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महिला की हत्या कर शव झाड़ियों में फेंका
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टना स्थल पर छानवीन करती पुलिस। संवाद
- फोटो : FARRUKHABAD
संकिसा। महिला की हत्या कर शव झाड़ियों में फेंक दिया गया। सुबह खोजबीन किए जाने पर शव पड़ा मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने छानबीन की। परिजनों ने किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया है। पुलिस की शक की सुई नजदीकी लोगों पर टिकी है।
मेरापुर थाना क्षेत्र के गांव पुनपालपुर निवासी बालजीत अपनी पत्नी मोमा देवी उर्फ महादेवी राजपूत (56) के साथ गांव से करीब छह सौ मीटर दूरी पर अपने नलकूप पर झोपड़ी डालकर रहते थे। रात करीब तीन बजे सर्दी लगने पर मोमा देवी बालजीत को कंबल ओढ़ाकर चाय बनाने के लिए घर से दूध लेने की बात कहकर चली गईं। इसके बाद वह वापस झोपड़ी में नहीं पहुंचीं। सुबह बालजीत ने घर पर जानकारी की तो पता चला कि मोमा देवी वहां नहीं पहुंचीं हैं।
इस पर परिजनों ने खोजबीन शुरू की तो उनके बड़ेे बेटे हरीराम को उनका शव नलकूप से करीब 50 मीटर की दूरी पर झाड़ियों में पड़ा मिला। उनके चेहरे व सिर पर चोट के निशान थे। उनसे खून बह रहा था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने डाग स्क्वायड की मदद ली। फोरेंसिक टीम ने नमूने लिए। परिजनों ने किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया। पूछताछ में हरीराम ने बताया कि मां घर नहीं पहुंची थीं।
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पिता से जानकारी की तो उन्होंने घर जाने की बात कही थी। इसके बाद खोजबीन की। पुलिस की शक नजदीकी लोगों पर ही है। बालजीत ने अभी किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया है। मोमा देवी के हरीराम, मानिक चंद्र व आलोक पुत्र हैं। सभी घर पर रहकर खेती करते हैं। सूत्रों के मुताबिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला घोट कर हत्या किए जाने की पुष्टि की गई है। सिर, चेहरे व शरीर चोटों के निशान मिले हैं।
प्रभारी थानाध्यक्ष सुरेश चंद्र ने बताया कि परिजनों ने किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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मेरापुर थाना क्षेत्र के गांव पुनपालपुर निवासी बालजीत अपनी पत्नी मोमा देवी उर्फ महादेवी राजपूत (56) के साथ गांव से करीब छह सौ मीटर दूरी पर अपने नलकूप पर झोपड़ी डालकर रहते थे। रात करीब तीन बजे सर्दी लगने पर मोमा देवी बालजीत को कंबल ओढ़ाकर चाय बनाने के लिए घर से दूध लेने की बात कहकर चली गईं। इसके बाद वह वापस झोपड़ी में नहीं पहुंचीं। सुबह बालजीत ने घर पर जानकारी की तो पता चला कि मोमा देवी वहां नहीं पहुंचीं हैं।
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इस पर परिजनों ने खोजबीन शुरू की तो उनके बड़ेे बेटे हरीराम को उनका शव नलकूप से करीब 50 मीटर की दूरी पर झाड़ियों में पड़ा मिला। उनके चेहरे व सिर पर चोट के निशान थे। उनसे खून बह रहा था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने डाग स्क्वायड की मदद ली। फोरेंसिक टीम ने नमूने लिए। परिजनों ने किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया। पूछताछ में हरीराम ने बताया कि मां घर नहीं पहुंची थीं।
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पिता से जानकारी की तो उन्होंने घर जाने की बात कही थी। इसके बाद खोजबीन की। पुलिस की शक नजदीकी लोगों पर ही है। बालजीत ने अभी किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया है। मोमा देवी के हरीराम, मानिक चंद्र व आलोक पुत्र हैं। सभी घर पर रहकर खेती करते हैं। सूत्रों के मुताबिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला घोट कर हत्या किए जाने की पुष्टि की गई है। सिर, चेहरे व शरीर चोटों के निशान मिले हैं।
प्रभारी थानाध्यक्ष सुरेश चंद्र ने बताया कि परिजनों ने किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।