के नेताओं ने जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। इसको लेकर डीएम को ज्ञापन देकर जांच कराने की मांग की है।
जिलाधिकारी को दिए ज्ञापन में कहा कि डीआईओएस डॉ. आदर्श कुमार त्रिपाठी को जिले में तैनात हुए तीन वर्ष हो गए हैं। आरोप है कि वह बिना रिश्वत लिए शिक्षकों का कोई काम नहीं करते हैं। शिक्षकों से कई बार अभद्रता भी कर चुके हैं।
इसकी शिकायत विधानसभा निर्वाचन के समय जिला प्रभारी एमएलसी अरुण पाठक से की थी, इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। वेतन बजट होने के बावजूद शिक्षकों को माह के अंत में भुगतान किया जाता है। अप्रैल माह का वेतन एक-एक हजार रुपये प्रति विद्यालय से लेने के बाद भुगतान किया गया।
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31 मार्च 2022 को 30 शिक्षक सेवानिवृत्त हुए थे। आरोप लगाया कि सभी के जीपीएफ भुगतान का आदेश उप शिक्षा निदेशक कानपुर से आने के बाद 10-10 हजार रुपये लेकर पत्रावलियां कोषागार में भेजी गईं।। चयन वेतनमान, प्रोन्नति वेेतनमान, पदोन्नति प्रकरण वर्षों से लंबित है।
इनके निस्तारण में भी सुविधा शुल्क लिया जाता है। स्वामी रामानंद बालिका इंटर कॉलेज के शिक्षकों का जून का वेतन और इसी विद्यालय से संबद्ध प्राइमरी विभाग का मई 2022 से जुलाई तक का वेतन भुगतान नहीं किया जा रहा है। डीएम से जांच कराकर कार्रवाई करने की मांग उठाई है।
इस दौरान जिलाध्यक्ष लालाराम दुबे, जिलामंत्री नरेंद्र पाल सिंह सोलंकी, संतोष दुबे, सत्येंद्र सिंह, प्रदीप जायसवाल, अजय कुमार सक्सेना, मयंक रस्तोगी, विश्व प्रकाश दीक्षित समेत अन्य शिक्षक मौजूद रहे। डीआईओएस डॉ. आदर्श कुमार त्रिपाठी ने बताया कि रामानंद बालिका इंटर कॉलेज की जांच चल रही है। इसी कारण दबाव बनाने के लिए शिक्षक संगठन बेबुनियाद आरोप लगा रहा है। सभी आरोप गलत हैं। वह जांच के लिए तैयार हैं।
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जिलाधिकारी को दिए ज्ञापन में कहा कि डीआईओएस डॉ. आदर्श कुमार त्रिपाठी को जिले में तैनात हुए तीन वर्ष हो गए हैं। आरोप है कि वह बिना रिश्वत लिए शिक्षकों का कोई काम नहीं करते हैं। शिक्षकों से कई बार अभद्रता भी कर चुके हैं।
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इसकी शिकायत विधानसभा निर्वाचन के समय जिला प्रभारी एमएलसी अरुण पाठक से की थी, इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। वेतन बजट होने के बावजूद शिक्षकों को माह के अंत में भुगतान किया जाता है। अप्रैल माह का वेतन एक-एक हजार रुपये प्रति विद्यालय से लेने के बाद भुगतान किया गया।
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31 मार्च 2022 को 30 शिक्षक सेवानिवृत्त हुए थे। आरोप लगाया कि सभी के जीपीएफ भुगतान का आदेश उप शिक्षा निदेशक कानपुर से आने के बाद 10-10 हजार रुपये लेकर पत्रावलियां कोषागार में भेजी गईं।। चयन वेतनमान, प्रोन्नति वेेतनमान, पदोन्नति प्रकरण वर्षों से लंबित है।
इनके निस्तारण में भी सुविधा शुल्क लिया जाता है। स्वामी रामानंद बालिका इंटर कॉलेज के शिक्षकों का जून का वेतन और इसी विद्यालय से संबद्ध प्राइमरी विभाग का मई 2022 से जुलाई तक का वेतन भुगतान नहीं किया जा रहा है। डीएम से जांच कराकर कार्रवाई करने की मांग उठाई है।
इस दौरान जिलाध्यक्ष लालाराम दुबे, जिलामंत्री नरेंद्र पाल सिंह सोलंकी, संतोष दुबे, सत्येंद्र सिंह, प्रदीप जायसवाल, अजय कुमार सक्सेना, मयंक रस्तोगी, विश्व प्रकाश दीक्षित समेत अन्य शिक्षक मौजूद रहे। डीआईओएस डॉ. आदर्श कुमार त्रिपाठी ने बताया कि रामानंद बालिका इंटर कॉलेज की जांच चल रही है। इसी कारण दबाव बनाने के लिए शिक्षक संगठन बेबुनियाद आरोप लगा रहा है। सभी आरोप गलत हैं। वह जांच के लिए तैयार हैं।