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Farrukhabad News: 30 साल बाद दो लुटेरों को सात-सात साल की कैद
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फर्रुखाबाद। 30 वर्ष पहले जल निगम ठेकेदार से तमंचे के बल पर 500 रुपये लूटने में दो दोषियों को कोर्ट ने सात वर्ष की कैद सुनाई है। दोषियों पर 42-42 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।
कंपिल थाना क्षेत्र के गांव मेदपुर निवासी सुरेश चंद्र जल निगम में ठेकेदारी करते थे। वह गांव में हैंडपंप लगाने का काम करते थे। 21 जुलाई 1994 को सुरेश चंद्र गांव सिकंदरपुर खास निवासी मोहम्मद रफीक के साथ बाइक से घर आ रहे थे। वह चमन नगरिया गूजरपुर गांव के बीच पहुंचे, तभी चार लोगों ने तमंचे के बल पर बाइक रोक ली।
इन लोगों ने 500 रुपये व प्रपत्र लूट लिए। सुरेश चंद्र व रफीक के हाथ-पैर बांध कर उनको बाग में फेंक दिया। बाइक भी लेकर चले गए। विवेचक ने इस मामले में गांव गूजरपुर निवासी उमेश, राजबहादुर, कल्लू, पन्नालाल, हरवीर के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। मुकदमे की सुनवाई के दौरान आरोपी कल्लू, पन्नालाल की मौत हो गई। गुरुवार को मुकदमे की सुनवाई कर रहे न्यायाधीश राकेश कुमार ने गवाह व साक्ष्य के आधार पर आरोपी उमेश व राजबहादुर को दोषी करार किया था।
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साक्ष्य के अभाव में हरवीर को दोषमुक्त कर दिया। सोमवार को न्यायाधीश ने दोषी उमेश, राजबहादुर को सात-सात वर्ष कठोर कारावास की सजा सुनाई। दोषियों को 42-42 हजार रुपये अर्थदंड के रूप में जमा करने के आदेश दिए। अर्थदंड नहीं जमा करने पर दोषियों को एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। अभियोजन पक्ष की ओर से कृष्ण कुमार पांडेय ने दलीलें दीं।
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कंपिल थाना क्षेत्र के गांव मेदपुर निवासी सुरेश चंद्र जल निगम में ठेकेदारी करते थे। वह गांव में हैंडपंप लगाने का काम करते थे। 21 जुलाई 1994 को सुरेश चंद्र गांव सिकंदरपुर खास निवासी मोहम्मद रफीक के साथ बाइक से घर आ रहे थे। वह चमन नगरिया गूजरपुर गांव के बीच पहुंचे, तभी चार लोगों ने तमंचे के बल पर बाइक रोक ली।
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इन लोगों ने 500 रुपये व प्रपत्र लूट लिए। सुरेश चंद्र व रफीक के हाथ-पैर बांध कर उनको बाग में फेंक दिया। बाइक भी लेकर चले गए। विवेचक ने इस मामले में गांव गूजरपुर निवासी उमेश, राजबहादुर, कल्लू, पन्नालाल, हरवीर के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। मुकदमे की सुनवाई के दौरान आरोपी कल्लू, पन्नालाल की मौत हो गई। गुरुवार को मुकदमे की सुनवाई कर रहे न्यायाधीश राकेश कुमार ने गवाह व साक्ष्य के आधार पर आरोपी उमेश व राजबहादुर को दोषी करार किया था।
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साक्ष्य के अभाव में हरवीर को दोषमुक्त कर दिया। सोमवार को न्यायाधीश ने दोषी उमेश, राजबहादुर को सात-सात वर्ष कठोर कारावास की सजा सुनाई। दोषियों को 42-42 हजार रुपये अर्थदंड के रूप में जमा करने के आदेश दिए। अर्थदंड नहीं जमा करने पर दोषियों को एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। अभियोजन पक्ष की ओर से कृष्ण कुमार पांडेय ने दलीलें दीं।